किसानों के अनुभव
कमलनाथ का खरीदा गेहूं केंद्र सरकार ने लेने से किया इंकार, शिवराज ने 1200 करोड़ में बेचा
भोपाल। केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के जिस छह लाख 43 हजार टन गेहूं को सेंट्रल पूल में लेने से मना कर दिया था, ...
बारिश से उजड़ी 27 हजार हेक्टेयर में खड़ी धान-सरसों की फसल
दो माह के भीतर किसानों पर मौसम की यह दूसरी मार पड़ी है। जिस कारण जिले का किसान सदमे में पहुंच गए हैं। यहां बता दें कि जिले में रविवार की रात को हुई तेज बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान खेतों में खड़ी धान और सरसों की फसल को हुआ है।
वाह रे सरकार… वादा किया किसानों की आय बढाने का, और दुगुना कर दिया खर्च
इफको ने की इन खाद के दामों में वृद्धि, जानिए क्या है नए दाम ? भोपाल, सरकार लगातार किसानों की आय बढाने की बात ...
अच्छे और निश्चित रिटर्न के लिए ‘ग्राम सुरक्षा योजना’ में निवेश एक बेहतर विकल्प, जानें पूरी प्रक्रिया
'पोस्ट ऑफिस की ग्राम सुरक्षा योजना में कम जोखिम में अच्छा रिटर्न पा सकते हैं। 19 से 55 वर्ष की आयु के लोग इस बीमा योजना को खरीद सकते हैं। इस योजना में बीमा राशि 10,000 रुपए से लेकर 10 लाख रुपए तक है।
धरातल से दूर उद्यानिकी विभाग की योजनाएं
उद्यानिकी फसलों की खेती करने वाले किसानों को घटा, कैस बढ़ेगी 2022 तक आय भोपाल, मध्यप्रदेश में सरकार उद्यानिकी फसलों का बढ़ावा देने के ...
श्योपुर का अमरूद विदेशों में भरेगा उड़ान
जिले के अमरूद का स्वाद विदेशों व हवाई सफर में भी ले सकेंगे अब पल्प और जूस निकालने जर्मनी से मध्यप्रदेश आएगी मशीन मप्र ...
गांव की लायब्रेरी में किसानों को मिलेगा खेती किसानी का ज्ञान
कृषि साहित्य से ज्ञानार्जन आयेगा किसानों के काम khemraj mouryaशिवपुरी। कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा किसानों को हर समय सरल और सुलभ ज्ञान प्राप्त होता ...
जैविक खाद बनाने वाले प्लांट बन गए कचरा, ‘गोबर’ में डूब गया मुरैना ननि का करोडों रुपया
मुरैना शहर में कचरे के साथ फेंके जाने वाले गोबर से जैविक खाद (केंचुआ पद्धति से) बनाकर, नगर निगम की आय बढ़ाने की योजना बनाई गई थी, इसके लिए जैविक खाद के कई प्लांट बनाए, लेकिन यह योजना परवान नहीं चढ़ सकी। योजना तो गोबर से जैविक खाद बनाक करोड़ों रुपए कमाने की थी, लेकिन हकीकत यह है कि जैविक खाद प्लांट पर नगर निगम ने जितना खर्च किया वह भी डूब गया और जैविक खाद बनाने के यह प्लांट खुद ही कचरे में तब्दील हो गए।
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में 106 प्रजातियों की घास के मिले प्रमाण
तपुड़ा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में घास की 106 प्रजातियों उपलब्ध होने के प्रमाण मिले हैं। बड़े घास के मैदान के साथ ही छोटे घने, घास के मैदानों में ये प्रजातियां मौजूद हैं। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा विशेषज्ञों की मदद से फील्ड में तैनात वनकर्मियों को घास के बारे में जानकारी दी जा रही है। यह पहला मौका है जब घास की सभी 106 प्रजातियों को सूचीबद्ध किया गया है।
देश में 50 फीसदी किसान कर्जदार, पांच साल में औसत लोन 47000 से बढ़कर 74121 हुआ
50.2 फीसदी किसान परिवारों ने लिया कर्ज नई दिल्ली/भोपाल। मोदी सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार ...




