खेती किसानी
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार जानिए मटर उत्पादन की उन्नत तकनीक
दलहनी सब्जियों में मटर का अपना एक महत्वपूर्ण स्थान है। मटर की खेती से जहां एक ओर कम समय में पैदावार प्राप्त की जा सकती है वहीं ये भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने में भी सहायक है। फसल चक्र के अनुसार यदि इसकी खेती की जाए तो इससे भूमि उपजाऊ बनती है।
छात्रों को बताया सब्जियों की नर्सरी कैसे बनाएं
छतरपुर, दिनाँक 08- 08- 2023 को कृषि विज्ञान केंद्र नौगांव जिला छतरपुर में कृषि महाविद्यालय टीकमगढ़ से ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (रावे) अटैचमेंट के ...
दुनिया में मप्र का नाम रोशन करने को तैयार खरगोन की लाल मिर्च, जल्द मिलेगा जीआई टैग !
प्रदेश में मिर्च का सर्वाधिक रकबा 46556 हैक्टेयर जिले में रहा जीआई टैग व ब्रांडिंग से किसानों को होगा सीधा लाभ sanjay sharma खरगोन। ...
चन्दन की खेती चमका सकती है किसानों की किस्मत, जानिए कैसे करें खेती
चन्दन की खेती किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। चंदन के औषधीय गुण के कारण देश ही नहीं विदेशों में भी बहुत मांग है। चन्दन की खेती कम परिश्रम एवं अत्यधिक लाभ देने में सक्षम है
केला की सघन बागवानी करके अधिक उपज लें किसान: प्रो एसके सिंह
केला की सघन बागवानी केला उत्पादन की एक नयी विधि है। इसमें उत्पादन बढ़ाने हेतु प्रति इकाई क्षेत्रफल केला के पौधों की संख्या बढ़ाने ...
अरहर, मूंग एवं उड़द की इन किस्मों की करें खेती, होगा फायदा ही फायदा
किसान अरहर की बुवाई इस सप्ताह कर सकते है। अच्छे अंकुरण के लिए बुवाई के समय खेत में पर्याप्त नमी का ध्यान रखें। बीज किसी प्रमाणित स्रोत से ही खरीदें। अच्छे अंकुरण के लिए खेत में पर्याप्त नमी होनी आवश्यक है।
कृषि वैज्ञानिकों बताया अच्छे उत्पादन के लिए धान की उन्नत किस्में और खेती की विधि
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली ने खरीफ फसलों की बुआई को लेकर सलाह जारी की है। कृषि अनुसंधान संस्थान ने अभी किसानों को धान की नर्सरी तैयार करने की सलाह दी है। इसके अतिरिक्त अधिक उपज देने वाली किस्मों के चयन, बीजों के उपचार को लेकर आवश्यक सलाह दी है।
किसानों के लिए फायदेमंद हो सकती है मटर की नई किस्म ‘काशी पूर्वी’, जानें इसकी खासियत
वाराणसी, मटर की खेती करने वाले किसानों के लिए खुशखबरी है। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) ने मटर की एक ऐसी किस्म को विकसित ...
अधिक उत्पादन के लिए उन्नत बीजों का चयन जरूरी, जानिए क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिक
कृषि विज्ञान केंद्र, टीकमगढ़ के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ बी.एस. किरार साथ ही केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. सुनील कुमार जाटव, डॉ. आर के प्रजापति, डॉ. आई.डी. सिंह एवं जयपाल छिगारहा द्वारा किसानों को बताया गया कि खरीफ में फसलों के अधिक उत्पादन हेतु उन्नत किस्मों के चयन एवं व्यवस्था बुबाई से 15 से 20 दिन पूर्व कर लेना चाहिए अधिकांशत: किसान मानसून आने पर खरीफ की बुवाई शुरू होने पर बीज की व्यवस्था करने के लिए किसान दौड़-धूप करता है उस समय तत्काल अच्छा बीज उपलब्ध नहीं हो पाता है और मिलता भी है तो महंगा मिलता है I
कृषि वैज्ञानिकों ने बताया गन्ने को कंडुआ रोग से कैसे बचाएं
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र, नानपारा, बहराइच-।। के वैज्ञानिकों ने कृषकों के प्रक्षेत्र पर गन्ने में आ रही समस्या का निदान किया। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. के. एम. सिंह ने बताया कि पेड़ी गन्ने में हो रहा कंडुआ रोग कैंसर के समान है। अगर समय से इसकी रोकथाम नहीं की गई तो यह हवा के साथ अन्य पौधों में भी फैल जाता है। जिससे अगली पीढ़ी की फसल भी बर्बाद होने की आंशका होती है।




