ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture (CISH), रहमानखेड़ा, लखनऊ के अनुसार, इन दिनों आम के बागानों में मिलीबग (mealybug) का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। यह कीट जनवरी के पहले हफ्ते से सक्रिय हो जाता है और मई तक नुकसान करता रहता है। अगर समय रहते इसका इलाज नहीं किया गया, तो ये कीट आम के फूलों और नई कोपलों को गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है।
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शुरुआती चरण में रोकथाम है जरूरी
अगर मिलीबग की रोकथाम शुरुआत में कर दी जाए, तो नुकसान से बचा जा सकता है।
- पेड़ों के तनों के चारों ओर कीटनाशक डस्ट (Insecticide Dust) डालना चाहिए। इससे वे कीड़े (निम्फ) मर जाते हैं जो तने पर चढ़ने की कोशिश करते हैं।
अगर कीट फूलों तक पहुंच गया हो तो क्या करें?
अगर मिलीबग पहले ही फूलों और नई पत्तियों तक पहुंच चुका हो, तो फौरन स्प्रे करना जरूरी है।
- Spirotetramate 11.01% + Imidacloprid 11.01% SC को सही मात्रा में पानी के साथ मिलाकर पेड़ों पर छिड़काव करें।
बाग की सफाई और देखभाल से भी मिलेगा फायदा
- बाग में सफाई बनाए रखें
- जंगली घास और खरपतवार हटाएं
- संक्रमित शाखाओं की छंटाई करें
- नाइट्रोजन उर्वरक का ज्यादा इस्तेमाल न करें
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इन उपायों को अपनाकर किसान भाई अपने आम के बाग को मिलीबग जैसे खतरनाक कीट से बचा सकते हैं और अच्छी फसल पा सकते हैं। समय पर सावधानी बरतना ही इस समस्या से निपटने का सबसे कारगर तरीका है।




