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कृषि योजनाएं

नैनो यूरिया दिला सकती है 2,500 से 20,000 का नगद ईनाम, जानिए कैसे मिलेगा ईनाम, कहां करें आवेदन

कम इस्तेमाल में नैनो यूरिया लिक्विड फर्टिलाइजर से अधिक उपज हासिल करने में मदद मिल रही है। नैनो यूरिया को उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) 1985 में शामिल किया गया है। करीब 45 किलोग्राम यूरिया की बोरी को नैनो यूरिया की 500 मिली की बोतल के बराबर बताया जाता है, जिसे पानी में मिलाकर फसल पर छिड़का जाता है। इसकी थोड़ी मात्रा ही फसल की उत्पादकता को बढ़ाने और जड़ से लेकर पत्तियों के विकास में अहम रोल अदा कर रही है।

कम पानी में भी हो सकता है धान और गन्ना की फसल, जानिए कैसे!

कम पानी में भी हो सकता है धान और गन्ना: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान बताया कि किसानों को कम पानी में फसलों से बेहतर उपज पाने में केंद्र सरकार पूरा सहयोग दे रही है। इस दिशा में स्मार्ट और माइक्रो सिंचाई को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि आज गन्ना और धान जैसी अधिक पानी की खपत वाली फसलें भी कम पानी में उगाने में खास सफलता मिली है। इस दिशा में हरियाणा ने काफी उल्लेखनीय काम किया है। महाराष्ट्र में भी सूक्ष्म सिंचाई पद्धति खेती में मददगार साबित हो रही है। 

मिलेट्स के उत्पादन एवं प्र-संस्करण से महिला सशक्तिकरण पर कार्यशाला

अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज (मिलेट्स) वर्ष में जी-20 समूह देशों के सम्मेलन की अध्यक्षता भारत द्वारा की जा रही है। इसी परिप्रेक्ष्य में मिलेट्स के उत्पादन एवं प्र-संस्करण से महिला सशक्तिकरण पर दो दिवसीय कार्यशाला का आज केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान भोपाल में शुभारंभ हुआ। केन्द्रीय कृषि महिला संस्थान भुवनेश्वर कार्यशाला के आयोजन में सहभागी हैं।

कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिये जबलपुर में कार्यशाला 

किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने कहा है कि कृषि अधो-संरचना मद (एआईएफ) के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर है। मंत्री श्री पटेल कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिये एमपी फार्म गेट एप तथा आईएएफ अंतर्गत कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर में कार्यशाला में संबोधित कर रहे थे। 

50% तक सब्सिडी पर कृषि यंत्र दे रही है मप्र सरकार, जानिए कैसे मिलेगा लाभ और लास्ट डेट

सब्सिडी पर कृषि यंत्र: कृषि विभाग द्वारा विभिन्न कृषि यंत्रों के लिए लक्ष्य जारी किए जाते हैं। मध्य प्रदेश कृषि विभाग द्वारा राज्य के किसानों को कृषि यंत्र पर अनुदान देने के लिए लक्ष्य जारी किए गए हैं। जारी लक्ष्यों के विरुद्ध आवेदन कर किसान योजना का लाभ ले सकते हैं। 

मप्र सरकार खरीदेगी 80 लाख टन गेहूं, 3,480 केंद्रों पर पंजीयन शुरू

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद: मध्य प्रदेश के किसानों से समर्थन मूल्य (दो हजार 125 रुपये प्रति क्विंटल) पर सरकार इस वर्ष 80 लाख टन गेहूं खरीदेगी। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने इसकी तैयारी कर ली है। सोमवार छह फरवरी से पंजीयन की प्रक्रिया प्रारंभ।

मप्र सरकार लागू करेगी कृषक उपज उन्नति योजना

कृषक उपज उन्नति योजना: आगामी वित्तीय वर्ष से मुख्यमंत्री कृषक उपज उन्नति योजना शुरू करने की तैयारी है। इसमें स्थानीय युवाओं को प्रसंस्करण केंद्र खोलने के लिए बैंक ऋण पर अनुदान दिया जाएगा। इसके साथ ही नरवाई प्रबंधन के लिए भी योजना शुरू की जाएगी। दोनों योजनाओं के लिए वर्ष 2023-24 के बजट में 50 करोड़ रुपये का प्रविधान किया जाएगा।

वैज्ञानिकों का कमाल, एक ही पौधे में हो रहा टमाटर और बैगन, साथ में आलू भी उगाने की तैयारी

एक ही पौधे में हो रहा टमाटर और बैगन: देश को अब तक 100 से ज्यादा सब्जि‍यों  की उन्नत किस्में देने वाला वाराणसी स्थित सब्जी अनुसंधान संस्थान में एक नया शोध काबिले तारीपफ है। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान ने एक ऐसा प्रयोग किया है कि अब बैगन के तने में टमाटर और बैगन एक साथ उगाई जा रही है। इस तकनीक को भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक ग्राफ्टिंग विधि बता रहे हैं। इस विधि से तीन प्रकार की खेती शुरू कराई गई है।

गोबर बना कमाई का जरिया, अडानी की कंपनी बरसाना में बनाएगी गोबर से CNG

गोबर बना कमाई का जरिया: मथुरा-वृंदावन-ब्रज क्षेत्र को को पूरी दुनिया दूध हब के तौर पर जानती है, लेकिन अब इसकी पहचान बायोगैस हब के तौर पर होगी। वैसे तो मथुरा में पहले से ही रिफाइनरी मौजूद है, लेकिन अब प्राइवेट कंपनियां भी मथुरा में बायोगैस सीएनजी और खाद बनाने के लिए निवेश कर रही हैं। अडानी ग्रुप की टोटल एनर्जी बायोमास लिमिटेड ने भी अब बरसाना स्थित रमेश बाबा की श्रीमाता गौशाला में बायोगैस प्लांट लगाने के प्लान पर काम चालू कर दिया है