नीम: एक महत्वपूर्ण जैविक कीटनाशी औषधीय वृक्ष

डॉ. रिया ठाकुरडॉ. चंचल भार्गवजवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय , कृषि विज्ञान केंद्र छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेशनीम एक महत्वपूर्ण औषधीय वृक्ष है, जिसका भारतीय संस्कृति और आयुर्वेद में विशेष स्थान है। इसके पेड़ के पत्ते, छाल, फल, और तेल, सब उपयोगी है। नीम में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल, और एंटीवायरल गुण होते हैं, जो इसे त्वचा रोग, दंत समस्याओं, … Read more

भंडारे वाला घी… दाल मे काला नहीं, पूरी की पूरी दाल ही काली 

डॉ. सत्येंद्र पाल सिंहकृषि विज्ञान केंद्र, भिंड (म.प्र.)देसी घी को संस्कृत में घृत कहा जाता है। भारत में प्राचीन काल से ही घी का उत्पादन एवं उपयोग होता आया है। हमारे वेदों में भी गाय के घी का विस्तार से वर्णन मिलता है। घी न सिर्फ भोजन को स्वादिष्ट और रुचिकर बनता है बल्कि भारत … Read more

विश्व रैबिज दिवस: रैबिज का टीकाकरण और जागरूकता ही है उपाय

डॉ. शिवम सिंह मेहरोत्राडॉ. आकाश सुमनडॉ. शिवराज चौहानडॉ. रितेश वमापशु चिकित्सा एवं पशु पालन महाविद्यालय, महू, मप्र.हर साल 28 सितंबर को मनाया जाने वाला विश्व रैबिज दिवस रैबिज के प्रति जागरूकता फैलाने का एक  महत्वपूर्ण अवसर है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि रैबिज एक गंभीर बीमारी है, जो न केवल पालतू जानवरों के … Read more

किसानों से धोखा कर भागी आर्टिसन एग्रोटेक, सरकार ने बनाया था ब्रांड एंबेसडर

मप्र सरकार ने हरदा और देवास जिले के लिए बनाया था ब्रांड एंबेसडर देवास। मध्य प्रदेश में एक जिला, एक उत्पाद योजना के तहत दो जिलों के किसानों के लिए बांस मिशन एक भारी सिरदर्द बन गया है। आर्र्टिसन एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी ने किसानों को बांस लगाने और खरीदने का आश्वासन देकर एग्रीमेंट … Read more

स्वच्छ दूध उत्पादन-समय की आवश्यकता

डॉ. अनिल शिंदेडॉ. लक्ष्मी चौहानडॉ. प्रमोद शर्माडॉ. सुमन कुमारपशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, जबलपुर, मप्र.हमारा भारत देश एक कृषि प्रधान देश है तथा भारतीय कृषि मुख्यत: पशुओं पर आधारित है। प्रदेश के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में पशुपालन से संबंधित गतिविधियां तथा कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमारे ज्यादातर किसान एक या दो गाय/भैंस पालते … Read more

घोड़ों में शूल रोग (कोलिक) का कारण और उसका उपचार

डॉ. शिवम सिंह मेहरोत्राडॉ. आर.के बघेरवालडॉ.हेमंत मेहताडॉ. मुकेश शाक्यपशु चिकित्सा एवं पशु पालन महाविद्यालय महूघोड़े में शूल रोग यकीनन सबसे भयावह बीमारी है। शूल रोग घोड़ों के लिए संभावित रूप से घातक है, हालांकि शूल रोग के अधिकांश मामलों में सरल उपचार से ही उपचार हो जाता है और बहुत कम शूल रोग घातक होते … Read more

बकरियों में संक्रामक कैप्रिन प्लुरोनिमोनिया, उपचार और उसका प्रबंधन

डॉ. शिल्पा गजभियेडॉ. कंचन वलवाडकरडॉ. सलीम खानडॉ. उत्पल सचंका बोरोएपशु औषधि विभाग , प0 चि0 प0 पा0 म0 रीवा (म0प्र0)संक्रामक कैप्रिन प्लूरोनिमोनिया बकरियों में होने वाली एक गंभीर और अत्यधिक संक्रामक बीमारी है, जो माइकोप्लाज्मा कैप्रिकोलम उप-प्रजाति कैप्रीपन्यूमोनिया के कारण होती है। यह बुखार, खांसी और सांस लेने मे तकलीफ के साथ -साथ फाइब्रिनस प्लूरोनिमोनिया, … Read more

तितलियों के समर सर्वे में 43 दुर्लभ तितलियों की खोज

बैतूल। दक्षिण बैतूल वनमंडल में पहली बार आयोजित तितलियों का समर सर्वेक्षण एक बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आया है। 19 जून से 24 जून 2024 तक चले इस सर्वेक्षण में 43 प्रकार की तितलियों की पहचान की गई, जिसमें कई प्रजातियां ऐसी हैं जो मध्यप्रदेश में बहुत कम देखी जाती हैं। डीएफओ विजयानन्तम … Read more

वर्षा ऋतु में मुर्गियों का प्रबंधन

>  डॉ. लक्ष्मी चौहान>  डॉ. अनिल शिंदे>  डॉ. गिर्राज गोयल>  डॉ. वैशाली खरेपशुुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, जबलपुर, मप्र वर्तमान में मुर्गीपालन किसानों के आजीविका का प्रमुख साधन बना है। मुर्गीपालन कम लागत में अधिक आय एवं आसानी से इनका रखरखाव के कारण आज के इस दौर में बड़े व्यवसाय के रूप में उभर रहा है। … Read more

मछलियों का पोषण में महत्व

>  डॉ. माधुरी शर्मा>  डॉ. विमल प्रसन्ना मोहंती>  महेंद्र सिंह1. मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय, नादेपचिविवि, जबलपुर मप्र. 2 पूर्व एडीजी, अंतर्देशीय मत्स्य पालन, आईसीएआर, नई दिल्ली दुनिया पर निरन्तर बढ़ रहे जनसंख्या दबाव से निपटने के लिए खाद्य पदार्थों का उत्पादन बढ़ाना तो आवश्यक है, परन्तु इसके साथ-साथ दिन-प्रतिदिन बढ़ रही कुपोषण एवं बेरोजगारी की समस्या का … Read more