Search ई-पेपर ई-पेपर WhatsApp

अब खेत में करें पानी वाली फसल की खेती, कम समय में होगी मोटी कमाई

आजकल किसान भाई मखाना की खेती से लाखों रुपये कमा रहे हैं। पहले लोग मानते थे कि मखाना सिर्फ बड़े तालाबों में ही उगाया जा सकता है, लेकिन अब समय बदल चुका है। अब किसान इसे खेतों में भी उगा रहे हैं, और खूब पैसा कमा रहे हैं। थोड़ी समझदारी और मेहनत से खेतों में मखाना उगाना बिल्कुल मुमकिन है।

खेत में उगी फालतू गाजर घास से परेशान हो गए तो लगाओ ये देसी फूल, मिलेगा जबरदस्त फायदा

कहां होती है सबसे ज्यादा मखाना की खेती?

भारत में बिहार का मिथिलांचल इलाका मखाना के लिए सबसे ज्यादा मशहूर है। खासकर दरभंगा और मधुबनी जिले के किसान बरसों से मखाना की खेती कर रहे हैं। पहले ये खेती तालाबों में ही होती थी, लेकिन अब खेतों में भी इसकी अच्छी उपज ली जा रही है।

खेतों में मखाना कैसे उगाया जाता है?

अब जो किसान खेतों में मखाना उगा रहे हैं, उनके खेत थोड़े अलग होते हैं। ये वो खेत हैं जिनमें सालभर पानी जमा रहता है। यानी वहां दलदली या पानी भरी जमीन होती है। जब खेत में 6 से 9 इंच तक पानी जमा हो जाता है, तभी मखाना की बुआई की जाती है।

इसके लिए खेतों को पहले से तैयार किया जाता है और पानी की सफाई भी की जाती है।

मखाना की बुआई कब और कैसे होती है?

मखाना की खेती एक लंबी प्रक्रिया है, जिसमें मेहनत के साथ-साथ समय की भी जरूरत होती है। सबसे पहले किसान खेत का पानी साफ करते हैं और उसमें से घास-फूस और जलीय खरपतवार हटा देते हैं। फिर मखाना के बीज डाले जाते हैं।

अप्रैल महीने में पौधों में फूल आने लगते हैं। ये फूल करीब 3 से 4 दिन तक पौधे पर रहते हैं, फिर बीजों से फल बनने लगता है।

मखाना का फल कैसे बनता है?

जब फल बन जाता है तो जून-जुलाई के महीनों में यानी बारिश के समय ये फल पानी की सतह पर 24 से 48 घंटे तक तैरता है। इसके बाद वह नीचे जाकर जमीन में बैठ जाता है।

ध्यान देने वाली बात ये है कि मखाना का पौधा कांटेदार होता है। इसके कांटे करीब 2 महीने में गल जाते हैं। उसके बाद ही मखाना निकालने का काम शुरू होता है।

मखाना की खुदाई और सुखाने का तरीका

सितंबर से अक्टूबर के बीच जब पौधा पूरी तरह तैयार हो जाता है, तब किसान पानी में घुसकर मखाना निकालते हैं। ये काम बहुत मेहनत भरा होता है, क्योंकि फल जमीन के नीचे जमा होता है।

निकालने के बाद मखाना को धूप में सुखाया जाता है। फिर बीज को पीस कर उसका छिलका हटाया जाता है। इसके बाद उसे गर्म करके हथौड़े से तोड़ा जाता है, ताकि अंदर का सफेद हिस्सा (जिसे लावा या पॉप मखाना कहते हैं) निकाला जा सके।

मखाना से कमाई कैसे होती है?

मखाना बेचकर किसान हर साल 3 से 4 लाख रुपये तक कमा रहे हैं। और कमाल की बात ये है कि मखाना से सिर्फ बीज या लावा ही नहीं बेचा जाता, बल्कि इसके डंठल और जड़ (ट्यूबर) भी बाजार में अच्छे दामों में बिकते हैं।

इससे कुल मिलाकर किसानों को एक फसल से कई तरह की कमाई होती है।

मखाना की खेती के लिए जरूरी बातें

अगर आप भी मखाना की खेती करना चाहते हैं तो कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें:

  1. खेत में पानी जमा रहना जरूरी है, कम से कम 6 से 9 इंच।
  2. बीजों की सफाई और खेत की सफाई अच्छे से करनी होगी।
  3. समय पर बुआई और कटाई जरूरी है।
  4. मखाना निकालने के बाद उसे सही तरीके से सुखाना और प्रोसेस करना होगा।

सरकार की मदद और योजनाएं

बिहार सरकार और केंद्र सरकार मखाना की खेती को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। कृषि विभाग से संपर्क करके बीज, उर्वरक और प्रोसेसिंग की जानकारी मुफ्त में मिल सकती है। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए लोन भी लिया जा सकता है।

देसी तरीका, बड़ा फायदा

तो भाइयों और बहनों, मखाना की खेती अब सिर्फ तालाबों तक सीमित नहीं रह गई है। थोड़ा अक्ल लगाइए, मेहनत करिए और पानी वाले खेतों में इसकी खेती करके आप भी लाखों कमा सकते हैं। यह खेती समय जरूर लेती है, लेकिन मुनाफा जबरदस्त देती है।

अगर आप गांव में हैं, आपके पास दलदली खेत हैं, और आप कुछ अलग करना चाहते हैं – तो मखाना की खेती आपके लिए एक शानदार मौका है।

अब खेत में करें पानी वाली फसल की खेती, कम समय में होगी मोटी कमाई

आजकल किसान भाई मखाना की खेती से लाखों रुपये कमा रहे हैं। पहले लोग मानते थे कि मखाना सिर्फ बड़े तालाबों में ही उगाया जा सकता है, लेकिन अब समय बदल चुका है। अब किसान इसे खेतों में भी उगा रहे हैं, और खूब पैसा कमा रहे हैं। थोड़ी समझदारी और मेहनत से खेतों में मखाना उगाना बिल्कुल मुमकिन है।

खेत में उगी फालतू गाजर घास से परेशान हो गए तो लगाओ ये देसी फूल, मिलेगा जबरदस्त फायदा

कहां होती है सबसे ज्यादा मखाना की खेती?

भारत में बिहार का मिथिलांचल इलाका मखाना के लिए सबसे ज्यादा मशहूर है। खासकर दरभंगा और मधुबनी जिले के किसान बरसों से मखाना की खेती कर रहे हैं। पहले ये खेती तालाबों में ही होती थी, लेकिन अब खेतों में भी इसकी अच्छी उपज ली जा रही है।

खेतों में मखाना कैसे उगाया जाता है?

अब जो किसान खेतों में मखाना उगा रहे हैं, उनके खेत थोड़े अलग होते हैं। ये वो खेत हैं जिनमें सालभर पानी जमा रहता है। यानी वहां दलदली या पानी भरी जमीन होती है। जब खेत में 6 से 9 इंच तक पानी जमा हो जाता है, तभी मखाना की बुआई की जाती है।

इसके लिए खेतों को पहले से तैयार किया जाता है और पानी की सफाई भी की जाती है।

मखाना की बुआई कब और कैसे होती है?

मखाना की खेती एक लंबी प्रक्रिया है, जिसमें मेहनत के साथ-साथ समय की भी जरूरत होती है। सबसे पहले किसान खेत का पानी साफ करते हैं और उसमें से घास-फूस और जलीय खरपतवार हटा देते हैं। फिर मखाना के बीज डाले जाते हैं।

अप्रैल महीने में पौधों में फूल आने लगते हैं। ये फूल करीब 3 से 4 दिन तक पौधे पर रहते हैं, फिर बीजों से फल बनने लगता है।

मखाना का फल कैसे बनता है?

जब फल बन जाता है तो जून-जुलाई के महीनों में यानी बारिश के समय ये फल पानी की सतह पर 24 से 48 घंटे तक तैरता है। इसके बाद वह नीचे जाकर जमीन में बैठ जाता है।

ध्यान देने वाली बात ये है कि मखाना का पौधा कांटेदार होता है। इसके कांटे करीब 2 महीने में गल जाते हैं। उसके बाद ही मखाना निकालने का काम शुरू होता है।

मखाना की खुदाई और सुखाने का तरीका

सितंबर से अक्टूबर के बीच जब पौधा पूरी तरह तैयार हो जाता है, तब किसान पानी में घुसकर मखाना निकालते हैं। ये काम बहुत मेहनत भरा होता है, क्योंकि फल जमीन के नीचे जमा होता है।

निकालने के बाद मखाना को धूप में सुखाया जाता है। फिर बीज को पीस कर उसका छिलका हटाया जाता है। इसके बाद उसे गर्म करके हथौड़े से तोड़ा जाता है, ताकि अंदर का सफेद हिस्सा (जिसे लावा या पॉप मखाना कहते हैं) निकाला जा सके।

मखाना से कमाई कैसे होती है?

मखाना बेचकर किसान हर साल 3 से 4 लाख रुपये तक कमा रहे हैं। और कमाल की बात ये है कि मखाना से सिर्फ बीज या लावा ही नहीं बेचा जाता, बल्कि इसके डंठल और जड़ (ट्यूबर) भी बाजार में अच्छे दामों में बिकते हैं।

इससे कुल मिलाकर किसानों को एक फसल से कई तरह की कमाई होती है।

मखाना की खेती के लिए जरूरी बातें

अगर आप भी मखाना की खेती करना चाहते हैं तो कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें:

  1. खेत में पानी जमा रहना जरूरी है, कम से कम 6 से 9 इंच।
  2. बीजों की सफाई और खेत की सफाई अच्छे से करनी होगी।
  3. समय पर बुआई और कटाई जरूरी है।
  4. मखाना निकालने के बाद उसे सही तरीके से सुखाना और प्रोसेस करना होगा।

सरकार की मदद और योजनाएं

बिहार सरकार और केंद्र सरकार मखाना की खेती को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। कृषि विभाग से संपर्क करके बीज, उर्वरक और प्रोसेसिंग की जानकारी मुफ्त में मिल सकती है। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए लोन भी लिया जा सकता है।

देसी तरीका, बड़ा फायदा

तो भाइयों और बहनों, मखाना की खेती अब सिर्फ तालाबों तक सीमित नहीं रह गई है। थोड़ा अक्ल लगाइए, मेहनत करिए और पानी वाले खेतों में इसकी खेती करके आप भी लाखों कमा सकते हैं। यह खेती समय जरूर लेती है, लेकिन मुनाफा जबरदस्त देती है।

अगर आप गांव में हैं, आपके पास दलदली खेत हैं, और आप कुछ अलग करना चाहते हैं – तो मखाना की खेती आपके लिए एक शानदार मौका है।

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment