Search ई-पेपर ई-पेपर WhatsApp

bhavtarini.com

श्योपुर का अमरूद विदेशों में भरेगा उड़ान  

जिले के अमरूद का स्वाद विदेशों व हवाई सफर में भी ले सकेंगे अब पल्प और जूस निकालने जर्मनी से मध्यप्रदेश आएगी मशीन  मप्र ...

चने की तीन नई प्रजातियां किसानों को बनाएंगी आत्मनिर्भर

गर्म स्थानों में भी होगा चना और गेहूं की तरह होगी कटाई praveen namdevजबलपुर, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय ने चने की नई प्रजाति खोजी ...

गांव की लायब्रेरी में किसानों को मिलेगा खेती किसानी का ज्ञान

कृषि साहित्य से ज्ञानार्जन आयेगा किसानों के काम khemraj mouryaशिवपुरी। कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा किसानों को हर समय सरल और सुलभ ज्ञान प्राप्त होता ...

चंद्रभूषण पांडेय बने राष्ट्रीय केमिकल फर्टिलाइजर लिमिटेड के डायरेक्टर

लखनऊ, भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्रभूषण पांडेय को भारत सरकार के रसायन तथा उर्वरक मंत्रालय में स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया ...

टमाटर की यह किस्में, जिनकी खेती में फायदा ही फायदा

भोपाल, टमाटर एक ऐसी ही फसल है जो भारतीय लोगों द्वारा रोजाना खाई जाती है, जिससे इसकी मांग हमेशा बनी रहती है। ऐसे में ...

प्याज भंडार गृह निर्माण हेतु सरकार देगी 50 प्रतिशत तक का अनुदान, करें आवेदन

मध्यप्रदेश राज्य में उद्यानिकी विभाग द्वारा नश्वर उत्पादों की भण्डारण क्षमता में वृद्धि की विशेष योजना चलाई जा रही है। योजना के तहत लाभार्थी किसानों को प्याज भंडार गृह पर 50 प्रतिशत तक का अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। मध्यप्रदेश उधानिकी विभाग के तरफ से 50 मीट्रिक टन क्षमता वाले भंडारण के लिए अधिकतम 3,50,000 /- रूपये की लागत निश्चित की गई है।

जानिए गेहूं की नई किस्मों के बारे में, जिनसे होगी बंपर पैदावार

अक्टूबर महीने में किसान रबी फसलों की बुआई के लिए तैयारी शुरू कर देंगे। रबी में सबसे महत्वपूर्ण फसल गेहूं है जो देश के अधिकांश क्षेत्रों में लगाई जाती है। बुआई के लिए किसानों को गेहूं की किस्मों चयन पहले करना होगा ताकि किस्म के अनुसार गेहूं की खेती की तैयारी कर सकें। अच्छी आमदनी के लिए जरुरी है की किसान गेहूं की ऐसी किस्में लगाएं जिसकी रोगों के प्रति रोधक क्षमता अच्छी हो और साथ ही पैदावार अधिक प्राप्त की जा सके। 

केंद्रीय कृषि मंत्री ने फिक्की के 10 वें कृषि रसायन सम्मेलन का किया शुभारम्भ

फेडरेशन ऑफ़ इंडियन चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एन्ड इंडस्ट्री (फिक्की ) द्वारा आयोजित 10 वें कृषि रसायन सम्मेलन का शुभारम्भ केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया। इस सम्मेलन की थीम India @75 थी।  इस मौके पर श्री तोमर ने देश में नई प्रौद्योगिकी और सरकार की विभिन्न योजनाओं से किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। कोविड की प्रतिकूल परिस्थिति में भी कृषि क्षेत्र का कामकाज बेहतर रहा। रसायन उद्योग की महत्ता को स्वीकारते हुए आपने प्रकृति का ख्याल रखते हुए किसानों को कैसे ज्यादा लाभ मिले इस पर ध्यान देने की ज़रूरत है।

मप्र सरकार किसानों को फ्री में देगी नई किस्मों के बीज, जानिए कैसे मिलेगा लाभ

मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने एवं राज्य में पैदावार बढ़ाने के लिए बीज ग्राम योजना शुरू कर रही है | योजना के तहत किसानों को खाद्यान्न, दलहन एवं तिलहन फसलों की नवीन किस्मों के प्रमाणित एवं उन्नत बीज उपलब्ध कराये जायेंगे।

जैविक खाद बनाने वाले प्लांट बन गए कचरा, ‘गोबर’ में डूब गया मुरैना ननि का करोडों रुपया

मुरैना शहर में कचरे के साथ फेंके जाने वाले गोबर से जैविक खाद (केंचुआ पद्धति से) बनाकर, नगर निगम की आय बढ़ाने की योजना बनाई गई थी, इसके लिए जैविक खाद के कई प्लांट बनाए, लेकिन यह योजना परवान नहीं चढ़ सकी। योजना तो गोबर से जैविक खाद बनाक करोड़ों रुपए कमाने की थी, लेकिन हकीकत यह है कि जैविक खाद प्लांट पर नगर निगम ने जितना खर्च किया वह भी डूब गया और जैविक खाद बनाने के यह प्लांट खुद ही कचरे में तब्दील हो गए।