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कृषि को ‘देश की मूल संस्कृति’, कृषि की समस्याओं पर फोकस करें वैज्ञानिक: उपराष्‍ट्रपति

उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने वैज्ञानिकों से मानव जाति के सामने आने वाली जलवायु परिवर्तन से लेकर कृषि से लेकर स्वास्थ्य और चिकित्सा जैसी चुनौतियों को हल करने के लिए अनूठे समाधान प्रस्तुत करने की अपील की। बेंगलुरु में जवाहरलाल नेहरू उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र (जेएनसीएएसआर) में वैज्ञानिकों और छात्रों को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने वैज्ञानिकों से उत्कृष्टता हासिल करने और लोगों के जीवन में सुधार लाने के लिए नवोन्मेषण के लिए प्रयास करने की अपील की।

हमारे किसान बिना किसी बड़ी शैक्षणिक डिग्री के भी कुशल मानव संसाधन है: केंद्रीय कृषि मंत्री 

राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो , पूसा, नई दिल्ली में विश्व के दूसरे सबसे बड़े नवीनीकृत-अत्याधुनिक राष्ट्रीय जीन बैंक का लोकार्पण केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया। इस अवसर पर श्री तोमर ने कहा कि कृषि क्षेत्र के समक्ष विद्यमान चुनौतियों को स्वीकार करते हुए उन पर विजयी प्राप्त करने में भारत के किसान पूरी तरह सक्षम है, हमारे किसान बिना किसी बड़ी शैक्षणिक डिग्री के भी कुशल मानव संसाधन है। Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar inaugurated the world's second largest updated-state-of-the-art National Gene Bank at National Bureau of Plant Genetic Resources, Pusa, New Delhi. Speaking on the occasion, Mr. Tomar said that the farmers of India are fully capable of accepting the challenges faced by the agriculture sector and conquering them, our farmers are skilled human resource even without any major educational degree

छोटा किसान बने देश की शान, ये हमारा सपना : प्रधानमंत्री, कृषि सेक्टर की एक बड़ी चुनौती की भी ओर ध्यान देना है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से राष्ट्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि छोटा किसान अब हमारे लिए हमारा मंत्र है, हमारा संकल्प है। छोटा किसान बने देश की शान, ये हमारा सपना है। आने वाले वर्षों में हमें देश के छोटे किसानों की सामूहिक शक्ति को और बढ़ाना होगा, नई सुविधाएं देनी होंगी।देश के हर क्षेत्र में हमारे देश के वैज्ञानिक बहुत सूझ-बूझ से काम कर रहे हैं। अब समय आ गया है कि हम अपने कृषि क्षेत्र में भी वैज्ञानिकों की क्षमताओं और उनके सुझावों को भी हमारे एग्रीकल्चजर सेक्टर में जोड़े। Prime Minister Narendra Modi, while addressing the nation from the Red Fort, said that the small farmer is now our mantra for us, our resolve. Small farmer becomes the pride of the country, this is our dream. In the coming years, we will have to increase the collective power of the small farmers of the country, provide new facilities. Scientists of our country are working very intelligently in every area of ​​the country. Now the time has come that we should add the capabilities of scientists and their suggestions in our agriculture sector also in our agriculture sector

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में शामिल हुए 42 लाख अपात्र किसानों से होगी वसूली

केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने सांसद कल्याण बनर्जी के एक प्रश्न जिसमें उन्होंने पूछा था कि केन्द्र सरकार क्या 42 लाख किसानों से 3 हजार करोड़ रुपये की वसूली करेगी के उत्तर में लोकसभा में दी. Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar gave a reply in the Lok Sabha in response to a question of MP Kalyan Banerjee, in which he asked whether the Central Government would recover Rs 3 thousand crore from 42 lakh farmers

वर्ष 2021-22 में फसल बीमा के लिए 16000 करोड़, सिंचाई योजना के के लिए 4000 करोड़, एसएसपी के लिए 448 करोड़ रुपये का बजट

नई दिल्ली । सरकार देश में किसानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। सरकार कृषि के विभिन्न पहलुओं को कवर करते हुए किसानों ...

वर्ष 2019-20 की तुलना में 2020-21 में 11.14 मिलियन टन अधिक खाद्यान्न उत्पादन का अनुमान

कृषि मंत्रालय द्वारा वर्ष 2020-21 के लिए मुख्य? फसलों के उत्पादन का चौथा अग्रिम अनुमान जारी कर दिया गया हैं। खाद्यान्न का 308.65 मिलियन टन रिकार्ड उत्पादन हुआ है। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि किसानों के अथक परिश्रम, वैज्ञानिकों की कुशलता और भारत सरकार की कृषि एवं किसान हितैषी नीतियों से देश में रिकार्ड खाद्यान्न उत्पादन हो रहा है।

खरीफ दलहनों की बुवाई गत वर्ष की तुलना में लगभग दो लाख हेक्टेयर अधिक

कृषि मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक देश में कुल बुवाई 997.08 लाख हेक्टेयर में हुई है जबकि गत वर्ष इस समय तक 1015.15 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। अब तक धान की बुवाई लगभग 349.24 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हो गयी है जो कि पिछले वर्ष इसी अवधि में 351.52 लाख हेक्टेयर में हुई थी। मोटे अनाज की बुवाई लगभग 163.04 लाख हेक्टेयर में हुई है जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 167 लाख हेक्टेयर था। वहीं तिलहन के लिए लगभग 180.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवरेज हुआ है जो कि पिछले वर्ष इसी अवधि में 185.45 लाख हेक्टेयर था।

आईसीएआर ने फील्ड और बागवानी फसलों की 1223 किस्में विकसित की

लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि  गत तीन वर्षों (2018-2020) और वर्तमान वर्ष के दौरान 69 फील्ड फसलों की 1017 किसमें और 58 बागवानी फसलों की 206 किस्में विकसित की गई हैं. In reply to a question in Lok Sabha, Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar said that during the last three years (2018-2020) and the current year, in which 1017 varieties of 69 field crops and 206 varieties of 58 horticultural crops have been developed

नि:शुल्क कृत्रिम गर्भाधान के तृतीय चरण की शुरुआत, 17 लाख से अधिक पशुओं के गर्भाधान का लक्ष्य

केंद्र सरकार ने किसानों एवं पशुपालकों की आय बढ़ाने एवं देश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए कृत्रिम गर्भाधान कर्यक्रम की शुरूआत की थी | योजना के तहत देश के सभी गौ-भैंस वंशीय पशुओं कृत्रिम गर्भाधान किया जाना है| कार्यक्रम के दो चरण पूर्ण हो चुके हैं अब इस वर्ष मध्यप्रदेश में 1 अगस्त 2021 से तृतीय चरण की शुरुआत हो चुकी है | The Central Government had started the artificial insemination program to increase the income of farmers and livestock farmers and to increase milk production in the country. Under the scheme, artificial insemination is to be done in all the cow-buffalo animals of the country. Two phases of the program have been completed, now this year the third phase has started in Madhya Pradesh from August 1, 2021

उद्यानिकी विभाग किसानों को अनुदान पर दे रहा है सिंचाई यंत्र, लेने के लिए आवेदन करें

“प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना PMKSY” चलाई जा रही है | जिसका एक कॉम्पोनेन्ट है सूक्ष्म सिंचाई “पर ड्राप मोर क्राप” (माइक्रोइरीगेशन), जिस के तहत किसानों को सिंचाई यंत्र जैसे ड्रिप, मिनी माइक्रो स्प्रिंकलर एवं पोर्टेबल स्प्रिंकलर आदि अनुदान पर दिए जाते हैं | “Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana PMKSY” is being run. One of the components of which is micro irrigation “Per Drop More Crop” (Microirrigation), under which irrigation equipments like drip, mini micro sprinkler and portable sprinkler etc. are given to the farmers on grant