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kisan samman nidhi: इंतजार में 25 लाख किसान

arvind mishra

भोपाल, किसानों को लेकर मध्यप्रदेश सरकार कितनी गंभीर है, यह इससे ही समझा जा सकता है कि सात माह का इंतजार करने के बाद भी 25 लाख किसानों को मुख्यमंत्री सम्मान निधि योजना का पैसा अभी तक नहीं मिल पाया है। अब वित्त वर्ष समाप्त होने की वजह से इन किसानों को दो हजार रुपए का नुकसान होना तय है। इसके बाद भी अभी यह तय नहीं है कि आखिर उन्हें कब से सम्मान निधि की राशि मिलेगी।

गौरतलब है कि बीते साल प्रदेश के 28 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव के पहले जीत दर्ज करने के लिए किसानों को सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सरकारी खजाने की दयनीय हालत होने के बाद भी मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की घोषणा की थी। इस योजना के तहत किसानों को हर साल चार हजार रुपए मिलने हैं। उस समय सरकार का पूरा फोकस उन इलाकों में रहा, जहां पर उपचुनाव होने थे। उपचुनाव समाप्त होते ही सरकार ने उन किसानों को भुला दिया जिनको अब तक इस योजना के तहत राशि नहीं मिली है। ऐसे किसानों की संख्या करीब 25 लाख बताई जा रही है। 

पहली किस्त ही नहीं मिली

अब सरकार को भी अपनी यह योजना भारी पड़ रही है। यही वजह है कि अब तक सरकार को आधा दर्जन से अधिक बार किसानों को पैसा देने के लिए कार्यक्रम आयोजित करने पड़े हैं, लेकिन फिर भी 24 लाख 69 हजार 580 किसानों को योजना की पहली किस्त नहीं मिल सकी है। कहा जा रहा है कि सरकार द्वारा कृषि विभाग को इस मद में राशि का आवंटन ही नहीं किया गया है। इसकी वजह से वित्त वर्ष की समाप्ति से पहले सभी किसानों को राशि भुगतान ही नहीं हो सका है।

पंजीयन के नाम पर अटकाया

प्रदेश के 28 लाख 14 हजार 858 किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत पंजीकृत हैं। इन पंजीकृत किसानों की सूची भी प्रदेश सरकार द्वारा केंद्र को दी गई थी। ऐसे में फिर से प्रदेश में किसानों का नए सिरे से पंजीयन का कोई मतलब ही नहीं रह जाता है। इसके बाद भी प्रदेश के किसानों का नाम अलग से पंजीकृत करने का काम शुरू कर दिया गया। 

उठ रहा सवाल

उधर, इस मामले में सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों से पता चलता है कि वह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के आधार पर ही हैं। अब सरकार कह रही है कि जो किसान पीएम सम्मान निधि योजना के तहत पात्र हैं वह सभी किसान मुख्यमंत्री किसान कल्याण सम्मान निधि योजना के लिए भी पात्र माने गए हैं। अब सवाल यह है कि जब यह किसान पहले से ही पात्र हैं, तो उन्हें मुख्यमंत्री सम्मान निधि से वंचित क्यों रखा गया है।

82.15 लाख किसान पंजीकृत

मप्र में पीएम किसान सम्मान निधि योजना में कुल पंजीकृत किसानों की संख्या 82 लाख 14 हजार 858 है। इनमें से अब तक 57 लाख 45 हजार 278 किसानों को ही मुख्यमंत्री सम्मान निधि की राशि का भुगतान किया गया है। इस अवधि में किसानों को 1149 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इसके उलट केन्द्र सरकार द्वारा अब तक प्रदेश के किसानों को पीएम सम्मान निधि के तहत 8476 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। 

kisan samman nidhi: इंतजार में 25 लाख किसान

arvind mishra

भोपाल, किसानों को लेकर मध्यप्रदेश सरकार कितनी गंभीर है, यह इससे ही समझा जा सकता है कि सात माह का इंतजार करने के बाद भी 25 लाख किसानों को मुख्यमंत्री सम्मान निधि योजना का पैसा अभी तक नहीं मिल पाया है। अब वित्त वर्ष समाप्त होने की वजह से इन किसानों को दो हजार रुपए का नुकसान होना तय है। इसके बाद भी अभी यह तय नहीं है कि आखिर उन्हें कब से सम्मान निधि की राशि मिलेगी।

गौरतलब है कि बीते साल प्रदेश के 28 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव के पहले जीत दर्ज करने के लिए किसानों को सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सरकारी खजाने की दयनीय हालत होने के बाद भी मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की घोषणा की थी। इस योजना के तहत किसानों को हर साल चार हजार रुपए मिलने हैं। उस समय सरकार का पूरा फोकस उन इलाकों में रहा, जहां पर उपचुनाव होने थे। उपचुनाव समाप्त होते ही सरकार ने उन किसानों को भुला दिया जिनको अब तक इस योजना के तहत राशि नहीं मिली है। ऐसे किसानों की संख्या करीब 25 लाख बताई जा रही है। 

पहली किस्त ही नहीं मिली

अब सरकार को भी अपनी यह योजना भारी पड़ रही है। यही वजह है कि अब तक सरकार को आधा दर्जन से अधिक बार किसानों को पैसा देने के लिए कार्यक्रम आयोजित करने पड़े हैं, लेकिन फिर भी 24 लाख 69 हजार 580 किसानों को योजना की पहली किस्त नहीं मिल सकी है। कहा जा रहा है कि सरकार द्वारा कृषि विभाग को इस मद में राशि का आवंटन ही नहीं किया गया है। इसकी वजह से वित्त वर्ष की समाप्ति से पहले सभी किसानों को राशि भुगतान ही नहीं हो सका है।

पंजीयन के नाम पर अटकाया

प्रदेश के 28 लाख 14 हजार 858 किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत पंजीकृत हैं। इन पंजीकृत किसानों की सूची भी प्रदेश सरकार द्वारा केंद्र को दी गई थी। ऐसे में फिर से प्रदेश में किसानों का नए सिरे से पंजीयन का कोई मतलब ही नहीं रह जाता है। इसके बाद भी प्रदेश के किसानों का नाम अलग से पंजीकृत करने का काम शुरू कर दिया गया। 

उठ रहा सवाल

उधर, इस मामले में सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों से पता चलता है कि वह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के आधार पर ही हैं। अब सरकार कह रही है कि जो किसान पीएम सम्मान निधि योजना के तहत पात्र हैं वह सभी किसान मुख्यमंत्री किसान कल्याण सम्मान निधि योजना के लिए भी पात्र माने गए हैं। अब सवाल यह है कि जब यह किसान पहले से ही पात्र हैं, तो उन्हें मुख्यमंत्री सम्मान निधि से वंचित क्यों रखा गया है।

82.15 लाख किसान पंजीकृत

मप्र में पीएम किसान सम्मान निधि योजना में कुल पंजीकृत किसानों की संख्या 82 लाख 14 हजार 858 है। इनमें से अब तक 57 लाख 45 हजार 278 किसानों को ही मुख्यमंत्री सम्मान निधि की राशि का भुगतान किया गया है। इस अवधि में किसानों को 1149 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इसके उलट केन्द्र सरकार द्वारा अब तक प्रदेश के किसानों को पीएम सम्मान निधि के तहत 8476 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। 

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