सहजन जिसको मोरिंगा के नाम से भी जाना जाता है। इसका वानस्पतिक नाम मोरिंगा ओलिफेरा है। इसे हिंदी में सहजना, सुरजना, सेंजन और मुनगा आदि नामों से जाना जाता है। सहजन को अंग्रेजी में ड्रमस्टिक भी कहा जाता है। यह एक बहुउपयोगी पेड़ है। इसके सभी भाग फल, फूल, पत्तियों, बीजों में अनेक पोषक तत्व होते हैं। इसलिए इसका उपयोग कई प्रकार से किया जाता है। इसकी खेती करने से काफी लाभ प्राप्त होता है।
15-10-2024
बायोचार बनाने व प्रयोग करने की यह तकनीक लगभग 2,000 साल पुरानी है। इसके द्वारा कृषि अपशिष्ट पदार्थों को मृदा सुधारक के रूप में बदल दिया जाता है, जो कि कार्बन को मृदा में पकड़े रखता है। यह खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देता है और मृदा की जैव विविधता में वृद्धि करता है। इस तकनीक द्वारा वनों की कटाई पर भी रोक लगती है।
22-03-2024
हर क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या AI को लेकर तरह-तरह के प्रयोग हो रहे हैं। इसी कड़ी में खेती-किसानी के क्षेत्र में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग किया गया है। किसान तक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र के बारामती जिले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तकनीकी से फसलें उगाई गई हैं। बारामती में पहली बार कृषि में किया गया यह प्रयोग सफल भी रहा है।
04-02-2024
कृषि विज्ञान केन्द्र, बैतूल में दिनांक 02 फरवरी 2024 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बैतूल अक्षत जैन द्वारा केन्द्र का भ्रमण किया एवं जिले मे काफी उत्पादन की संभवनाओं पर केन्द्र के वैज्ञानिकों से विचार विमर्ष किया भ्रमण के दौराण श्री जैन ने फसल संग्रहालय, प्राकृतिक खेती इकाई, प्रदर्शनी कक्ष, बकरी पालन, बटेर पालन, मातृवृक्ष उद्यान, आदि विभिन्न इकाइयों का अवलोकन किया। केंन्द्र प्रमुख डॉ. व्ही. के. वर्मा द्वारा केन्द्र की विभिन्न परियोजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की।
04-02-2024
हिन्दू संस्कृति में राम द्वारा किया गया आदर्श शासन 'राम राज्य' के नाम से प्रसिद्ध है। राम के राज्य में जनता हर तरह से सुखी और समृद्ध थी। लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सबकुछ दांव पर लगा दिया जाता था। जीने का अधिकार और सुरक्षा-न्याय का अधिकार सभी को मिला था। राम के त्रेता युग में भारत में खेती किसानी बहुत ही उन्नत किस्म की मानी जाती थी।
25-01-2024
अमरूद मिर्टेन्सी कुल का पौधा है जो सिडियम वंश के अंतर्गत आता है। इसका वैज्ञानिक नाम सिडियम ग्वाजावा है। इसका उत्पत्ति स्थान उष्ण कटिबंधीय अमेरिका को माना जाता है। अमरुद भारत का एक प्रसिद्ध फल है| अमरूद ताजे रूप में खाने के अलावा कई मूल्यवर्धक उत्पाद जैसे जैम, जैली, आर.टी.एस., आईसक्रीम, चीज, टाफी इत्यादि बनाने के लिए भी उपयोग में लाया जाता है।
29-11-2023
भारत ने पिछले चार दशकों में गेहूं उत्पादन में उपलब्धि हासिल की है। गेहूं का उत्पादन साल 1964-65 में जहां सिर्फ 12.26 मिलियन टन था, जो बढ़कर साल 2019-20 में 107.18 मिलियन टन के एक ऐतिहासिक उत्पादन शिखर पर पहुंच गया है। भारत की जनसंख्या को खाद्य एवं पोषण सुरक्षा प्रदान करने के लिए गेहूँ के उत्पादन व उत्पादकता में निरन्तर वृद्धि की आवश्यकता है।
14-10-2023
कृषि विज्ञान केन्द्र के ग्वालियर प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ राज सिंह कुशवाह के अनुसार चने की उन्नतिशील प्रजातियां:- RVG-202, RVG-203, RVG -204, पूसा मानव, पूसा पारवती एवं पूसा चिकपी -10216। बुवाई के पूर्व बीज को किसी भी फफूंद नाशक से उपचारित अवश्य करें।
14-10-2023
कृषि विज्ञान केन्द्र के ग्वालियर प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ राज सिंह कुशवाह के अनुसार RH -725, RH - 749 एवं गिर्राज ये तीनों किस्में उपयुक्त है। लगभग 20 से 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन क्षमता है। रोगों के प्रति सहनशील हैं। बुवाई के पूर्व बीज को उपचारित अवश्य करें।
14-10-2023
बकरी पालन में असल मुनाफा बकरी के बच्चों से होता है। सालभर जितने बच्चे मिलेंगे उतना ही मोटा मुनाफा होगा। ये बकरी पालन में मुनाफे की बुनियाद भी होते हैं। लेकिन बकरी के बच्चे मुनाफे में तब बदलते हैं जब उनकी मृत्यु दर को कम या फिर पूरी तरह से कंट्रोल किया जाए। केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (सीआईआरजी), मथुरा के साइंटिस्ट की मानें तो मृत्यु दर कम करने की तैयारी बकरी के गर्भधारण से ही शुरू हो जाती है।
11-10-2023
आईसीएआर द्वारा गेहूं की तीन नई किस्में विकसित की गई हैं, जिनपर बढ़ते तापमान का ज्यादा असर नहीं होगा और अच्छा उत्पादन देंगी।
11-10-2023
फूलगोभी की खेती किसान हर एक सीजन में कर सकते हैं। वहीं लोगों के द्वारा फूल गोभी का इस्तेमाल सब्जी, सूप और आचार आदि बनाने के लिए किया जाता है। क्योंकि इस सब्जी में विटामिन-बी की मात्रा के साथ प्रोटीन भी अन्य सब्जियों से कहीं अधिक पाया जाता है। यही वजह है कि बाजार में मांग हमेशा बनी रहती है। वहीं फूलगोभी की खेती के लिए ठंडी और आद्र्र जलवायु आवश्यक होती है। ध्यान रहे कि फूलगोभी की फसल में रोग लगने की संभावना सबसे अधिक होती है।
11-10-2023
भारत में इन दिनों मिलेट्स के उत्पादन और इसकी खपत को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत देश की अलग-अलग संस्थानों के द्वारा मिलेट्स को लेकर कई तरह के कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। इन कायक्रम का मुख्य उद्देश्य यह है कि मोटे अनाजों की खपत में बढ़ोतरी हो सके और इसकी पोषण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वहीं खरीफ फसलों में श्री अन्न एक महत्वपूर्ण फसल है। इसमें पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा तो होती ही है और साथ ही देश के किसान कम वर्षा वाले स्थान से भी इसकी अच्छी उपज प्राप्त कर सकते हैं।
11-10-2023
जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय का 60 वाँ स्थापना दिवस समारोह का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र छिन्दवाड़ा में किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय पर आयोजित स्थापना समारोह का आभासी माध्यम से प्रसारण केंद्र में किया गया। विश्वविद्यालय द्वारा छिंदवाड़ा ज़िले के कृषक संतोष डोंगरे ग्राम इक़लबिहरी विकासखंड मोहखेड़ को जवाहर कृषक फैलो सम्मान एवं सरिता धुर्वे ग्राम मोया विकासखंड बिछुआ से आदिवासी महिला कृषक फैलो सम्मान से सम्मानित किया गया।
10-10-2023
भारत में राजमा की डिमांड काफी ज्यादा है, जो कई व्यंजनों में इस्तेमाल होता है। भारत में सबसे ज्यादा मशहूर हिमालयन रीजन में उगने वाला राजमा है, जिसके निर्यात देशभर में किया जाता है। ऐसे में यह किसानों के लिए काफी बढ़िया खेती का विकल्प हो सकता है। राजमा एक प्रकार की दाल है, जिसमें कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं। राजमा में एंटी-ऑक्सिडेंट्स, फाइबर, आयरन, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, सोडियम और कई प्रकार के पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।
02-10-2023
कानपुर के घाटमपुर वाले मॉनसून मंदिर में गुंबद से टपकने वाली बूंदों ने तय कर दिया है इस बार का मानसून नॉर्मल रहेगा। इस मॉनसून मंदिर में भगवान जगन्नाथ की मूर्ति की पूजा होती है। हजारों साल पुराने इस मॉनसून मंदिर के बारे में मान्यता है कि गर्मी में जब चारों तरफ पानी का सूखा रहता है, जेठ बैसख में धरती तपा करती है उस दौरान मॉनसून से पहले इस मंदिर के गुंबद से जो बूंदे टपकती हैं उनके आकार से अंदाजा लग जाता है कि मॉनसून कैसा होगा।
02-10-2023
आलू एक सदाबहार सब्जी होती है। किसान इसकी खेती काफी बड़े मात्रा में कर अच्छा मुनाफा कमाते हैं। किसान आलू के बेहतर उत्पादन के लिए सहफसली तरीके से खेती करते हैं, इससे आलू के पौधों को दूसरी फसल से सुरक्षा मिल जाती है और उनका उत्पादन भी बढ़िया हो जाता है।
01-10-2023
पालक सर्दी के सीजन की अच्छी सब्जी मानी जाती है। इसमें कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर के लिए लाभदायक होते हैं। बता दें कि देश के किसानों के द्वारा पालन की खेती तीनों सीजन यानी रबी, खरीफ और जायद के सीजन में की जाती है।
01-10-2023
लखनऊ स्थित केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान (सीएसएसआरआई) के वैज्ञानिकों ने ऊसर भूमि में सुधार के लिए एक जैव फार्मुलेशन विकसित की है, जिससे ऊसर भूमि में अच्छी पैदावार और रासायनिक उर्वरकों की जरूरत कम होगी। इस फार्मुलेशन का नाम हेलो मिक्स है, और इसमें लवण सहिष्णु जीवाणुओं का उपयोग किया जाता है, जो खेतों में उपज को बढ़ावा देते हैं और ऊसर भूमि की खेती को बेहतर बनाते हैं।
01-10-2023
दलहनी सब्जियों में मटर का अपना एक महत्वपूर्ण स्थान है। मटर की खेती से जहां एक ओर कम समय में पैदावार प्राप्त की जा सकती है वहीं ये भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने में भी सहायक है। फसल चक्र के अनुसार यदि इसकी खेती की जाए तो इससे भूमि उपजाऊ बनती है।
17-09-2023
मप्र सरकार द्वारा किसानों को सस्ते में कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिए कृषि यंत्र अनुदान योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत किसानों को खेती में काम आने वाले टॉप 10 कृषि यंत्रों पर सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। इसके लिए विभाग की ओर से लक्ष्य जारी कर दिए गए हैं। किसान लक्ष्य के अनुसार इस योजना के तहत सब्सिडी पर कृषि यंत्र खरीदने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
20-07-2023
चन्दन की खेती किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। चंदन के औषधीय गुण के कारण देश ही नहीं विदेशों में भी बहुत मांग है। चन्दन की खेती कम परिश्रम एवं अत्यधिक लाभ देने में सक्षम है
27-06-2023
सिवनी जिले में कई आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र हैं जो जंगलों से घिरे हैं और प्राकृतिक वातावरण से परिपूर्ण है। जिले में प्राप्त औषधियों में कई गुण विद्यमान रहते हैं। जो बड़े-बड़े असाध्य रोगों से लोगों को निजात दिलाते हैं। वहीं कई जगह वन संपदा को नुकसान पहुंचाया जाता है जिसके नतीजा यह होता है कि औषधियों की संख्या घट जाती है। सिर के बाल झडऩे की समस्या दूर करने जंगल मिलने वाली दुर्लभ जटाशंकर औषधि की जड़ का उपयोग होता है।
27-06-2023
भारत में प्राचीन काल से ही पशुपालन व्यवसाय के रुप मे प्रचलित रहा है। भारत में 70फीसदी आबादी ग्रामीण है। 20वीं पशुधन गणना के अनुसार देश में कुल पशुधन आबादी 53578 मिलियन है, जो 2012 की तुलना मे 4.6 प्रतिशत अधिक है।
27-06-2023
किसान अरहर की बुवाई इस सप्ताह कर सकते है। अच्छे अंकुरण के लिए बुवाई के समय खेत में पर्याप्त नमी का ध्यान रखें। बीज किसी प्रमाणित स्रोत से ही खरीदें। अच्छे अंकुरण के लिए खेत में पर्याप्त नमी होनी आवश्यक है।
20-06-2023
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली ने खरीफ फसलों की बुआई को लेकर सलाह जारी की है। कृषि अनुसंधान संस्थान ने अभी किसानों को धान की नर्सरी तैयार करने की सलाह दी है। इसके अतिरिक्त अधिक उपज देने वाली किस्मों के चयन, बीजों के उपचार को लेकर आवश्यक सलाह दी है।
20-06-2023
समस्त पालतु पशु ब्रूसेल्लोसिस रोग के प्रति संवेदनशील होते हैं। गाय, भैंस, भेड़, बकरी एवं शूकरों में इस रोग का प्रकोप अत्यधिक होता है। ब्रूसेल्लोसिस रोग पशुओं से मनुष्य में फैलता है। अतः इस रोग का जन स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत अधिक महत्व है। मनुष्य में यह रोग अंडूलेंट ज्वर, माल्टा ज्वर तथा बैंग्स ज्वर के नाम से जाना जाता है। इस रोग से गौवंश में ग्याभिन पशु अधिकांशतः 6- 9 माह एवं भेड़-बकरी में 3-5 माह में गर्भपात हो जाता है।
13-06-2023
कृषि विज्ञान केंद्र पर आज वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें केंद्र की विगत 6 माह की प्रगति तथा आगामी 6 माह की कार्य योजना का प्रस्तुतीकरण केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ एस पी सिंह द्वारा किया गया। बैठक का आयोजन ऑनलाइन तथा ऑफलाइन, हाइब्रिड मोड में किया गया।
13-06-2023
कृषि विज्ञान केन्द्र उज्जैन मे वैज्ञानिक परामर्शदात्री समिति की बैठक डा.ए.के.शर्मा, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय इंदौर की अध्यक्षता में एवं डाॅ. नीरज हाडा, वैज्ञानिक, संचालक विस्तार सेवायें, रा.वि.सिं.कृषि विष्वविद्यालय ग्वालियर के विशिष्ठ आतिथ्य में दिनांक 08.06.23 को सफलता पूर्वक समपन्न हुई।
08-06-2023
सरकार ने तुअर दाल, उड़द दाल, धान और मक्का सहित कई फसलों पर एमएसपी को बढ़ा दिया है। बता दें, सरकार एमएसपी के जरिए किसानों को उनकी उपज के न्यूनतम मूल्य की गारंटी देती है। केंद्रीय कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
07-06-2023
कृषि विज्ञान केन्द्र, टीकमगढ़ में दिनांक 23 मई 2023 को डा. एस. आर. के. सिंह, निदेशक, कृषि तकनीकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान जोन-9, जबलपुर द्वारा केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डा. बी. एस. किरार एवं अन्य कृषि वैज्ञानिको के साथ प्रदर्शन ईकाईयो, प्राकृतिक खेती एवं श्री अन्न फसलो को जिले में बढ़ावा देने एवं आगामी माह जून के मध्य में वृहत कृषि विज्ञान मेला का आयोजन को दृष्टिगत रखते हुयें बैठक ली गई।
25-05-2023
उन्नत खेती और अधिक उत्पादन के लिये तकनीकी ज्ञान से स्वयं को समृद्ध करें। उन्होंने कृषि महाविद्यालय इंदौर में बुधवार को मालवा किसान मेला-2023 का शुभारंभ किया। मंत्री श्री पटेल ने मेले में किसानों को कृषि रत्न सम्मान से सम्मानित किया और किसान मेले का अवलोकन भी किया। मेले में दर्शन सिंह चौधरी, महिपाल सिंह, अन्य जन-प्रतिनिधि और कृषक उपस्थित थे।
25-05-2023
मध्यप्रदेश में निराश्रित गायों को समुचित संरक्षण देने के लिए अब गोवंश वन्य विहार बनाए जाएंगे। गोसदन को प्रदेश सरकार फिर शुरू करने जा रही है। इनका नाम गोवंश वन्य विहार होगा। ऐसे 10 वन्य विहार शुरू किए जाएंगे। यह जंगल से जुड़ी राजस्व भूमि में होंगे, जिससे गोवंशीय पशुओं को चरने के लिए जंगल में छोड़ा जा सके। एक वन्य विहार में पांच हजार से अधिक गोवंशीय पशुओं को रखने की व्यवस्था होगी।
25-05-2023
एक वैज्ञानिक ने बताया कि आम के एक ही पेड़ पर एक दर्जन प्रजातियों के फल उगाने की यह तकनीक ग्राफ्टिंग के जरिए काफी पहले विकसित कर ली गई है, लेकिन अब पहली बार किसानों को इस तकनीक का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद किसानों को इसके लिए पौधे भी उपलब्ध कराए जाएंगे और खेती के दौरान उन्हें तकनीकी मदद भी दी जाएगी।
24-05-2023
कृषि विज्ञान केंद्र, टीकमगढ़ के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ बी.एस. किरार साथ ही केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. सुनील कुमार जाटव, डॉ. आर के प्रजापति, डॉ. आई.डी. सिंह एवं जयपाल छिगारहा द्वारा किसानों को बताया गया कि खरीफ में फसलों के अधिक उत्पादन हेतु उन्नत किस्मों के चयन एवं व्यवस्था बुबाई से 15 से 20 दिन पूर्व कर लेना चाहिए अधिकांशत: किसान मानसून आने पर खरीफ की बुवाई शुरू होने पर बीज की व्यवस्था करने के लिए किसान दौड़-धूप करता है उस समय तत्काल अच्छा बीज उपलब्ध नहीं हो पाता है और मिलता भी है तो महंगा मिलता है I
21-05-2023
आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र कोटवा पर विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर मधुमक्खी पालकों, किसानों एवं कृषि छात्रों से चर्चा की गई। मीठी क्रांति के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु आवश्यक जानकारी व मधुमक्खियों के पर्यावरण संरक्षण और खाद्य सुरक्षा में योगदान के बारे में विस्तार से बताया गया। पूर्वी उत्तर प्रदेश में मधुमक्खी पालन के लिए माह मई से लेकर सितम्बर तक का समय मुश्किलों से भरा होता है।
20-05-2023
देश में कृषि के अधो-संरचनात्मक विकास पर निरंतर काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों को मुनाफे की खेती कर आत्म-निर्भर बनाने के लिये केन्द्र सरकार विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। केन्द्रीय कृषि एवं किसान-कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने यह बात विश्व मधुमक्खी दिवस पर बालाघाट में हुई राष्ट्रीय कार्यशाला में कही।
20-05-2023
कृषि विज्ञान केंद्र, रीवा, म प्र के प्रमुख डा ए के पांडेय के निर्देशन में केंद्र में विश्व मधुमक्खी दिवस का आयोजन किया गया, जिसमे शहीद मेजर आशीष दुबे शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (सी एम राइज), मनगवा रीवा म प्र के छात्र छात्राओं ने व्यवसायिक प्रशिक्षक आदर्श पटेल एवम प्रियव्रतनाथ तिवारी के साथ भाग लिया।
20-05-2023
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र, नानपारा, बहराइच-।। के वैज्ञानिकों ने कृषकों के प्रक्षेत्र पर गन्ने में आ रही समस्या का निदान किया। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. के. एम. सिंह ने बताया कि पेड़ी गन्ने में हो रहा कंडुआ रोग कैंसर के समान है। अगर समय से इसकी रोकथाम नहीं की गई तो यह हवा के साथ अन्य पौधों में भी फैल जाता है। जिससे अगली पीढ़ी की फसल भी बर्बाद होने की आंशका होती है।
19-05-2023
मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और कीटों, बीमारियों से पौधों को होने वाले नुकसान से बचाने का एकमात्र तत्काल व प्रभावी उपाय केवल रासायनिक खाद और दवाएं है, लेकिन इन जहरीले रसायनों का प्रभाव से फसल को मिलने वाली राहत से कहीं अधिक नुकसान हो रहा है। क्योंकि केवल लाभ पाने की लालसा से संतुलित रासायनिक खादों व कीटनाशकों की संस्तुत मात्रा का प्रयोग न करके अविवेक पूर्ण तरीके से किया जा रहा है। जिससे मिट्टी और उपज की गुणवत्ता के साथ ही पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।
18-05-2023
फलों का फटना एक गंभीर व सामान्य समस्या है। फलों का फटना, फलों की गुणवत्ता को कम करने के साथ ही उनमें रोग व कीट आक्रमण की संभावना को भी बढ़ा देता है। आम, लीची, अनार, अंगूर, सेब, चेरी, नीम्बू आदि फलों में फल फटने की समस्या अधिक देखने को मिलती है। फल फटने के कई कारण हो सकते हैं
17-05-2023
वाराणसी के इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट और काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सहयोग से विकसित धान की नई किस्म को पूरे भारत में लॉन्च कर दिया गया है। इस धान के बीज को तैयार करने में बीएचयू के वैज्ञानिकों को 15 साल लगा है।
11-05-2023
लगभग 25 साल पहले यहाँ के एक प्रगतिशील किसान वैज्ञानिक डॉ राजाराम त्रिपाठी ने खेती के जो जैविक एवं हर्बल खेती के जो नए नए प्रयोग शुरू किये थे। उनमें सबसे प्रमुख सपना था छत्तीसगढ़ के लिए काली-मिर्च की नई प्रजाति का विकास तथा उसे छत्तीसगढ़ के किसानों के खेतों पर और जंगलों में सफल करके दिखाना।
10-05-2023
विश्व मधुमक्खी दिवस- 20 मई को बालाघाट में राष्ट्रीय शहद एक्स-पो होगा। साथ ही 18 से 20 मई तक राज्य स्तरीय कृषि सम्मेलन होगा और कृषि प्रदर्शनी लगाई जाएगी। राष्ट्रीय बैलजोड़ी दौड़ (पट) प्रतियोगिता भी होगी।
10-05-2023
रैली को विधायक नीना वर्मा , कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया । इस मौके पर विधायक वर्मा ने कहा कि मिलेट फसलों को बढ़ावा देने तथा जिले में ज्वार फसल को लगाने के लिए कृषक भाईयो को प्रेरित करें एवं श्री अन्न अंतर्गत आने वाली फसलों के महत्व को आम जन को बताएं । कलेक्टर श्री मिश्रा ने जिले के कृषकों को पोषक तत्वों के भण्डार माने जाने वाले पोषक अनाज को खरीफ सीजन में अधिक से अधिक उगाये जाने की अपील की।
02-05-2023
केमिकल वाली खेती में उत्पादन तो बढ जाता है, लेकिन उत्पादित फसल सेहत को कितना नुकसान पहुंचा रही है इसका आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं। सरकार द्वारा प्राकृतिक और जैविक खेती को बढावा देने के लिए चालाए जा रहे अभियान से लोगों किसानों में जागरूकता आ रही है और वो प्राकृतिक और जैविक खेती की तरफ बढ रहे हैं।
02-05-2023
हमारे जीवन में मधु अर्थात शहद का बडा महत्व है। शहद मधुमक्खियों से प्राप्त होता है। कुछ कीट ऐसे होते हैं जो फसलों को हानि पहुंचाते हैं और उनसे फसलों का बचाव ज़रूरी है, मगर कुछ कीट ऐसे हैं जो फसलों की वृद्धि और अच्छी गुणवत्ता के लिए ज़रूरी है। ऐसे कीटों में तितली और मधुमक्खी आदि शामिल है। ये परागण का निर्माण करते हैं।
02-05-2023
मध्य प्रदेश शासन द्वारा बैंक ऋण एवं अनुदान पर बकरी इकाई योजना संचालित है। इसमें हितग्राही को 10 बकरी और एक बकरा दिया जाता है। इकाई की लागत 77 हजार 456 रूपये है। सामान्य वर्ग के हितग्राही को इकाई लागत का 40 प्रतिशत और अनुसूचित जाति-जनजाति को इकाई लागत का 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।
02-05-2023
कृषकों को कृषि फसलों हेतु किराए पर ट्रैक्टर और यंत्र उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से बैंक ऋण आधार पर कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापित करने के इच्छुक व्यक्तियों से ऑन लाइन आवेदन पत्र संचालनालय, कृषि अभियांत्रिकी के पोर्टल www.chc.mpdage.org के माध्यम से आमंत्रित किए गए हैं।
27-04-2023
पिछले सीजन में रीवा से कर्नाटक राज्य को 26सौ क्विंटल गेहूं भेजा गया था। जबकि हाल ही में तेलंगाना, कर्नाटक, बिहार एवं उड़ीसा से डिमांड आई है। जिसके बाद रीवा एवं सतना जिले से प्रतिदिन साढ़े 12 हजार एमटी गेहूं भेजा जा रहा है। इसके अलावा उत्तरप्रदेश के बनारस से भी रीवा के गेहूं की डिमांड आई है जिसे भेजा जा रहा है।
25-04-2023
पशुओं में मुँहपका और खुरपका (फूट माउथ डिसीज़) टीकाकरण के द्वितीय चरण में भी मध्यप्रदेश देश में सर्वप्रथम है। प्रदेश ने निर्धारित अवधि से पूर्व 15 फरवरी 2023 को 2 करोड़ 7 लाख 68 हजार गौ-भैंस वंशीय पशुओं का टीकाकरण पूर्ण कर लिया, जो देश में सर्वाधिक है।
25-04-2023
जनजातीय बाहुल बिरसा विकासखंड के ग्राम बासिनखार बैगा टोला पहुँच कर करेला खेती को देखा। वे खेती से प्रभावित हुए। उन्होंने ग्रामीणों को अन्य सब्जियों की पैदावार लेने की सलाह दी। कमिश्नर ने बताया कि बालाघाट जिले में काजू उत्पादन की काफी अच्छी संभावनाएँ हैं। इसका लाभ जनजातीय किसानों को लेना चाहिए। उन्होंने खाली पड़ी जमीन पर काजू के पौधे लगाने की सलाह दी।
25-04-2023
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत में डेयरी उद्योग के प्रबंधन में नारी-शक्ति अहम भूमिका निभा रही हैं। डेयरी सेक्टर में 70 प्रतिशत से अधिक भागीदारी महिलाओं की है। बहुत खुशी की बात है कि आज डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में एक-तिहाई से अधिक लड़कियां हैं
25-04-2023
हैदराबाद की बोवेनपल्ली सब्जी मंडी में व्यापारियों की पहल पर खराब या बची हुई सब्जियों से बिजली, जैव-ईंधन और जैविक खाद बनाई जा रही है। इस मॉडल की पीएम मोदी ने भी तारीफ की है
12-04-2023
ट्राइकोडर्मा खेतों में रोगकारक जीवों की वृद्धि को रोककर या उन्हें मारकर पौधों को रोगमुक्त करता है। इतना ही नहीं ट्राइकोडर्मा पौधों की रासायनिक प्रक्रियाओं को भी परिवर्तित कर पौधों में रोग रोधी क्षमता को बढ़ाता है। बिहार के किसानों को ट्राइकोडर्मा के उपयोग एवं इससे होने वाले फायदों के बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है।
09-04-2023
जलीय कृषि प्राधिकरण (संशोधन) बिल, 2023 पेश किया है। मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला द्वारा पेश किया गया बिल आसानी से व्यापार करने में बढ़ावा देने के लिए किया गया है। इतना ही नहीं इसे पहले 2005 के अधिनियम के तहत सूचीबद्ध कुछ अपराधों को कम करने का भी प्रयास करता है।
08-04-2023
सहकारी समितियों के माध्यम से जिला उपार्जन एजेंसी म.प्र. राज्य नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा गेहूँ की खरीदी की जा रही है।जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि गेहूँ उपार्जन के लिए स्लॉट बुक करने का कार्य आसान हो गया है। इस वर्ष किसानों को गेहूँ खरीद के लिए एसएमएस नहीं भेजा जाएगा।
08-04-2023
अधिक लाभ देने वाली फसलों में कुट्टू की खेती भी आती है। इसकी खेती से किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। बता दें कि कुट्टू का आटा, गेहूं व चावल के आटे से भी ज्यादा महंगा बिकता है। बाजार में भी इसकी अच्छी डिमांड है। कुट्टू के आटे से कई व्यंजन बनाए जाते हैं।
08-04-2023
मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री ने कहा है कि ओलावृष्टि से निर्मित संकट में राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है। किसानों को तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाएगी, मुख्य मंत्री ने कहा कि ओलावृष्टि से प्रभावित जिलों में सर्वे का कार्य आरंभ कर दिया गया है। एक सप्ताह में सर्वे कार्य पूर्ण कर किसानों को तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाएगी। सर्वे के लिए राजस्व, कृषि और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभागों के संयुक्त दल गठित किए गए हैं।
22-03-2023
बीमार पशुओं तक चिकित्सा सुविधा पहुँचाने के लिए भोपाल में 406 पशु चिकित्सा इकाई (पशु एंबुलेंस) तैयार करने की कार्यवाही शुरू की जा चुकी है। इन पशु ऐंबुलेंस में पशुओं के उपचार के लिए सभी आवश्यक सामग्री उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि अप्रैल से यह व्यवस्था शुरू करने के प्रयास किये जा रहे है।
22-03-2023
नगरीय विकास और आवास विभाग ने यह व्यवस्था मध्यप्रदेश नगरपालिका (रजिस्ट्रीकरण तथा आवारा पशुओं का नियंत्रण) नियम 2023 में की है। नियमों में कहा गया है कि शहरी क्षेत्र में रहने वाले हर पशु को माइक्रो चिप, टैग अथवा किसी अन्य संसाधन से एक ब्रांडिंग कोड दिया जाएगा। इसमें पशुओं की श्रेणी में श्वान, बैल, घोड़ा, सुअर, ऊंट, खच्चर, बकरी, भेड़ या अन्य पशु शामिल हो सकते हैं। नियम के अनुसार एक साल बाद रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण कराना होगा। ऐसा नहीं करने पर प्रतिदिन रजिस्ट्रेशन शुल्क के 10 प्रतिशत की दर से पैनाल्टी लगेगी।
25-02-2023
प्राचीन भारतीय साहित्य में मोटा अनाज: मोटे अनाज को प्रचलन में लाने के लिए सरकार द्वारा प्रचार प्रसार किया जा रहा है। लोगों को इसके प्रति जागरूक किया रहा है। मोटा अनाज भारत में काल से चलता आ रहा है। लेकिन समय के साथ लोग मोटे आनाज को भूलते गए और हमारी थाली से गायब हो गया। जबकि मोटे अनाज का वर्णन हमारे प्रचीन साहित्यों में भी मिलता है। साल 2023 को अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष के तौर पर मनाया जा रहा है।
25-02-2023
बेहद उपयोगी फसल बांस: पूर्वोत्तर भारत में किसान भाई इस फसल का प्रयोग अपनी आजीविका चलाने के लिए करते हैं। हालांकि देश के अन्य हिस्से में भी बांस की बुवाई होती है। बांस सीढ़ी बनाने के अलावा कई अन्य कामो में प्रयोग में आता है। लेकिन बांस के अन्य लाभ भी हैं। इसकी खासियत एक यह भी है कि ये लंबे समय तक पानी को ठंडा रखता है।
25-02-2023
लाल चंदन की खेती: तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय ने फॉरेस्ट कॉलेज एंड रिसर्च में अत्यधिक लाभकारी लाल सैंडर्स के पौधे तैयार किए हैं। यह राज्य के विशेष कृषि बजट में परिकल्पित बंजर और शुष्क भूमि में खेती को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
25-02-2023
मार्च महीने की खेती: मार्च माह सब्जी की खेती करने वाले किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। मार्च माह के मौसम को कई मुख्य सब्जी लगाने के लिए यह समय उपयुक्त माना जाता है। बाजार में अच्छे दाम मिल सके, इसलिए मार्च में कई सब्जियों की बुवाई की जाती है। इस समय का मौसम जायद की फसल बुवाई के लिए अनुकूल माना जाता है। यदि किसान मार्च माह में बोई जाने वाली खेती करें तो अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
25-02-2023
देसी मोटे अनाज: मोटा अनाज जो काफी समय से लोगों की थाली से गायब है। जिसका परिणाम ये है कि तमाम बीमारियां लोगों को घेर रहीं हैं। भारत के प्रस्ताव पर 72 देशों के समर्थन के बाद संयुक्त राष्ट्र संघ ने साल 2023 को अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष घोषित किया है। ऐसे समय में किसी ने मोटे अनाजों पर अतिसुंदर एक कविता लिखी है, जिसे कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक राजेश द्विवेदी ने शेयर किया है, जो मोटे अनाजों की थिति पर प्रकाश डालती है...
21-02-2023
धारवाड़ी भैंस, जीआई टैग मिठाई: पशुपालन के क्षेत्र में भैंस का पालन काफी फायदेमंद माना जाता है। भैंस कम देखभाल में ज्यादा फायदा देने वाली पशु है। सरकार अब देसी नश्लों के पालन को बढावा देने के प्रयास में लगी है। राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो ने कई देसी नस्लों को मान्यता दी है, जो दूध उत्पादन के मामले में सर्वश्रेष्ट हैं। इन प्रजातियों में शामिल है कर्नाटक की धारवाड़ी भैंस, जिसके दूध से धारवाड़ी पेड़ा बनाया जाता है।
20-02-2023
मक्के की दो नई किस्म: भारतीय कृषि अनसंधान परिषद (आईसीएआर) ने देश का पहला प्रोविटामिन- ए समृध्द मक्का बायोफोर्टीफाइड (जैवसंवर्धित) किस्मों को रिलीज किया हैं। बायोफोर्टीफाइड मक्के की नई किस्मों का नाम ‘पूसा विवेक क्यूपीएम 9 उन्नत’ और ‘पूसा एचक्यूपीएम 5 उन्नत’ हैं।
20-02-2023
तारबंदी के लिए सब्सिडी: फसल को जंगली जानवरों और पशुओं से बचाने के लिए खेत के चारो तरफ तारबंदी की जाती है, जिसमें काफी खर्चा आता है। बहुत सारे किसान ये काम नहीं कर पाते है और हर साल नुकसान उठाते हैं । अब इस समस्या से निपटने के लिए मप्र सरकार के उद्यानिकी विभाग द्वारा चयनित ज़िलों के विकास खंडों में चैनलिंक फैसिंग पर अनुदान देने के लिए लक्ष्य जारी किए हैं। जिसके लिए 13 फरवरी से आवेदन शुरू हो चुका है।
19-02-2023
WhatsApp सर्विस ChatGPT बेस्ड: मोदी सरकार एक ऐसे WhatsApp सर्विस की शुरुआत करने की योजना पर काम कर रही है जो ChatGPT बेस्ड टेक्नोलॉजी पर काम करेगी। भारत सरकार का इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) सरकारी योजनाओं को समझने में भारतीय किसानों की सहायता के लिए एक व्हाट्सएप चैटबॉट विकसित कर रहा है।
18-02-2023
शकरकन्द एक बारामासी बेल है, जिसके लोंब या दिल के आकर वाले पत्ते होते है। शकरकन्द के स्वाद में मौजूद मिठास की वजह से आम धारणा है कि उसमें शर्करा भरपूर होती है जबकि वैज्ञानिक तथ्य इसके बिल्कुल विपरीत हैं। सच्चाई ये है कि शकरकन्द में स्टार्च की मात्रा बहुत ज़्यादा होती है। इसकी वजह से ही इसका स्वाद ख़ूब मीठा होता है। शकरकन्द को पोषक तत्वों का ख़ज़ाना माना जाता है, इसीलिए परम्परागत तौर पर उपवास के दिनों में इसका फलहार की तरह सेवन किया जाता है।
18-02-2023
तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय भी किसानों की मदद के लिए आगे आई है। दरअसल, तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय ने 15 फरवरी, 2023 बुधवार के दिन 23 नई फसल की किस्मों को जारी किया है, जो किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित होंगी।
17-02-2023
एक ही पौधे में होगा आलू, टमाटर और बैगन: चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के वैज्ञानिकों ने ऐसे पौधे तैयार किए हैं, जिनमें आलू टमाटर और बैगन एक साथ होंगे। इसके लिए किसी खेत या खलिहान की जरूरत नहीं है। ये घरों की छत पर लगे एक गमले पर ही उग जाएंगे। पौधे की जड़ में आलू होगा तो तने में बैगन व टमाटर लटके होंगे।
16-02-2023
बच्चों व व्यस्कों को ब्लड कैंसर दे रहा फसल में कीटनाशक: फसलों में कीटनाशक का उपयोग और पैक्ड फूड का सेवन लोगों को कई बीमारियां दे रहा है, जिसके दुष्परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं। बच्चों व व्यस्कों में ब्लड कैंसर की शिकायत तेजी से बढ़ रही है। पिछले एक साल में करीब एक सैकड़ा मरीज इस बीमारी की शिकायत लेकर अस्पताल में पहुंचे हैं। इन मरीजों में 20 प्रतिशत बच्चे शामिल हैं। खानपान में मिलावट के कारण ल्यूकेमिया, न्यूरोब्लास्टोमा, लिम्फोमा और ब्रेन ट्यूमर का खतरा बढ़ता जा रहा।
15-02-2023
वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2022-23 से 2025-26 के लिए 4800 करोड़ रुपये के वित्तीय आवंटन के साथ केंद्र प्रायोजित योजना “वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम” (वीवीपी) को मंजूरी दे दी है।
15-02-2023
“श्री अन्न” को मोटा अनाज यानी मिलेट्स कहा जा रहा है। दरअसल, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वार्षिक बजट 2023-24 के अपने भाषण के दौरान श्री अन्न योजना का जिक्र किया था। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी “श्री अन्न” का जिक्र किया है।
15-02-2023
किसान ड्रोन प्रोत्साहन: राज्य सभा में प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अब तक प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर किसान ड्रोन प्रोत्साहन के लिए 126.99 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में तोमर ने कहा कि 300 किसान ड्रोन की खरीद और 100 केवीके, 75 आईसीएआर संस्थानों और 25 एसएयू के माध्यम से 75000 हेक्टेयर में किसानों के खेतों पर उनके प्रदर्शन के आयोजन के लिए आईसीएआर को 52.50 करोड़ रुपये जारी किए गए।
15-02-2023
डेयरी उद्योग अच्छी सब्सिडी: किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रहीं हैं। देश की ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन की अहमियत काफी बढ़ी है। खेती के साथ-साथ इस समय सरकार पशुपालन भी जोर दे रही है, पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं का फायदा उठाकर डेयरी का काम शुरू कर सकते हैं।
15-02-2023
G-20 conference: केंद्रीय नागरिक उड्डयन और इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जी 20 प्रतिनिधियों को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव में भारत द्वारा जी 20 की अध्यक्षता ग्रहण करना देश के लिए गर्व का स्रोत है।
15-02-2023
किसानों के लिए फायदे की स्कीम: किसानों और ग्रामीणों की आर्थिक स्थथति सुधारने सरकार द्वारा कई योजनाएं संचालित की जा रहीं है, उनमें से ही एक योजना है, पोस्ट ऑफिस ग्राम सुरक्षा योजना जिससे जुड़कर ग्रामीण आबादी अपनी भविष्य को आर्थिक और सामाजिक तौर पर सुरक्षित कर सकती है।
12-02-2023
जलीय जीवों की गणना: चंबल नदी में पल रहे घडियालों का कुनबा इस साल घटा है या बढ़ा। मगरमच्छ सहित अन्य जलीय जीवों की संख्या में कितनी बढोत्तरी हुई है। अब इसका पता जल्द चल जाएगा। कारण यह है कि चंबल नदी में जलीय जीवों की गणना शुरू हो गई है। इसकी शुरूआत 9 फरवरी चंबल नदी के पाली घाट से हुई थी। जलीय जीवों की गणना चंबल नदी के चकरनगर घाट तक होगी
12-02-2023
12 चीता 18 फरवरी को भारत आ जाएंगे: दक्षिण अफ्रीका से 12 चीता 18 फरवरी को भारत आ जाएंगे। इन्हें लेने के लिए आइजी एनटीसीए अमित मलिक के नेतृत्व में एक चार सदस्यीय दल दिल्ली से दक्षिण अफ्रीका के लिए रवाना हो गया है। दक्षिण अफ्रीका पहुंचने के बाद दल सदस्य फिंडा और रुइबर्ग क्षेत्र में क्वारंटीन कर रखे गए चीतों को देखेगा और जरूरी परीक्षण कराएगा। इसके बाद इनको लाने की तैयारियों को अंतिम रूप प्रदान करेगा। जिसमें इनको क्वारंटीन बाड़ों से कैज आदि में बंद कर एयरपोर्ट तक पहुंचाना शामिल है।
12-02-2023
कम इस्तेमाल में नैनो यूरिया लिक्विड फर्टिलाइजर से अधिक उपज हासिल करने में मदद मिल रही है। नैनो यूरिया को उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) 1985 में शामिल किया गया है। करीब 45 किलोग्राम यूरिया की बोरी को नैनो यूरिया की 500 मिली की बोतल के बराबर बताया जाता है, जिसे पानी में मिलाकर फसल पर छिड़का जाता है। इसकी थोड़ी मात्रा ही फसल की उत्पादकता को बढ़ाने और जड़ से लेकर पत्तियों के विकास में अहम रोल अदा कर रही है।
11-02-2023
कम पानी में भी हो सकता है धान और गन्ना: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान बताया कि किसानों को कम पानी में फसलों से बेहतर उपज पाने में केंद्र सरकार पूरा सहयोग दे रही है। इस दिशा में स्मार्ट और माइक्रो सिंचाई को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि आज गन्ना और धान जैसी अधिक पानी की खपत वाली फसलें भी कम पानी में उगाने में खास सफलता मिली है। इस दिशा में हरियाणा ने काफी उल्लेखनीय काम किया है। महाराष्ट्र में भी सूक्ष्म सिंचाई पद्धति खेती में मददगार साबित हो रही है।
11-02-2023
वास्तु शास्त्र में पौधों और फूल से जुड़े भी कुछ नियम बनाए हैं। वास्तु में कुछ ऐसे पेड़-पौधे बताए गए हैं जिन्हें लगाने से घर में सुख-समृद्धि आती है। इनके सकारात्मक प्रभाव से घर के सदस्य तरक्की करते हैं।
10-02-2023
लहरी बाई, मोटे अनाज के अनमोल खजाने की मालकिन: मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा मिलेट्स उत्पादक जिला डिंडौरी है। जिले के सिलपीड़ी गांव में रहतीं हैं लहरी बाई, जो आज पूरे देश में चर्चा का विषय बनीं हैं। ये गांव जिला मुख्यालय से करीब 60 किमी दूर है। लहरी बाई की उम्र 27 साल हैं। लहरी बाई के पास मोटे अनाज की उन किस्मों के बीज हैं, जो विलुप्तप्राय हो चुके हैं।
10-02-2023
वैलेंटाइन्स डे पर गाय को गले लगाएं, मनाएं 'Cow Hug Day': वैलेंटाइन्स डे का खुमार रहता है। इस दिन प्रेमी जोड़े एक दूसरे से प्रेम का इजहार करते हैं। पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत में भी लोग इसे लेकर उत्साहित रहते हैं। लेकिन भारत में अब इस दिन को खास तरीके से मनाया जाएगा।
09-02-2023
अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज (मिलेट्स) वर्ष में जी-20 समूह देशों के सम्मेलन की अध्यक्षता भारत द्वारा की जा रही है। इसी परिप्रेक्ष्य में मिलेट्स के उत्पादन एवं प्र-संस्करण से महिला सशक्तिकरण पर दो दिवसीय कार्यशाला का आज केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान भोपाल में शुभारंभ हुआ। केन्द्रीय कृषि महिला संस्थान भुवनेश्वर कार्यशाला के आयोजन में सहभागी हैं।
09-02-2023
किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने कहा है कि कृषि अधो-संरचना मद (एआईएफ) के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर है। मंत्री श्री पटेल कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिये एमपी फार्म गेट एप तथा आईएएफ अंतर्गत कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर में कार्यशाला में संबोधित कर रहे थे।
09-02-2023
सब्सिडी पर कृषि यंत्र: कृषि विभाग द्वारा विभिन्न कृषि यंत्रों के लिए लक्ष्य जारी किए जाते हैं। मध्य प्रदेश कृषि विभाग द्वारा राज्य के किसानों को कृषि यंत्र पर अनुदान देने के लिए लक्ष्य जारी किए गए हैं। जारी लक्ष्यों के विरुद्ध आवेदन कर किसान योजना का लाभ ले सकते हैं।
09-02-2023
वन्यप्राणी प्रबंधन पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन: वन्यप्राणी जनसंख्या प्रबंधन, वन्यप्राणी रहवास पारिस्थितिकी, चुनौती, वन्यप्राणी नीति और वन्यप्राणी-मानव द्वंद और उपायों पर चर्चा होगी। सम्मेलन में आने वाले विदेश और देश के प्रतिनिधियों से पंजीयन शुल्क लिया जाएगा। सम्मेलन में प्रमुख सचिव इकबाल सिंह बैंस सहित अन्य अधिकारी शामिल होंगे।
09-02-2023
चिनिया और मालभोग केला की खेती: बिहार में पहले 80 प्रतिशत तक लोग चिनिया और मालभोग केला की करते थे। लेकिन धीरे-धीरे चिनिया और मालभोग केले ने अपनी पहचान को खो दिया। अपनी पहचान खो चुकी केले की प्रजाति को वैज्ञानिकों ने पुनर्विकसित करने का काम किया है। जल्द ही यह केला आम लोगों के लिए उपलब्ध होगा। यह टेस्टी और कई बीमारियों से बचाने में सहायक है।
09-02-2023
समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद: मध्य प्रदेश के किसानों से समर्थन मूल्य (दो हजार 125 रुपये प्रति क्विंटल) पर सरकार इस वर्ष 80 लाख टन गेहूं खरीदेगी। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने इसकी तैयारी कर ली है। सोमवार छह फरवरी से पंजीयन की प्रक्रिया प्रारंभ।
09-02-2023
दूध का प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए यह क्लोन तैयार: चीन के वैज्ञानिकों ने उन्नत तकनीक विकसित की है, जिससे देश में दूध की कमी ही नहीं होगी। वैज्ञानिकों ने तीन ‘सुपर काऊ‘ का एक ऐसा क्लोन बनाया है जो असामान्य रूप से काफी अधिक मात्रा में दूध देगी। चीन ने डेयरी उद्योग के लिए आयातित नस्लों पर निर्भरता कम करने के लिए और दूध का प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए यह क्लोन तैयार किया है।
09-02-2023
कृषक उपज उन्नति योजना: आगामी वित्तीय वर्ष से मुख्यमंत्री कृषक उपज उन्नति योजना शुरू करने की तैयारी है। इसमें स्थानीय युवाओं को प्रसंस्करण केंद्र खोलने के लिए बैंक ऋण पर अनुदान दिया जाएगा। इसके साथ ही नरवाई प्रबंधन के लिए भी योजना शुरू की जाएगी। दोनों योजनाओं के लिए वर्ष 2023-24 के बजट में 50 करोड़ रुपये का प्रविधान किया जाएगा।
06-02-2023
जीनोम सीक्वेंसिंग: अब देसी गायों के जरिए पशुपालन सेक्टर की क्षमता बढ़ाने, बेहतर प्रबंधन और गायों की प्रजनन क्षमता में सुधार के लिए भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (IISER) के वैज्ञानिकों ने ड्राफ्ट जीनोम सिक्वेंस तैयार किया है
05-02-2023
सागौन की खेती से अच्छी कमाई: मजबूत लकडी का जिक्र आता है सागौन का नाम सबसे पहले आता है। सागौन की लकड़ियां लंबे समय तक टिकती हैं। अपनी मजबूती के चलते बाजार में इन सागवान की लकड़ियों की डिमांड ज्यादा रहती है। फर्नीचर, प्लाइवुड के अलावा इसकी लकड़ियों का इस्तेमाल दवा बनाने में भी किया जाता है।
05-02-2023
एक ही पौधे में हो रहा टमाटर और बैगन: देश को अब तक 100 से ज्यादा सब्जियों की उन्नत किस्में देने वाला वाराणसी स्थित सब्जी अनुसंधान संस्थान में एक नया शोध काबिले तारीपफ है। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान ने एक ऐसा प्रयोग किया है कि अब बैगन के तने में टमाटर और बैगन एक साथ उगाई जा रही है। इस तकनीक को भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक ग्राफ्टिंग विधि बता रहे हैं। इस विधि से तीन प्रकार की खेती शुरू कराई गई है।
05-02-2023
टेक्नोलॉजी और डिजिटलाइजेशन का असर खेती-किसानी पर भी बढ़ रहा है। सरकार तकनीक के सहारे उन्नत खेती को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देने के लिए सभी प्रयास कर रही है। डिजिटल इंडिया के इस दौर में किसानों के लिए भी कई ऐप्स हैं जो खेती करने में बहुत मददगार साबित हो सकते हैं।
04-02-2023
छत्तीसगढ़ हर्बल महुआ आचार: अब महुए से आचार भी बनाया जा रहा है। इसका टेस्ट अच्छा होने की वजह से इसकी मांग रायपुर में भी हो रही है। गुरुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम बड़भूम की जय मां शारदा महिला स्वसहायता समूह की 13 महिलाएं इन दिनों जंगल में मिलने वाले महुआ के फूल से आचार बना रही हैं। इसे वन विभाग वनोपज संस्था फर्म रायपुर के माध्यम से इसकी बिक्री कर रही है। इस आचार का नाम छत्तीसगढ़ हर्बल महुआ आचार रखा गया है।
01-02-2023
पशुओं के लिए IVRI ने तैयार किया खास कोलेजन जेल: बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान (IVRI) ने एक खास कोलेजन जेल तैयार कर दिया है, जिससे चोट लगने पर पशुओं को ज्यादा दिन जख्म सहना नहीं पड़ेगा। ये कोलेजेन जेल ना सिर्फ पशुओं के जख्मों को भरेगा, बल्कि इंफेक्शन को दूर करके टिशू की भी रिकवरी में मदद करेगा। कोलेजन जेल पर करीब 11 साल से रिसर्च चल रही थी
31-01-2023
गोबर बना कमाई का जरिया: मथुरा-वृंदावन-ब्रज क्षेत्र को को पूरी दुनिया दूध हब के तौर पर जानती है, लेकिन अब इसकी पहचान बायोगैस हब के तौर पर होगी। वैसे तो मथुरा में पहले से ही रिफाइनरी मौजूद है, लेकिन अब प्राइवेट कंपनियां भी मथुरा में बायोगैस सीएनजी और खाद बनाने के लिए निवेश कर रही हैं। अडानी ग्रुप की टोटल एनर्जी बायोमास लिमिटेड ने भी अब बरसाना स्थित रमेश बाबा की श्रीमाता गौशाला में बायोगैस प्लांट लगाने के प्लान पर काम चालू कर दिया है
31-01-2023
हाइब्रिड शिमला 562 बीज से होगी ढाई गुना पैदावार: किसानों की आय बढाने के प्रयास में लगातार हमारे देश के वैज्ञानिक जुटे हुए हैं। इसी कडी में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान शिमला ने पहाड़ी राज्यों के लिए शिमला फसल का ऐसा ही बीज तैयार किया है। इस बीज की उपज कर किसान ढाई गुना तक पैदावार पा सकते हैं।
31-01-2023
2015-16 में गिनती कराई गई थी। बाद में कोविड की वजह से स्थगित रखा गया था। अब आठ साल बाद इसकी प्रक्रिया शुरू की गई है। सूत्रों के अनुसार कृषि संगणना एक प्रकार से खेती के रकबे के साथ किसानों की संख्या का लेखा-जोखा होता है। यह कृषि सांख्यिकी के संग्रह की व्यापक प्रणाली का हिस्सा है।
30-01-2023
राशन की नई दुकानों के लिए निकला आवेदन: खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले के ग्रामीण क्षेत्र के नवीन परिसीमन के बाद विकासखंड हुजूर की 19 ग्राम पंचायतों में और बैरसिया विकासखंड की 16 ग्राम पंचायतों में नवीन शासकीय उचित मूल्य की दुकानें खोली जाना है।
29-01-2023
अब मुगल गार्डन का नाम बदलकर अमृत उद्यान कर दिया गया है। जिसका उद्घाटन देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 29 जनवरी को किया जाएगा।
28-01-2023
किसान पशु क्रेडिट कार्ड योजना: केंद्र सरकार की पशु क्रेडिट कार्ड योजना किसानों के लिए काफी लाभदायी साबित हो सकती है। इस योजना से किसान खेती के साथ पशुपालन भी करके आराम से लाभ कमा सकता है। और आत्मनिर्भर बन सकता है। इस योजना के तहत पशुपालक किसानों को बिना किसी गारंटी के 1.60 लाख से लेकर 3 लाख तक का लोन मिलता है।
28-01-2023
कृषि क्षेत्र में मशीनीकरण, रासायनिक उर्वरकों और खरपतवार नाशकों, कीटनाशकों और फफूंदनाशकों का अंधाधुंध उपयोग किया जाने लगा। सघन कृषि पद्धति एवं असंतुलित रासायनिक खादों के प्रयोग के कारण मिट्टी की उपजाऊ क्षमता दिन-ब-दिन नष्ट होती जा रही है, जिसे गोबर खाद/कम्पोस्ट खाद/हरी खाद से ही रोका जा सकता है
28-01-2023
प्रदेश की मूल गौ-वंशीय नस्ल एवं भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारू गायों के लिये पुरस्कार योजना" लागू की जा रही है। देश-प्रदेश की देशी नस्लों के गौपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई योजना में 1 से 15 फरवरी जो तक प्रदेश की मूल और भारतीय उन्नत नस्ल की गायों की प्रतियोगिताएँ होंगी
28-01-2023
इस साल भी कृषि क्षेत्र में अपने विचारों से बदलाव लाने वाले किसानों को सरकार ने पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया है। इन किसानों में हिमाचल प्रदेश के नेकराम शर्मा, उड़ीसा के पटायत साहू, केरल के चेरुवयल रामन और सिक्कम के 98 वर्षीय किसान तुला राम उप्रेती शामिल हैं।
26-01-2023
गणतंत्र दिवस परेड में मिलेट ईयर 2023 'पोषण का उत्सव' पर ICAR द्वारा बनाई गई झांकी का प्रदर्शन, इस दौरान मिलेट्स की खेती व उसके सेवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण जानकारीयों के बारी में बताया गया। मिलेट्स की इस झांकी में इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट के लिए चिन्हित मोटे अनाज ज्वार, बाजरा, रागी, कुटकी, कंगनी और सावां की फसल को बेहद खूबसूरत तरीके से दिखाया गया है
26-01-2023
मध्य प्रदेश कृषि अभियांत्रिकी विभाग ने राज्य में किसानों को कृषि यंत्रों पर अनुदान देने के लिए लक्ष्य जारी किए, जारी लक्ष्यों के विरुद्ध राज्य के किसान दिनांक 25 जनवरी 2023 दोपहर 12 बजे से 01 फरवरी 2023 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
25-01-2023
वैसे तो दूध के लिए गाय-भैंस पालन पर ही ज्यादा फोकस किया जाता है, लेकिन इन पशुओं की कीमत काफी ज्यादा होती है, जिसके चलते छोटे किसानों के लिए इन पशुओं को खरीदना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि छोटे किसान को बकरी पालने के लिए प्रेरित किया जा रहा है
25-01-2023
कम समय में अधिक फायदा देने वाली फसल की बात की जाए, तो सबसे पहले गर्मी में बोई जाने वाली मूंग का ख्याल आता है। उत्तर भारत के सिचिंत क्षेत्र में चावल- गेहूं फसल प्रणाली में ग्रीष्मकालीन मूंग का रकबा बढाऩे की अपार सभावनाएं है
25-01-2023
वैज्ञानिक कई सालों से समुद्री काई या शैवाल की भोजन के रूप में क्षमता के महत्व को जानते हैं और इसे खाद्य स्रोत बनाने पर काम कर रहे हैं। नए अध्ययन में दावा किया गया है। कि भविष्य में सूक्ष्मशैवाल उच्च प्रोटीन और पोषण तत्वों से भरा सुपरफूड हो सकता है
25-01-2023
वर्तमान मौसम गेहूं के विकास के लिए काफी अनुकूल है तथा इस वर्ष गेहूं की रिकार्ड पैदावार की उम्मीद की जा रही है। कृषि परामर्श सेवा के अंतर्गत कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार किसानों को गेहूं एवं जौ की फसल में निम्न कृषि कार्य करने की सलाह दी जाती है
24-01-2023
पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने के चलते 24 जनवरी से 27 जनवरी तक उत्तर भारत में आंधी-बारिश का दौर रहने की संभावना है, इसको लेकर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग की माने तो 24 से 26 जनवरी के दौरान यह अपने चरम पर रहेगा
24-01-2023
किसानों को महंगाई की मार से राहत दिलाने के लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि में इजाफा करने की योजना पर काम कर रही है। मिली जानकारी के अनुसार केंद्र पीएम किसान योजना राशि को 6000 प्रति वर्ष से बढ़ाकर 8000 करने के लिए काम कर रहा है
24-01-2023
काला टमाटर में लाल टमाटर के मुकाबले अधिक औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसे लंबे समय तक ताजा रखा जा सकता है। अलग रंग और गुण होने के कारण इसकी कीमत बाजार में लाल टमाटर के मुक़ाबले अधिक है
17-01-2023
सतना में एक ऐसा म्यूजियम, जहां कई साल पुराने उपकरण मौजूद हैं। इसमें भारत के उस दौर के उपकरण मौजूद हैं, जो हमारे देश की संस्कृति को दर्शाते हैं। इसमें ऐसे उपकरण भी हैं जो पुराने जमाने में रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल हुआ करता थे
17-01-2023
मुख्य फसल धान के नुकसान को दूर करने बांस की खेती बेहतर अपनाई जा रही है।बैहर तहसील क्षेत्र में ऐसे कई किसान बांस की खेती से जीवन स्तर सुधारने का प्रयास कर रहे है। जिससे उनकी हालत में सुधार आएगा।
16-01-2023
खरगोन जिला मुख्यालय से मात्र 20 किमी. दूर बैजापुरा के किसानों ने ऐसे दो अनुपम और नायाब प्रयोग किये जो किसानों की माली हालत को बदलने में क्रांतिकारी प्रयोग हो सकते हैं। पहला एक ऐसी विधि जो अब तक गेंहू, सोयाबीन, सरसों आदि में बुवाई उपयोगी मानी जाती थी। लेकिन अब सघन बुवाई (एचडीपीएस उच्च घनत्व रोपण प्रणाली) का कपास बुवाई में उपयोग कर दोगुना उत्पादन लिया
16-01-2023
प्राकृतिक खेती अपनाने से किसानो की खेती की लागत में कमी आएगी तथा समाज मे फैल रही प्राण घातक बीमारियों से बचा जा सकेगा । रासयनिक उर्वरको एवं कीटनाशको के प्रयोग से कैंसर जैसे प्राणघातक रोग फैलकर लोगो की जान ले रहें है। इन सब समस्याओ से बचने के लिये किसानो को प्राकृतिक खेती की दिशा में आगे बढ़ना होगा
14-01-2023
मृदा में कार्बनिक कार्बन, सूक्ष्म जीवों एवं देशी केंचुओं की संख्या मंे कमी होने से मृदा स्वास्थ्य खराब हो रही है। अतः प्राकृतिक खेती पद्धति अपनाकर मृदा स्वास्थ्य सुधारा जा सकता है
12-01-2023
कुसुम योजना के घटक-दो में शामिल व इससे अछूती नहीं है। क्योंकि पर्याप्त बजट के अभाव में 2019 से शुरू हुई इस योजना के लाभार्थियों का आंकड़ा राज्य में 10 हजार की संख्या भी नहीं छू पाया है। जबकि अक्षय उर्जा को बढ़ावा देने केंद्र सरकार द्वारा 57 हजार प्रकरणों की स्वीकृतियां दी गई हैं।
21-11-2022
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने आवास पर समीक्षा बैठक बुलाई। उन्होंने अधिकारियों से खाद के भंडारण की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेने के बाद कहा कि प्रदेश में पर्याप्त खाद है। ऐसे में अधिकारी उन किसानों से संवाद करें, जो खाद नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं
14-10-2022
केंद्र तेजी से डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन पर काम कर रहा है। हम राज्यों के साथ मिलकर ऐसी व्यवस्था बना रहे हैं जिसमें फसलों का डाटा, किसान की जमीन, कब किस राज्य में कौन सी फसल बोई जा रही है और कहां किस फसल को क्या दाम मिल रहे हैं, जैसी जानकारियां एक क्लिक पर उपलब्ध होंगी
08-10-2022
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के वैज्ञानिकों ने सरसों की नई किस्मों आरएच-1424 और आरएच 1706 इजाद की है, जो बढिया क्वालिटी के तेल के साथ-साथ सेहत को बेमिसाल फायदे प्रदान करती हैं। यह प्रजातियाँ उत्पादन में दूसरी किस्मों से काफी ज्यादा है तथा इसमें तेल की मात्रा 40 प्रतिशत तक
05-10-2022
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के उद्यान व वानिकी विभाग के अधिष्ठाता व फल वैज्ञानिक डॉ. संजय पाठक व उनकी टीम ने कई साल के रिसर्च के बाद आम के इस जनन द्रव्य का संरक्षित किया था।
29-09-2022
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में अब शक्तिस्वरूपा महिलाएं भी बाघों की दहाड़ से पर्यटकों को परिचित कराएंगी, बाघों का इतिहास बताएंगी और बाघों की कहानियां सुनाएंगी। इसक लिए ताला के आसपास के कई गांव की 25 युवतियों ने इस मिथक को नकार दिया है कि बहादुरी सिर्फ पुरूष की ही विशेषता है
27-09-2022
नई शिक्षा नीति में एग्रीकल्चर की पढ़ाई के साथ वोकेशनल कोर्स में भी विद्यार्थी डिप्लोमा-डिग्री कर सकेंगे। बड़े बदलाव में कृषि में बीएससी के बाद सीधे पीएचडी की जा सकेगी। कृषि विवि व कॉलेजों में प्रवेश और पीएचडी के लिए जेईई, नीट की तरह राष्ट्रीय स्तर पर एक ही परीक्षा लेने की तैयारी है। अभी हर राज्य की अलग-अलग प्रवेश परीक्षा होती है
27-09-2022
किसानों के इसी व्यवहार के कारण उत्तरप्रदेश के एक हिस्से में धान की पुरानी प्रजातियों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। पश्चिमी उत्तरप्रदेश में धान की 18 देसी प्रजातियां सामने आई हैं, जो लगभग विलुप्त होने की कगार पर हैं
27-09-2022
इन ग्राफ्टेड पौधों की विशेषता यह है कि इनमें तीन से चार साल के अंदर ही फल आ जाते हैं। इसके लिए वन विभाग लंबे समय से प्रयोग कर रहा था। सामाजिक वानिकी में आंवला, नीबू, अमरूद आदि के ग्राफ्टेड पौधे तैयार किए जा रहे हैं
24-09-2022
प्रदेश के 26 जिले लंपी वायरस की चपेट में आ चुके हैं। सरकारी रिकार्ड में पशुओं की जितनी मौतें दर्ज की गई हैं, उससे कई गुना ज्यादा गाय, बैल और बछड़े दम तोड़ चुके हैं। पशुओं को बचाने के लिए लगाई जा रही गॉट पोक्स वैक्सीन भी ज्यादातर जिलों में या तो खत्म हो चुकी है
24-09-2022
सरसों की फसल तिलहन की फसल है और इसमें सीमित सिंचाई की जरुरत होती है इसलिए इसकी खेती करना दूसरी फसलों के मुकाबले आसान होता है
24-09-2022
किसानों के लिए लोन की प्रकिया को भी आसान किया जा रहा है. इसी कड़ी में पंजाब नेशनल बैंक की तरफ से किसानों को 50 हजार रुपये तक का लोन दिया जा रहा है।
24-09-2022
भारत प्लांट जेनेटिक्स (plant genetics) संसाधनों की संपदा को साझा करने का एक कट्टर समर्थक रहा है। राष्ट्रीय जीन बैंकों (national gene banks) पर निगाहें डालें तो पता चलता है कि लगभग 10 फीसदी जर्मप्लाज्म (germplasm) भारतीय मूल के हैं। हमारी सोच बिल्कुल स्पष्ट है कि पौधों के जेनेटिक संसाधनों को रिसर्च और लगातार उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
21-09-2022
हरियाणा के करनाल में स्थित भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (IIWBR) के पोर्टल पर 11 सितंबर से गेहूं की ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई है, संस्थान के निदेशक डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने 17 सितंबर सोशल मीडिया के माध्यम से किसानों को बताया, "पोर्टल की शुरूआत 17 सितंबर से हो गई है, इस पर किसानों को जितना बीज चाहिए उसकी बुकिंग कर सकते हैं।"
21-09-2022
मध्य प्रदेश सरकार राज्य के किसानों से वर्ष 2021-22 के लिए धान, बाजरा तथा ज्वार की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करने जा रही है। इसके लिए पंजीयन 15 अक्टूबर 2021 तक चलेंग। किसानों को समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने के लिए पंजीकरण अवश्य करवाना होगा।
18-09-2022
एक साल की अवधि में राज्य के 52 जिलों में से एक-एक यानी कुल 52 गांव को चिन्हित कर उसे मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। आनंद ग्राम की यह अवधारणा प्राचीन समय के परस्पर प्रेम और सहयोग की पुनर्स्थापना करेगी। इसका उद्देश्य ग्रामों में आपसी सहयोग के साथ विवाद रहित आनंददायक जीवन जीना है।
18-09-2022
किसानों को रबी फसलों को सिंचाई के लिए सरकार द्वारा कृषि बिजली कनेक्शन दिए जाते हैं, ताकि किसान समय पर फसलों की सिंचाई की जा सके। यह कृषि पम्प कनेक्शन दो तरह से दिए जाते हैं, एक तो स्थाई एवं दूसरा अस्थाई। अस्थाई कृषि पम्प कनेक्शन सरकार की ओर से तीन से पाँच माह के लिए जारी किए जाते हैं, जिसके लिए किसानों को अलग-अलग शुक्ल देना होता है।
18-09-2022
कृषि विज्ञान केंद्र नौगांव जिला छतरपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के पर पोषण अभियान एवं वृक्षारोपण के कार्यक्रम का आयोजन किया गया
18-09-2022
बांस से जुड़े फायदों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और रोजाना प्रयोग में आने वाले उत्पादों में इसके इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य हमेशा से बांस और बांस से बनी चीजों के प्रयोग को बढ़ावा देना रहा है।
18-09-2022
कृषि विज्ञान केंद्र टीकमगढ़ के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख, डॉ. बी. एस. किरार, वैज्ञानिक डॉ. एस. के. सिंह, डॉ. यू.एस. धाकड़, डॉ. आर. के प्रजापति एवं डॉ. आई.टी. सिंह के द्वारा विगत दिवस ग्राम परावास, नन्ही टेहरी, गुदनवारा के किसानों के प्रक्षेत्र का भ्रमण किया गया।
05-09-2022
बकरी पालन सम्मेलन में मथुरा पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय, जबलपुर पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय और महू पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय सहित बकरी पालन विशेषज्ञ, पशुपालकों को बकरी पालन और पोषण आहार से उन्नत पालन की तकनीकों से अवगत कराएँगे।
04-09-2022
कृषि विज्ञान केंद्र टीकमगढ़ के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ बी.एस. किरार डॉ. आर.के. प्रजापति डॉ. एस.के. सिंह डॉ. आई.डी. सिंह एवं जयपाल छिगारहा द्वारा विगत दिवस जलवायु समुत्थानुशील कृषि पर राष्ट्रीय नवाचार अंतर्गत अंगीकृत गांव कोडिया में कृषक प्रशिक्षण में खरीफ पडत भूमि तोरिया की खेती करने की तकनीकी जानकारी दी गई
02-09-2022
राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास, नाबार्ड ने स्पेशलिस्ट ऑफिसर भर्ती के लिए आवेदन निकाली है
19-06-2022
प्रधानमंत्री किसान ट्रैक्टर योजना देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा चलाई गई स्कीम है। सरकार के मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि लाना है| और यह वृद्धि तभी होगी जब किसान के लिए सरकार सभी उपकरणों पर छूट प्रदान करेगी और साथ ही साथ उनके लिए नई नई योजनाएं चलाएगी
09-06-2022
ब्लैक डायमंड उगलने वाली सिंगरौली में अब ग्लूकोनाइट का बड़ा भंडार मिला है। इस अयस्क की वजह से भविष्य में प्रदेश को खाद संकट से मुक्ति मिलने में मदद मिल जाएगी। सिंगरौली जिले की चितरंगी क्षेत्र के बड़े रकबे में इस अयस्क के खनन की तैयारी अब शुरु कर दी गई है।
06-06-2022
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्राकृतिक कृषि विकास बोर्ड की स्थापना की गई है। इसके अलावा राज्य के सभी ज़िलों में किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसके तहत किसान अपना पंजीयन करा सकते हैं।
29-05-2022
किसानों की आय को बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार एक स्कीम लेकर आई है। मुर्रा नस्ल की भैंसें हरियाणा से मध्य प्रदेश के किसानों को बेची जाएंगी, वो भी आधी कीमत में, To increase the income of the farmers, the Madhya Pradesh government has come up with a scheme. Murrah breed buffaloes will be sold from Haryana to Madhya Pradesh farmers, that too at half price
24-05-2022
जैविक विधि से खेती करनी चाहिए इस विधि में अगर नीम के पत्ते, नीम की खल्ली और नीम के तेल का प्रयोग करेंगे, तो किसान अपनी फसल को कीटों के प्रकोप से बचा सकते हैं। इस तरह फसल से काफी शुद्ध अन्न की उपज प्राप्त होगी, साथ ही यह स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभदायक होगी।
22-05-2022
केंद्रीय कंज्यूमर्स अफेयर्स, फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन मंत्री पीयूष गोयल ने एक ट्वीट के जरिए यह जानकारी दी।केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि सरकार किसानों के आर्थिक विकास के लिए वचनबद्ध है। मंत्रालय ने कहा कि किसानों के हित और राज्य सरकारों के अनुरोध को देखते हुए यह फैसला किया गया है कि सभी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश और FCI गेहूं की खरीदारी जारी रख सकते हैं
15-05-2022
डीजीएफटी ने कहा, 'गेहूं की निर्यात नीति तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित है। 'यह भी स्पष्ट किया कि भारत सरकार द्वारा अन्य देशों को उनकी खाद्य सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए और उनकी सरकारों के अनुरोध के आधार पर दी गई अनुमति के आधार पर गेहूं के निर्यात की अनुमति दी जाएगी
14-05-2022
सेब की खेती मध्यप्रदेश में भी हो सकती है ये सुनकर एक बार आश्चर्यजनक लग सकता है लेकिन ये सही है। अब मध्य प्रदेश में भी शिमला जैसे सेब की खेती संभव हो सकेगी। जबलपुर में स्थित जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक ने रिसर्च के तौर पर 14 महीने पहले विश्वविद्यालय के परिसर में सेब के कई सारे पौधे रोपे थे, जिनमें से अब बड़ी संख्या में फूल आए हैं।
30-03-2022
किसानों के विकास और उनकी सहूलियत के लिए सरकार किसानों के लिए एक सुपर ऐप लॉन्च करने की योजना बना रही है। कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के अधिकारी का कहना है कि इस ऐप में कई डिजिटल संस्थाएं और मौजूदा मोबाइल ऐप्स को भी शामिल किया जाएगा। इस तरह से यह ऐप एक तरह का प्लेटफार्म होगा, जहां एक ही छत के नीचे सभी तरह की समस्याओं के समाधान मिल सकेंगे।
30-03-2022
गोबर-धन प्रोजेक्ट के तहत कई शहरों में गोबर की खरीदी की योजना है। पचमढ़ी में चल रही शिवराज मंत्रिमडल की चिंतन बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा करते हुए कहा कि कई शहरों में गोबर-धन प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। गाय के गोबर को खरीदने सरकार व्यवस्था करेगी।
27-03-2022
प्रदेश के किसानों को उन्नत कृषि की इजरायली तकनीक की सेंटर फॉर एक्सीलेंस को लेकर इजरायल एवं मध्य प्रदेश सरकार के बीच हुए एमओयू के आधार पर चिन्हित स्थानों में परिवर्तन करते हुए मुरैना, छिंदवाड़ा के साथ हरदा को भी सेंटर फॉर एक्सीलेंस बनाने का प्रस्ताव देते हुए कृषि मंत्री कमल पटेल ने वर्चुअली इजरायली दूतावास के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों से चर्चा की।
24-03-2022
कंठारी मिर्च या उल्टी मिर्च की खेती भी ऐसी की एक फसल है। इस खेती में मेहनत बहुत कम है और कमाई बहुत ज्यादा। उल्टी मिर्च सिर्फ स्वाद में तीखी ही नहीं होती बल्कि किसानों की इससे जबरदस्त कमाई हो सकती है। कंठारी मिर्च या उल्टी मिर्च को बर्ड आई चिली के नाम से भी जाना जाता है।
15-03-2022
प्रदेश में बंद पड़ी दाल मिलों को जल्द ही पुन: चालू किया जाएगा। कृषि मंत्री कमल पटेल ने इसका संकेत दिया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में जो दाल मिलें बंद पड़ी हुई है। उन्हें हम मंथन करने के बाद पुन: चालू करवाएंगे। वहीं मंत्री ने घोषणा की है कि तुअर दाल के दाम जल्द ही कम होंगे। एक अप्रेल से तुअर दाल पर मंडी टैक्स नहीं लगेगा जिससे दाल की कीमतें कम हो सकती हैं। The closed pulse mills in the state will be restarted soon. Agriculture Minister Kamal Patel has indicated this. He has said that the pulse mills which are lying closed in the state. We will get them started again after brainstorming. At the same time, the minister has announced that the price of tur dal will come down soon. Mandi tax will not be levied on tur dal from April 1, due to which the prices of pulses may come down.
14-03-2022
पशु किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत गाय, भैंस या मुर्गी का पालन करने वाले किसानों को सरकार की तरफ से आर्थिक मदद दी जाएगी
09-03-2022
रबी फसलों की कटाई का काम शुरू होने वाला है ऐसे में किसान समय पर अपने गेहूं की उपज मंडियों में बेच सकें इसके लिए राज्य सरकारों के द्वारा किसानों के पंजीयन कराए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन की तारीख को आगे बढ़ा दिया है।
07-03-2022
जैविक पोर्टल विश्व स्तर पर जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए एमएसटीसी के साथ भारत सरकार के कृषि विभाग, कृषि मंत्रालय द्वारा विकसित किया गया है । यह जैविक किसानों को अपनी जैविक उपज बेचने और जैविक खेती एवं इसके लाभों को बढ़ावा देने के लिए वन स्टॉप सलूशन है।
22-02-2022
बेसहारा गायों और गौवंशों को सहारा देने के लिए सरकार द्वारा लाखों करोड़ो रुपए खर्च कर ग्राम पंचायतों में गौशालाएं बनाई जा रही हैं, लेकिन गौशाला संचालन ठीक ढंग से नहीं होने के कारण गायों की सहारा नहीं मिल पा रहा है।
20-02-2022
औषधीय खेती से किसानों को जोडऩे के लिए राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) की ओर से ग्रांट उपलब्ध कराई जाती है। इस मामले में मध्यप्रदेश देशभर में दूसरे नंबर है। यहां औषधीय खेती करने वाले किसानों की संख्या 11 हजार 716 है। देशभर में 59 हजार 350 किसान हैं।
20-02-2022
पीएम कृषि यंत्र अनुदान योजना के तहत मध्यप्रदेश सरकार किसानों को खेती के लिए सब्सिडी पर कृषि यंत्रों का लाभ प्रदान कर रही है। इसके तहत मध्यप्रदेश सरकार की ओर से राज्य के किसानों से पावर हैरो, हैप्पी सीडर /सुपर सीडर, पैडी (राईस) ट्रांसप्लांटर सहित छह यंत्रों पर सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जा रहा है। किसानों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
17-02-2022
भारत एक्सपो-2020 दुबई में अपने कृषि और खाद्य प्रसंस्करण कौशल का प्रदर्शन करेगा। भारत विश्व के निवेशकों के सामने मिलट्स (बाजरे सहित मोटे अनाज), जैविक खेती, बागवानी और डेयरी में निवेश के अवसरों का प्रदर्शन करेगा।
17-02-2022
पन्ना कृषि विज्ञान केंद्र पन्ना के वैज्ञानिकों ने केंद्र के पोषण वाटिका में पोषक तत्वों से भरपूर रंगीन गोभी उगाई है। पीले रंग की यह गोभी कैरोटिना संकर प्रजाति की है। एक से दो किलो के औसत फूल वजन वाली गांभी यह फसल 60 से 65 दिन में तैयार हो जाती है।
10-01-2022
मध्य प्रदेश शासन द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनांतर्गत कृषि के समग्र विकास के लिये सतही एवं भूमिगत जल की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बलराम ताल योजना किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के माध्यम से संचालित है। योजना का लाभ उठाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं।
24-12-2021
मध्य प्रदेश भाजपा किसान मोर्चा सूबे के हर गांव में एक ग्राम किसान संयोजक और चार सह संयोजक नियुक्त करेगा। ये पदाधिकारी अपने गांव में किसान मोर्चा का प्रतिनिधित्व कर केंद्र और राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं को हर खेत और हर किसान तक पहुंचाएंगे।
22-12-2021
ड्रिप एवं स्प्रिंकलर विधि से सिंचाई की महत्ता को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा देशभर में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना चलाई जा रही है। योजना के तहत समय-समय पर राज्य सरकारों के द्वारा किसानों से आवेदन आमंत्रित कर ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई यंत्रों पर सब्सिडी दी जाती है ।
16-12-2021
सरकार किसानों के लिए कई योजनाएं चला रही है। किसान ट्रैक्टर खरीदने के लिए मोदी सरकार की पीएम किसान ट्रैक्टर योजना की मदद ले सकते हैं। इसमें किसान आधी कीमत पर खेती के लिए ट्रैक्टर खरीद सकते हैं। दरअसल इस योजना में केंद्र सरकार नया ट्रैक्टर खरीदने के लिए 50 फीसदी तक सब्सिडी देती है। जिसके लिए किसानों को कुछ डॉक्यूमेंट्स चाहिए।
13-12-2021
कृभको मध्य प्रदेश द्वारा सहकारिता सप्ताह 14 नवम्बर से 20 नवम्बर 2021 तक सहकारिता सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है । इस अवसर पर एक राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन का आयोजन भोपाल में किया गया कायर्क्रम के मुख्य अतिथि नरेश पाल कुमार आईएएस प्रशासक अपैक्स बैंक एवं आयुक्त सहकारिता म. प्र. भोपाल एवं विशिष्ठ अतिथि पी. एस.तिवारी प्रबन्ध संचालक- एपेक्स बैंक, विशिष्ठ अतिथि जे. पी. सिंह उप महा प्रबंधक, कृभको भोपाल एवं कार्यक्रम के अध्यक्ष डा. पवित्र श्रीवास्तव विभागाध्यक्ष जन सम्पर्क मध्य प्रदेश शासन थे ।
17-11-2021
किसानों को आत्मनिर्भर बनाने अभियान चला रही है। 15 नवंबर 2021 से लेकर 15 फरवरी 2022 तक अभियान चलेगा। सरकार खेती की तरह ही पशुपालन, डेयरी एवं मछली पालन कर रहे व्यक्तियों को कम ब्याज दरों पर आसानी से लोन उपलब्ध हो सके इसके लिए किसान क्रेडिट कार्ड KCC को पशुपालन एवं मछली पालन से जोड़ दिया गया है। अधिक से अधिक मछली पालकों एवं पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ मिल सके इसके लिए केंद्र सरकार ने “राष्ट्रव्यापी एएचडीएफ केसीसी अभियान”की आधिकारिक रूप से शुरूआत कर दी है।
15-11-2021
मध्यप्रदेश में इंदौर एवं जबलपुर दुग्ध संघ द्वारा बकरी का दूध खरीदा जा रहा है साथ ही इसकी बिक्री के लिए इसे पार्लरों पर भी उपलब्ध कराया जा रहा है जिससे बकरी पालकों की आय में वृद्धि होगी।
15-11-2021
बैंगलोर कृषि मेला में एक सांड आकर्षक का केंद्र बना हुआ है। अभी हाल ही में चार दिवसीय कृषि मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में कृष्णा नाम का सांड सुर्खियां बचोर रहा है। कृष्णा को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी रही। लोग इसे देखने और खरीदने के लिए भीड़ लगा रहे हैं। कृष्णा नाम का यह सांढ अभी साढे़ तीन साल का है, यह सांड हल्लीकर नस्ल का सांड है।
15-11-2021
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अन्तर्गत बलराम तालाब निर्माण हेतु रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जो कृषक वर्ष 2017-18 एवं उसके बाद विभागीय योजनाओं अन्तर्गत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर में लाभान्वित हुये है वह पात्र होंगे।
10-11-2021
मध्यप्रदेश के सुदूर अंचल सीधी जिले में सांसद रीति पाठक, राज्यसभा सांसद अजय प्रताप सिंह, विधायक केदारनाथ शुक्ला की मौजूदगी में सोनांचल कोदो को लोकार्पित किया गया। समारोह के दौरान क्षेत्रीय सांसद रीति पाठक ने जनजातीय महिलाओं के उत्पाद को उनके विकास की कड़ी में अहम बताया। साथ ही मिलेट प्रमोशन में संसाधनों की कमी नहीं होने देने का आष्वासन दिया। राज्यसभा सांसद अजय प्रताप सिंह ने कोदो अनाज की बढ़ती मांग को देखते हुए जिले में नई कोदो प्रसंस्करण ईकाई स्थापित करने को कहा।
03-11-2021
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के निर्देश पर इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर को-आपरेटिव लिमिटेड यानी इफ्को द्वारा शुरू हुआ ट्रायल अब अंतिम दौर में पहुंच चुका है। इफ्को ने जो नैनो डीएपी विकसित किया है, उसकी उर्वरक इस्तेमाल दक्षता 72 फीसदी से अधिक है। केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया नैनो डीएपी के ट्रायल के बारे में लगातार इफ्को से जानकारी ले रहे हैं। बहुत जल्द ही ट्रायल का काम पूरा हो जाएगा। अभी तक के ट्रायल के जो नतीजे आए हैं, वह काफी उत्साहजनक हैं। नैनो डीएपी के बाजार में आ जाने के बाद केंद्र सरकार को लाखों करोड़ रुपए की बचत तो होगी ही, साथ ही किसानों को बेहद ही कम कीमत पर नैनो डीएपी खाद मिलेगा।
01-11-2021
ग्रामों के सतत संवहनीय एवं समावेशी विकास के लिए उनका वाइब्रेंट (जीवंत) होना आवश्यक है। केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर इस संबंध में पहल की है। हर ग्राम, जनपद एवं जिला पंचायत के विकास की योजनाएं बनाई जा रही हैं। हमें संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा निर्धारित संवहनीय विकास के लक्ष्य को प्राप्त करना है।
29-10-2021
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाल ही में कृषि उड़ान 2.0 का शुभारंभ किया। कृषि उड़ान 2.0 का उद्देश्य कृषि-उपज और हवाई परिवहन के बेहतर एकीकरण और अनुकूलन के माध्यम से मूल्य प्राप्ति में सुधार लाने और विभिन्न और गतिशील परिस्थितियों में कृषि-मूल्य श्रृंखला में स्थिरता और लचीलापन लाने में योगदान देना है। इस योजना में हवाई परिवहन द्वारा कृषि-उत्पादों के परिवहन को सुविधाजनक बनाने और प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव है।
27-10-2021
लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों से कृषि लागत में भी इजाफा हो रहा है। इसे कम करने के लिए अब इलेक्ट्रिक एवं बैटरी से चलने वाले कृषि यंत्रों के विकास पर जोर दिया जा रहा है। इस कड़ी में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर पर अनुसंधान करने वाला देश का पहला कृषि विश्वविद्यालय बन गया है। विश्वविद्यालय के कृषि इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी कॉलेज ने बैटरी से चलने वाला ई-ट्रैक्टर को तैयार किया है। यह टैक्टर 16.2 किलोवाट की बैटरी से चलता है और डीजल ट्रैक्टर की तुलना में इसकी संचालन लागत बहुत कम है।
26-10-2021
जमीन के अंदर आलू की खेती होते सबने देखी होगी। अब एरोपॉनिक तकनीक से हवा में भी आलू की खेती की जा सकेगी, जिसमें पांच गुना ज्यादा पैदावार भी होगी। देश में यह एक क्रांतिकारी प्रयास है। इस तकनीक की मदद से आलू जमीन में नहीं, बल्कि हवा में उगाया जा रहा है। इस तकनीक से आलू उगाने पर किसानों को पांच गुना ज्यादा मुनाफा मिलता है। इसके साथ ही आलू को सडऩे और खोदते समय होने वाले नुकसान से भी बचाया जा सकता है। इससे किसानों की आय भी बढ़ जाएगी।
26-10-2021
आचार्य श्री विद्यासागर जीवदया गौसेवा सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गौ संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गौशाला का संचालन अकेले सरकार के वश की बात नहीं है। समाज के साथ मिलकर ही यह काम संभव है। गो माता की हर एक चीज उपयोगी है। इसका यदि सही ढंग से इस्तेमाल किया जाए तो खुद ही गौशाला स्वावलंबी हो जाएगी। सीएम ने दयोदय में पुरस्कार वितरण कार्यक्रम को संबोधित किया।
26-10-2021
दो माह के भीतर किसानों पर मौसम की यह दूसरी मार पड़ी है। जिस कारण जिले का किसान सदमे में पहुंच गए हैं। यहां बता दें कि जिले में रविवार की रात को हुई तेज बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान खेतों में खड़ी धान और सरसों की फसल को हुआ है।
26-10-2021
हर ग्राम पंचायत में इन दिनों जुगाड़ से लाइब्रेरी बनाई जा रही है। जुगाड़ भी ऐसा की हर घर की रद्दी कॉपी किताबों को ग्राम पंचायतों में सजाया गया है। ये पहल जिले में मंडला कलेक्टर हर्षिका सिंह ने की है। जिसका मकसद है, कि जो ग्रामीण नई-नई चीजें पढऩा और लिखना चाहते हैं, वो यहां आकर आराम से पढ़ और लिख सकते है। दरअसल, मंडला कलेक्टर ने एक नई पहल शुरू की है।
26-10-2021
मप्र में आदिवासियों की आबादी 21 प्रतिशत है। वहीं 2011 की जनगणना के अनुसार इनकी संख्या एक करोड़ 53 लाख है। मप्र में हर पांचवां व्यक्ति अनुसूचित जनजाति वर्ग का है। दरअसल, झाबुआ में मुख्यमंत्री ने कहा है कि उनकी सरकार आदिवासियों को महुआ से शराब बनाने की इजाजत देगी।
26-10-2021
सतना और मंडला समेत प्रदेश के 13 जिलों के किसानों को खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में धान उपार्जन के लिए पंजीयन की अनुमति मिली है। इसके तहत पंजीयन की अंतिम तिथि बीत जाने के बावजूद सतना जिले के 658 किसानों को पंजीयन कराने की अनुमति मिली है। वही मंडला में पंजीयन के लिए शेष किसानों का 12 केन्द्रों में 26 अक्टूबर तक पंजीयन होगा।
25-10-2021
'पोस्ट ऑफिस की ग्राम सुरक्षा योजना में कम जोखिम में अच्छा रिटर्न पा सकते हैं। 19 से 55 वर्ष की आयु के लोग इस बीमा योजना को खरीद सकते हैं। इस योजना में बीमा राशि 10,000 रुपए से लेकर 10 लाख रुपए तक है।
22-10-2021
पीएम मोदी और डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट फ्रेडरिक्सन के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद एग्रीमेंट का आदान-प्रदान हुआ। वहीं, इस दौरान दोनों नेताओं ने अपना संबोधन भी दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, 'आज की हमारी मुलाकात भले ही पहली रूबरू मुलाकात थी लेकिन कोरोना कालखंड में भी भारत और डेनमार्क के बीच संपर्क और सहयोग की गति बरकरार रही थी।'
09-10-2021
केंद्र सरकार ने मॉनिटरिंग का नया इकोसिस्टम बनाया है। इस नए इकोसिस्टम से किसानों को बिचौलियों से दूर रखा जाएगा जिससे किसान अपनी मेहनत को औने-पौने दाम में बेचने को मजबूर न हो। सरकार ने राज्यों के खरीद पोर्टल्स में रणनीतिक बदलाव करते हुए निगरानी को और सख्त कर दिया है। केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र के खरीद पोर्टल को एक कर दिया है।
07-10-2021
मध्यप्रदेश राज्य में उद्यानिकी विभाग द्वारा नश्वर उत्पादों की भण्डारण क्षमता में वृद्धि की विशेष योजना चलाई जा रही है। योजना के तहत लाभार्थी किसानों को प्याज भंडार गृह पर 50 प्रतिशत तक का अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। मध्यप्रदेश उधानिकी विभाग के तरफ से 50 मीट्रिक टन क्षमता वाले भंडारण के लिए अधिकतम 3,50,000 /- रूपये की लागत निश्चित की गई है।
24-09-2021
अक्टूबर महीने में किसान रबी फसलों की बुआई के लिए तैयारी शुरू कर देंगे। रबी में सबसे महत्वपूर्ण फसल गेहूं है जो देश के अधिकांश क्षेत्रों में लगाई जाती है। बुआई के लिए किसानों को गेहूं की किस्मों चयन पहले करना होगा ताकि किस्म के अनुसार गेहूं की खेती की तैयारी कर सकें। अच्छी आमदनी के लिए जरुरी है की किसान गेहूं की ऐसी किस्में लगाएं जिसकी रोगों के प्रति रोधक क्षमता अच्छी हो और साथ ही पैदावार अधिक प्राप्त की जा सके।
24-09-2021
फेडरेशन ऑफ़ इंडियन चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एन्ड इंडस्ट्री (फिक्की ) द्वारा आयोजित 10 वें कृषि रसायन सम्मेलन का शुभारम्भ केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया। इस सम्मेलन की थीम India @75 थी। इस मौके पर श्री तोमर ने देश में नई प्रौद्योगिकी और सरकार की विभिन्न योजनाओं से किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। कोविड की प्रतिकूल परिस्थिति में भी कृषि क्षेत्र का कामकाज बेहतर रहा। रसायन उद्योग की महत्ता को स्वीकारते हुए आपने प्रकृति का ख्याल रखते हुए किसानों को कैसे ज्यादा लाभ मिले इस पर ध्यान देने की ज़रूरत है।
23-09-2021
मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने एवं राज्य में पैदावार बढ़ाने के लिए बीज ग्राम योजना शुरू कर रही है | योजना के तहत किसानों को खाद्यान्न, दलहन एवं तिलहन फसलों की नवीन किस्मों के प्रमाणित एवं उन्नत बीज उपलब्ध कराये जायेंगे।
23-09-2021
मुरैना शहर में कचरे के साथ फेंके जाने वाले गोबर से जैविक खाद (केंचुआ पद्धति से) बनाकर, नगर निगम की आय बढ़ाने की योजना बनाई गई थी, इसके लिए जैविक खाद के कई प्लांट बनाए, लेकिन यह योजना परवान नहीं चढ़ सकी। योजना तो गोबर से जैविक खाद बनाक करोड़ों रुपए कमाने की थी, लेकिन हकीकत यह है कि जैविक खाद प्लांट पर नगर निगम ने जितना खर्च किया वह भी डूब गया और जैविक खाद बनाने के यह प्लांट खुद ही कचरे में तब्दील हो गए।
22-09-2021
नई तकनीकों के द्वारा कृषि का आधुनिकीकरण जारी रहेगा, जिससे किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने गत दिवस कृषि भवन में एक एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। ये समझौता ज्ञापन आईटीसी लि., सिस्को, निंजाकार्ट, जियो प्लेटफॉम्र्स, और एनसीडीईएक्स ई-मार्केट्स लि. के साथ पायलट परियोजनाओं के लिए किया गया।
21-09-2021
तपुड़ा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में घास की 106 प्रजातियों उपलब्ध होने के प्रमाण मिले हैं। बड़े घास के मैदान के साथ ही छोटे घने, घास के मैदानों में ये प्रजातियां मौजूद हैं। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा विशेषज्ञों की मदद से फील्ड में तैनात वनकर्मियों को घास के बारे में जानकारी दी जा रही है। यह पहला मौका है जब घास की सभी 106 प्रजातियों को सूचीबद्ध किया गया है।
21-09-2021
प्रदेश में पिछले साल अतिवर्षा से क्षतिग्रस्त हुई सोयाबीन, अरहर सहित अन्य फसलों के बीमा की राशि किसानों को अक्टूबर में मिलने की संभावना है। कृषि विभाग ने किसानों के प्रकरण बीमा कंपनियों को भेज दिए हैं। अब राजस्व विभाग के साथ फसल नुकसान की जानकारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
21-09-2021
मप्र में इस साल 47 लाख किसानों ने फसल बीमा का पंजीयन कराया है। हर साल फसल बीमा कराने वाले किसानों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसकी वजह यह है कि प्राकृतिक आपदा में फसलों के नुकसान की भरपाई शिवराज सरकार समय पर कर रही है। वहीं प्रदेश में बीमा कराने वालों की संख्या देखी जाए तो सिर्फ मंदसौर जिले में चार लाख से अधिक किसानों ने फसल बीमा कराया है। दरअसल, मध्यप्रदेश के एक लाख 72 हजार किसानों की दो साल पहले बर्बाद हुई फसल का 306 करोड़ रुपए का क्लेम अभी तक नहीं मिला
20-09-2021
मध्य प्रदेश में बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन तीसरा शहर है, जहां केंद्र सरकार की स्वामित्व के सर्वे अभियान की शुरुआत की गई है। बीते दो दिनों में सर्वे आफ इंडिया की टीम ने राजस्व विभाग और ग्राम पंचायतों के साथ मिलकर ड्रोन से ग्रामीणों के जमीन व मकान के मालिकाना हक की तस्वीर खींची है।
20-09-2021
पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा अनुसूचित जाति के हितग्राहियों को लिए राज्य पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान, भोपाल में अक्टूबर में नि:शुल्क तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है।
20-09-2021
मध्यप्रदेश में सिर्फ सरकार गौशालाएं नहीं चला सकती है। हां, वो अपने हिस्से का काम बाखूबी कर रही है। गौ-पालन और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्सहित कर रही है। गौशाला के संचालन और उनके संरक्षण के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं, एनजीओ और आम लोगों को आगे आना होगा।
20-09-2021
आरएके कृषि महाविद्यालय सीहोर में अधिष्ठाता डॉ. एचडी वर्मा की अध्यक्षता में अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष-2023 मनाया गया। कार्यक्रम में विभिन्न गावों के 35 से अधिक किसान, 21 छात्राएं, महाविद्यालय के प्राध्यापक/वैज्ञानिक और कर्मचारी मौजूद थे। इस अवसर पर ऑनलाइन कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष-2023 को संबोधित किया।
18-09-2021
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या के वैज्ञानिकों ने जीवाणु की मदद से कल्चर तैयार किया है, जो झुलसा रोग से आलू की फसल को बचाएगा। आलू की खेती करने वाले किसानों को अब झुलसा रोग को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है।
17-09-2021
मध्य प्रदेश सरकार के उद्यानिकी विभाग द्वारा फलों के उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य प्रायोजित “फल क्षेत्र विस्तार योजना” के तहत किसानों से आवेदन आमंत्रित किए हैं | एक जिला एक उत्पाद कार्यक्रम के तहत विभिन्न फलों की बागवानी के लिए अलग-अलग जिलों का चयन किया गया है
16-09-2021
मध्य प्रदेश मे दुग्ध उत्पादन बढाने के लिए सरकार कृत्रिम गर्भाधान की ऐसी तकनीक लाई है जिससे गाय तथा भैंसों में सिर्फ बछिया या पाडियों का जन्म होगा। इससे मादा पशुओं में वृद्धि के कारण दुग्ध में बढोत्तरी होगी। पशु पालकों की आमदनी दोगुना करने का जो लक्ष्य सरकार लेकर चल रही है वह पशुपालन के जरिए ही पूरा हो सकता है। फिलहाल कृत्रिम गर्भाधान एवं प्राकृतिक गर्भाधान से कई बार बछडे पैदा हो जाते हैं।
10-09-2021
इंदौर मंडी में सोयाबीन का 11 हजार रु. क्विंटल से श्रीगणेश – इंदौर की छावनी मंडी में इस वर्ष के खरीफ सीजन की सोयाबीन का 31 अगस्त को श्रीगणेश हो गया। तिल्लौर के किसान श्री संतोष ठाकुर की साढ़े तीन क्विंटल सोयाबीन 11 हज़ार रुपए प्रति क्विंटल की दर से बिकी। 11 thousand rupees of soybean in Indore mandi. Beginning from Quintal – Soyabean of this year's Kharif season was started on 31st August in Cantonment Mandi of Indore. Three and a half quintals of soybean of Tillaur farmer Shri Santosh Thakur was sold at the rate of Rs.11 thousand per quintal.
09-09-2021
मध्यप्रदेश सरकार ने मछली पालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मछली पालकों के लिए चल रही योजनाओं में दी जाने वाली आर्थिक सहायता में वृद्धि करने के निर्देश दिए हैं |
08-09-2021
पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को यूनियन कैबिनेट की बैठक में हुआ। सरकार ने फसल वर्ष 2022-23 के लिए मसूर और सरसों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 400-400 रुपए प्रति क्विंटल का इजाफा किया है। चने के एमएसपी में 130 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। गेहूं का समर्थन मूल्य 40 रुपए प्रति क्विंटल बढ़कर 2015 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है। The union cabinet meeting chaired by PM Narendra Modi took place on Wednesday. The government has increased the minimum support price of lentils and mustard by Rs 400-400 per quintal for the crop year 2022-23. The MSP of gram has been increased by Rs 130 per quintal. The support price of wheat has been increased by Rs 40 per quintal to Rs 2015 per quintal
08-09-2021
एक दशक से अधिक समय से मध्य प्रदेश के 13 जिलों में उगाए जाने वाली बासमती के लिए जीआई टैग प्राप्त करने की कोशिश में लगा है और कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया फैसले से मध्य प्रदेश के बासमती को जीआई टैग मिलने का रास्ता एक बार फिर खुल गया है।For more than a decade, basmati grown in 13 districts of Madhya Pradesh has been trying to get the GI tag and fighting a legal battle. A recent decision of the Supreme Court has once again opened the way for Basmati of Madhya Pradesh to get the GI tag
08-09-2021
Chhattisgarh government has brought "Rajiv Gandhi Grameen Bhumiless Krishi Mazdoor Nyay Yojana" for the landless farmer laborers of the state. Under this scheme, landless laborers of the state will be given Rs 6,000 per year. छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के भूमिहीन किसान मजदूरों के लिए “राजीव गाँधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना” लेकर आई है | इस योजना के तहत राज्य के भूमिहीन मजदूरों को 6,000 रुपया प्रति वर्ष दिए जाएंगे |
06-09-2021
आत्मनिर्भर भारत के लिए कृषि को आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है। डिजीटल एग्रीकल्चर की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संकल्पना साकार करते हुए कृषि मंत्रालय ने 5.5 करोड़ किसानों से संबंधित डाटा तैयार कर लिया है. For a self-reliant India, it is necessary to make agriculture self-reliant. Realizing Prime Minister Narendra Modi's vision of digital agriculture, the Ministry of Agriculture has prepared data related to 5.5 crore farmers
06-09-2021
बालाघाट जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र विकासखंड बिरसा में कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के कोर जंगल से लगे बफर जोन क्षेत्र के लगभग 10 ग्रामों के 300 किसानों ने उच्च तकनीकी का उपयोग कर माइक्रो इरीगेशन सिस्टम से जायद ऋतु में हाईब्रीड करेला की खेती कर अन्य किसानों को नई राह दिखाई है। इन किसानों ने कोरोना काल में करेला की खेती कर अन्य परंपरागत फसलों की तुलना में पांच गुना अधिक आय अर्जित की है।
29-08-2021
कृषि विज्ञान केंद्र बैतूल बाजार कृषि के क्षेत्र में नई तकनीकों का उपयोग और प्रयोग करता रहता है। किसानों को नई तकनीकों से परिचय दिलवाने और जिले के किसानों को उन्नति कृषि से जोड़ने के लिए ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव का प्रयोग शनिवार को कृषि विज्ञान केंद्र में किया। 40 मिनट में दो एकड़ सोयाबीन पर फंगसनाशक का छिड़काव किया।
29-08-2021
खरगोन में एक जिला एक उत्पाद और जिला स्तरीय लघु उद्योग संवर्धन समिति एवं नियति संवर्धन समिति की संयुक्त बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिला उद्योग प्रबंधक एसएस मण्डलोई ने बताया कि यहाँ मिर्च, प्याज और बेसन सहित अन्य खाद्य प्रसंस्करण के लिए टैमला में 10 हेक्टेयर भूमि का चयन किया जा चूका है। यहां खाद्य प्रोसेंसिग यूनिट स्थापित करने वाले इच्छूक उद्ययमियों को भी चयन कर लिया गया है। जो अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित खाद्य प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करेंगे।
27-08-2021
भारत सरकार की ’’राष्ट्रीय कृषि बाजार’’ (e-NAM) योजना के तहत म0प्र0 राज्य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल द्वारा e-NAM ऑनलाईन ट्रेडिंग पोर्टल पर इन्टरस्टेट ऑनलाईन मण्डी व्यापार बढ़ाये जाने की पहल की जा रही है। इस संबंध में मण्डी बोर्ड की प्रबंध संचालक प्रियंका दास द्वारा गत 26 अगस्त को राजस्थान एवं मध्यप्रदेश राज्य की मण्डी समितियों के मध्य अन्तर्राज्यीय व्यापार किये जाने के संबंध में दोनों राज्यों की सीमावर्ती कृषि मण्डियों के अधिकारियों/कर्मचारियों एवं व्यापारियों की संयुक्त रूप से आनलाइन वर्चूअल मीट आयोजित की गई।
27-08-2021
मच्छरों को भगाने के लिए केमिकल्स भी इस्तेमाल करते हैं लेकिन वह भी स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए नुकसानकारी है| यदि आप प्राकृतिक रूप से मच्छरों से छुटकारा चाहते हैं तो मॉस्किटो रिप्लीयन्ट प्लांट्स अपने बगीचे में लगाएं। Chemicals are also used to drive away mosquitoes, but that too is harmful to health and the environment. If you want to get rid of mosquitoes naturally, then plant mosquito repellent plants in your garden
24-08-2021
चंदन की खेती से जुडक़र किसान करोड़पति बन सकते हैं। बशर्तें उन्हें धैर्य के साथ चंदन की खेती करनी होगी। अगर किसान आज चंदन के पौधे लगाते हैं तो 15 साल बाद किसान अपने उत्पादन को बाजार में बेचकर करोड़ों रुपए कमा सकते हैं। देश में लद्दाख और राजस्थान के जैसलमेर को छोडक़र सभी भू-भाग में चंदन की खेती की जा सकती है। Farmers can become millionaires by joining sandalwood cultivation. Provided they have to cultivate sandalwood with patience. If farmers plant sandalwood saplings today, then after 15 years farmers can earn crores of rupees by selling their produce in the market. Sandalwood can be cultivated in all parts of the country except Ladakh and Jaisalmer in Rajasthan
24-08-2021
सरसों और सूरजमुखी की तरह ही पाम ऑयल एक वनस्पति यानी खाना बनाने में काम आने वाला तेल है। यहां तक कि कई उद्योगों में भी पाम ऑयल का इस्तेमाल होता है। नहाने वाले साबुन में भी पाम ऑयल मिलाया जाता है। पाम का तेल ताड़ के पेड़ के बीजों से निकाला जाता है। इस समय खाना बनाने वाले तेल के रूप में पाम ऑयल का इस्तेमाल बढ़ रहा है क्योंकि इसमें कोई महक नहीं होती। हर तरह का खाना बनाने में पाम ऑयल इस्तेमाल कर सकते हैं। फिलहाल दुनियाभर में 9 करोड़ टन के आसपास पाम ऑयल तेल पैदा होता है। Palm oil, like mustard and sunflower, is a vegetable oil used for cooking. Even palm oil is used in many industries. Palm oil is also added to bath soap. Palm oil is extracted from the seeds of the palm tree. At present, the use of palm oil as a cooking oil is increasing because it has no aroma. Palm oil can be used in cooking all kinds of food. At present, around 90 million tonnes of palm oil oil is produced worldwide
21-08-2021
सोयाबीन की फसल पर पहले इल्लियों का प्रकोप ओर अब अफलन की स्थिति ने किसानों के चहरे मुरझाने लगे है, किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई देने लगी है। The first outbreak of caterpillars on the soybean crop and now the state of aflan has started fading the faces of the farmers, the lines of concern are clearly visible on the faces of the farmers
19-08-2021
उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने वैज्ञानिकों से मानव जाति के सामने आने वाली जलवायु परिवर्तन से लेकर कृषि से लेकर स्वास्थ्य और चिकित्सा जैसी चुनौतियों को हल करने के लिए अनूठे समाधान प्रस्तुत करने की अपील की। बेंगलुरु में जवाहरलाल नेहरू उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र (जेएनसीएएसआर) में वैज्ञानिकों और छात्रों को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने वैज्ञानिकों से उत्कृष्टता हासिल करने और लोगों के जीवन में सुधार लाने के लिए नवोन्मेषण के लिए प्रयास करने की अपील की।
18-08-2021
राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो , पूसा, नई दिल्ली में विश्व के दूसरे सबसे बड़े नवीनीकृत-अत्याधुनिक राष्ट्रीय जीन बैंक का लोकार्पण केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया। इस अवसर पर श्री तोमर ने कहा कि कृषि क्षेत्र के समक्ष विद्यमान चुनौतियों को स्वीकार करते हुए उन पर विजयी प्राप्त करने में भारत के किसान पूरी तरह सक्षम है, हमारे किसान बिना किसी बड़ी शैक्षणिक डिग्री के भी कुशल मानव संसाधन है। Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar inaugurated the world's second largest updated-state-of-the-art National Gene Bank at National Bureau of Plant Genetic Resources, Pusa, New Delhi. Speaking on the occasion, Mr. Tomar said that the farmers of India are fully capable of accepting the challenges faced by the agriculture sector and conquering them, our farmers are skilled human resource even without any major educational degree
18-08-2021
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से राष्ट्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि छोटा किसान अब हमारे लिए हमारा मंत्र है, हमारा संकल्प है। छोटा किसान बने देश की शान, ये हमारा सपना है। आने वाले वर्षों में हमें देश के छोटे किसानों की सामूहिक शक्ति को और बढ़ाना होगा, नई सुविधाएं देनी होंगी।देश के हर क्षेत्र में हमारे देश के वैज्ञानिक बहुत सूझ-बूझ से काम कर रहे हैं। अब समय आ गया है कि हम अपने कृषि क्षेत्र में भी वैज्ञानिकों की क्षमताओं और उनके सुझावों को भी हमारे एग्रीकल्चजर सेक्टर में जोड़े। Prime Minister Narendra Modi, while addressing the nation from the Red Fort, said that the small farmer is now our mantra for us, our resolve. Small farmer becomes the pride of the country, this is our dream. In the coming years, we will have to increase the collective power of the small farmers of the country, provide new facilities. Scientists of our country are working very intelligently in every area of the country. Now the time has come that we should add the capabilities of scientists and their suggestions in our agriculture sector also in our agriculture sector
18-08-2021
केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने सांसद कल्याण बनर्जी के एक प्रश्न जिसमें उन्होंने पूछा था कि केन्द्र सरकार क्या 42 लाख किसानों से 3 हजार करोड़ रुपये की वसूली करेगी के उत्तर में लोकसभा में दी. Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar gave a reply in the Lok Sabha in response to a question of MP Kalyan Banerjee, in which he asked whether the Central Government would recover Rs 3 thousand crore from 42 lakh farmers
15-08-2021
कृषि मंत्रालय द्वारा वर्ष 2020-21 के लिए मुख्य? फसलों के उत्पादन का चौथा अग्रिम अनुमान जारी कर दिया गया हैं। खाद्यान्न का 308.65 मिलियन टन रिकार्ड उत्पादन हुआ है। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि किसानों के अथक परिश्रम, वैज्ञानिकों की कुशलता और भारत सरकार की कृषि एवं किसान हितैषी नीतियों से देश में रिकार्ड खाद्यान्न उत्पादन हो रहा है।
14-08-2021
कृषि मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक देश में कुल बुवाई 997.08 लाख हेक्टेयर में हुई है जबकि गत वर्ष इस समय तक 1015.15 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। अब तक धान की बुवाई लगभग 349.24 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हो गयी है जो कि पिछले वर्ष इसी अवधि में 351.52 लाख हेक्टेयर में हुई थी। मोटे अनाज की बुवाई लगभग 163.04 लाख हेक्टेयर में हुई है जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 167 लाख हेक्टेयर था। वहीं तिलहन के लिए लगभग 180.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवरेज हुआ है जो कि पिछले वर्ष इसी अवधि में 185.45 लाख हेक्टेयर था।
14-08-2021
लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि गत तीन वर्षों (2018-2020) और वर्तमान वर्ष के दौरान 69 फील्ड फसलों की 1017 किसमें और 58 बागवानी फसलों की 206 किस्में विकसित की गई हैं. In reply to a question in Lok Sabha, Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar said that during the last three years (2018-2020) and the current year, in which 1017 varieties of 69 field crops and 206 varieties of 58 horticultural crops have been developed
14-08-2021
केंद्र सरकार ने किसानों एवं पशुपालकों की आय बढ़ाने एवं देश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए कृत्रिम गर्भाधान कर्यक्रम की शुरूआत की थी | योजना के तहत देश के सभी गौ-भैंस वंशीय पशुओं कृत्रिम गर्भाधान किया जाना है| कार्यक्रम के दो चरण पूर्ण हो चुके हैं अब इस वर्ष मध्यप्रदेश में 1 अगस्त 2021 से तृतीय चरण की शुरुआत हो चुकी है | The Central Government had started the artificial insemination program to increase the income of farmers and livestock farmers and to increase milk production in the country. Under the scheme, artificial insemination is to be done in all the cow-buffalo animals of the country. Two phases of the program have been completed, now this year the third phase has started in Madhya Pradesh from August 1, 2021
14-08-2021
“प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना PMKSY” चलाई जा रही है | जिसका एक कॉम्पोनेन्ट है सूक्ष्म सिंचाई “पर ड्राप मोर क्राप” (माइक्रोइरीगेशन), जिस के तहत किसानों को सिंचाई यंत्र जैसे ड्रिप, मिनी माइक्रो स्प्रिंकलर एवं पोर्टेबल स्प्रिंकलर आदि अनुदान पर दिए जाते हैं | “Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana PMKSY” is being run. One of the components of which is micro irrigation “Per Drop More Crop” (Microirrigation), under which irrigation equipments like drip, mini micro sprinkler and portable sprinkler etc. are given to the farmers on grant
14-08-2021
एग्रोफारेस्ट्री योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे किसानों की उत्पादकता, रोजगार के अवसर, आजीविका में सुधार के लिए फसलों सहित एकीकृत ढंग से पौध रोपण को बढ़ावा देना है योजना में कृषि भूमि पर इमारती लकड़ी के पौध रोपण को बढ़ावा दिया जाता है इसके लिए शीसम, सागौन, सफेदा, मालाबार, नीम, अरडू, चंदन एवं पॉपलर जैसी इमारती लकड़ी वाले वृक्षों की प्रजातियों के पौधरोपण को शामिल किया गया है। The main objective of the Agroforestry scheme is to promote plantation in an integrated manner including crops to improve the productivity, employment opportunities, livelihood of small farmers. Plantation of timber tree species like , Safeda, Malabar, Neem, Ardu, Chandan and Poplar have been included
14-08-2021
केंद्र सरकार द्वारा सोलर रूफ टॉप संयंत्रों की स्थापना के लिए योजना चलाई जा रही है| योजना मेंलाभार्थी को सोलर सयंत्र की स्थापना पर सब्सिडी दी जाती है|इन संयंत्रों की स्थापना से उपभोक्ताओं को न केवल सस्ती बिजली प्राप्त होती है बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी यह संयंत्र अहम भूमिका निभाते है।संयंत्र स्थापित करने में जहाँ 4 वर्ष में लागत निकल जाती है वहीँ इसकी आयु भी लगभग 25 वर्ष होती है | The scheme is being run by the central government for the installation of solar roof top plants. Under the scheme, subsidy is given to the beneficiary on the installation of solar plant. The installation of these plants not only provides cheap electricity to the consumers but also plays an important role in environmental protection. In setting up a solar plant, where the cost is removed in 4 years, its life is also about 25 years
12-08-2021
Khadi-Village-Industries-Commission-will-soon-set-up-a-unit-to-make-natural-paint-from-cow-dung-in-six-states-People-can-make-a-lot-of-profit-by-selling-cow-dung-at-Rs-5-per-kg.-Natural-paint-made-from-cow-dung-was-launched-on-12-January-by-Union-Minister-Nitin-Gadkari-looking-after-MSME.
02-08-2021
Varmi compost stitches have been constructed under the Godan Nyaya Yojana in these plants, in which women of self-help groups are producing organic manure.
11-03-2021
बुंदेलखंड में धरती की नीचे कई अमूल्य रत्न छिपे हैं जो आए दिन बाहर भी निकलते रहते हैं, लेकिन अब इस संपदा के साथ साथ पेट्रोलियम पदार्थ और गैस के अपार भंडार होने की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं
03-03-2021
टमाटर मिर्च के अलावा अमरूद, पपीता और मेंगों के भी स्वादिष्ठ और ज़ायकेदार खट्टे-मीठे उत्पाद तैयार होंगे
14-02-2021