पशुधन
घोड़ों में खुजली रोग का उपचार
– डॉ.शिवम सिंह मेहरोत्रा – डॉ. आर.के बघेरवाल – डॉ.हेमंत मेहता – डॉ. मुकेश शाक्य(पशु चिकित्सा एवं पशु पालन महाविद्यालय महू) घोड़ों में खुजली ...
गाय- भैंसों को कैसे बचाएं दुग्ध ज्वर (मिल्क फीवर) से
डॉ. शिवम सिंह मेहरोत्राडॉ. आर.के बघेरवालडॉ. हेमंत मेहताडॉ. मुकेश शाक्यपशु चिकित्सा एवं पशु पालन महाविद्यालय महूदुग्ध-ज्वर गाय या भैंस में ब्यौने से कुछ समय ...
बारिश का मौसम, हरा चारा और पशुओं में अफारा (पेट फूलना)
डॉ. शिवम सिंह मेहरोत्राडॉ. हेमंत मेहताडॉ. आर.के बघेरवालडॉ. मुकेश शाक्यपशु चिकित्सा एवं पशु पालन महाविद्यालय महूप्रिय पशुपालक भाइयों, जैसा की बारिश के मौसम में ...
पशुओं में फैसिओलोसिस रोग का खतरा, जानिए कैसे करें बचाव
गगन बेडरे, पूजा दीक्षित, अमित साहू, बालेश्वरी दीक्षित एवं आलोक कुमार दीक्षित पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, रीवा (मप्र) यह मवेशियों में होने वाली ...
मप्र की राजकीय मछली महासीर (टोर टोर): संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रयास
महेंद्र सिंह, डॉ. माधुरी शर्मा डॉ. राजेश चौधरी, डॉ.उत्तम कुमार सरकार 1. मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय, ना. दे. प. चि. वि. वि., जबलपुर, मध्य प्रदेश2. डॉ. राजेश ...
मप्र की राजकीय मछली: संरक्षण और संवर्धन के प्रयास
महेंद्र सिंहडॉ माधुरी शर्माडॉ राजेश चौधरीडॉ उत्तम कुमार सरकारमत्स्य विज्ञान महाविद्यालय, नादेपचिविवि, जबलपुर, मध्य प्रदेशमध्य प्रदेश मत्स्य महासंघ, भोपालआईसीएआर-राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, लखनऊ, ...
लम्पी स्किन- गांठदार त्वचा रोग -निवारण एवं उपचार
डॉ सौरभ शर्मा, डॉ रूचि सिंह, डॉ हरी आर, डॉ रश्मि विश्वकर्मा, डॉ प्रतीक्षा ठाकुर पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यलाय जबलपुर परिचयलम्पी स्किन रोग वायरस (LSDV) ...
पशुओं के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण खनिज
डॉ. ज्योत्सना शक्करपुडे, डॉ. मनोज कुमार अहिरवार डॉ. अर्चना जैन, डॉ. कविता रावतडॉ. दीपिका डायना जेस्सी ए., डॉ. रंजीत आइच, डॉ. श्वेता राजोरिया, डॉ. आम्रपाली भिमटे ...
ठंड के मौसम में बकरी के बच्चों की कैसे करें देखभाल, जानिए क्या कहते हैं पशु वैज्ञानिक
बकरी पालन में असल मुनाफा बकरी के बच्चों से होता है। सालभर जितने बच्चे मिलेंगे उतना ही मोटा मुनाफा होगा। ये बकरी पालन में मुनाफे की बुनियाद भी होते हैं। लेकिन बकरी के बच्चे मुनाफे में तब बदलते हैं जब उनकी मृत्यु दर को कम या फिर पूरी तरह से कंट्रोल किया जाए। केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (सीआईआरजी), मथुरा के साइंटिस्ट की मानें तो मृत्यु दर कम करने की तैयारी बकरी के गर्भधारण से ही शुरू हो जाती है।
भारतीय और विदेशी गोवंश की उन्नत नश्लें, जानिए इनकी क्या है विशेषता
भारत में प्राचीन काल से ही पशुपालन व्यवसाय के रुप मे प्रचलित रहा है। भारत में 70फीसदी आबादी ग्रामीण है। 20वीं पशुधन गणना के अनुसार देश में कुल पशुधन आबादी 53578 मिलियन है, जो 2012 की तुलना मे 4.6 प्रतिशत अधिक है।




