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किसानों के अनुभव

नींव मज़बूत तो भविष्य सुरक्षित: डॉ. किंजल्क सी. सिंह

रीवा, शिशु के विकास के लिये गर्भावस्था, महल के नींव की तरह होती है। यदि गर्भावस्था के प्रथम 1000 दिन में गर्भवती मॉं, धात्री ...

हनवंतराव कनाठे को कृषि विष्वविद्यालय कृषक फेलो सम्मान

बैतूल, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के 59वें स्थापना दिवस के अवसर पर जिले के प्रगतिषील कृषक हनवंतराव कनाठे गुनखेड़, विकासखंड आठनेर, जिला बैतूल को ...

जवाहरलाल नेहरू कृषि विवि के स्थापना दिवस पर रामा बाई को उत्कृष्ट आदिवासी महिला कृषक पुरस्कार

टीकमगढ़, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के 59 वें स्थापना दिवस के अवसर पर रामा बाई आदिवासी ग्राम- सोरियाना जिला- टीकमगढ़ को कुलपति प्रोफेसर ...

कैसे करें नकली और मिलावटी उर्वरक की पहचान, जानिए क्या बता रहे हैं विशेषज्ञ

> उमेश कुमार> रोबिन कुमार  > प्रगति पांडेय>  रोहित कुमार जायसवाल मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन विज्ञान विभाग, आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक  विश्वविद्यालय,कुमारगंज, अयोध्या ...

वैज्ञानिकों की मध्यप्रदेश को कृषि में अग्रणी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका : केन्द्रीय कृषि मंत्री

जवाहरलाल नेहरू कृषि वि.वि. का 59वाँ स्थापना दिवस समारोह भोपाल, मध्यप्रदेश को कृषि के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में कृषि वैज्ञानिकों की भूमिका महत्वपूर्ण ...

कृषि वैज्ञानिक ने तैयार किया सिंतंबर में फल देने वाला आम का पेड

आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के उद्यान व वानिकी विभाग के अधिष्ठाता व फल वैज्ञानिक डॉ. संजय पाठक व उनकी टीम ने कई साल के रिसर्च के बाद आम के इस जनन द्रव्य का संरक्षित किया था।

किसान उत्पादक संगठनों की एक दिवसीय कार्यशाला

पन्ना, कृषि विज्ञान केन्द्र पन्ना में दिनांक 27.09.2022 को किसान उत्पादक संगठनों की एक दिवसीय कार्यशाला रिलायंश फाण्डेशन एवं कृषि विज्ञान केन्द्र, पन्ना के ...

ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को कम कम करते हैं खेतों के पास लगे पेड़

कृषि के आसपास की झाडिय़ों और बाड़े और उनकी सूखी और मृत लकडि़य़ां पर्यावरण संरक्षण में बहुत ही कारगर साबित होती हैं। खेतों के ...

धान की देसी प्रजातियों पर अस्तित्व का संकट, नेशनल जीन बैंक में रिजर्व किया गया 18 देसी प्रजाति

किसानों के इसी व्यवहार के कारण उत्तरप्रदेश के एक हिस्से में धान की पुरानी प्रजातियों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। पश्चिमी उत्तरप्रदेश में धान की 18 देसी प्रजातियां सामने आई हैं, जो लगभग विलुप्त होने की कगार पर हैं

समुद्री खाद्य पदार्थ केकड़ों की खेती: कम लगात में अच्छा मुनाफा

भोपाल, आजकल खेती में नए नए बदलाव देखने को मिल रहे हैं किसान कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाली खेती की तरफ आकर्षित ...