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सरकार दे रही आलू के प्रमाणित बीज पर सब्सिडी, करें आवेदन

भोपाल। मप्र सरकार राज्य में आलू की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रमाणित बीज एवं अन्य सामग्री उपलब्ध करवा रही है। ...

जलवायु के अनुकूल पशुपालन की जरूरत

डा. सत्येन्द्र पाल सिंहप्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केन्द्र, शिवपुरी (म. प्र.) खेतीबाड़ी के साथ पशुपालन सहायक व्यवसाय के रूप में पुरातन प्राचीन ...

जीवंत हों ग्राम सभाएं: सबकी योजना-सबका विकास जन-अभियान की दो-दिवसीय कार्यशाला

ग्रामों के सतत संवहनीय एवं समावेशी विकास के लिए उनका वाइब्रेंट (जीवंत) होना आवश्यक है। केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर इस संबंध में पहल की है। हर ग्राम, जनपद एवं जिला पंचायत के विकास की योजनाएं बनाई जा रही हैं। हमें संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा निर्धारित संवहनीय विकास के लक्ष्य को प्राप्त करना है।

अब किसानों की उपज को मिलेगी ‘उड़ान

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाल ही में कृषि उड़ान 2.0 का शुभारंभ किया। कृषि उड़ान 2.0 का उद्देश्य कृषि-उपज और हवाई परिवहन के बेहतर एकीकरण और अनुकूलन के माध्यम से मूल्य प्राप्ति में सुधार लाने और विभिन्न और गतिशील परिस्थितियों में कृषि-मूल्य श्रृंखला में स्थिरता और लचीलापन लाने में योगदान देना है। इस योजना में हवाई परिवहन द्वारा कृषि-उत्पादों के परिवहन को सुविधाजनक बनाने और प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव है।

मध्यप्रदेश में पहली बार भ्रूण प्रत्यारोपण प्रयोग से देशी गाय ने दी जुड़वां साहीवाल बछिया

praveen namdev जबलपुर। नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विवि में देशी गाय में भ्रूण प्रत्यारोपण को लेकर चल रहे अनुसंधान में बड़ी सफलता मिली ...

भोपाल से अयोध्या और मथुरा जाएंगे 14 लाख ‘राम नाम’ दीये

भोपाल, राजधानी से सटे 10 गांव में एक हजार महिलाएं 15 लाख दीये बनाने के काम में जोर-शोर से जुटी हैं। खास बात यह ...

छिंदवाड़ा में सड़ गया 27 करोड़ का सरकारी गेहूं

चौरई के ओपन कैम्प में दो साल से रखा था गेहूं dayanand chorasiaछिंदवाड़ा। साल 2020 में सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से 1925 रुपए ...

श्योपुर में सेलम हल्दी से संवर रहा किसानों का भविष्य

मप्र स्थापना दिवस पर हल्दी प्रोसिंग यूनिट शुरू हो जाएगी श्योपुर। आदिवासी बहुल श्योपुर जिले की हल्दी जल्द ही अब दूर-दूर तक अपनी सुनहरी ...

उद्यानिकी विभाग का कारनामा: 1100 का बीज 2300 में खरीदा

भोपाल। मध्य प्रदेश में प्याज घोटाले की जांच अब ईओडब्ल्यू ने शुरू कर दी है। इस जांच की रडार पर उद्यानिकी विभाग के कमिश्नर ...

वैज्ञानिकों की खोज, ई-ट्रैक्टर  कम करेगा खेती की लागत

लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों से कृषि लागत में भी इजाफा हो रहा है। इसे कम करने के लिए अब इलेक्ट्रिक एवं बैटरी से चलने वाले कृषि यंत्रों के विकास पर जोर दिया जा रहा है। इस कड़ी में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर पर अनुसंधान करने वाला देश का पहला कृषि विश्वविद्यालय बन गया है। विश्वविद्यालय के कृषि इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी कॉलेज ने बैटरी से चलने वाला ई-ट्रैक्टर को तैयार किया है। यह टैक्टर 16.2 किलोवाट की बैटरी से चलता है और डीजल ट्रैक्टर की तुलना में इसकी संचालन लागत बहुत कम है।