खेती किसानी
किसानों को मालामाल कर सकती है अश्वगंधा की खेती, जानिए कैसे करें
भोपाल, अश्वगंधा चने की खेती से बेहतर है। छह महीने में इसकी फसल तैयार हो जाती है। एक एकड़ में किसान अश्वगंधा की खेती ...
वैज्ञानिकों तैयार की शिमला मिर्च की नई प्रजाति, होगी ढाई गुना पैदावार
हाइब्रिड शिमला 562 बीज से होगी ढाई गुना पैदावार: किसानों की आय बढाने के प्रयास में लगातार हमारे देश के वैज्ञानिक जुटे हुए हैं। इसी कडी में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान शिमला ने पहाड़ी राज्यों के लिए शिमला फसल का ऐसा ही बीज तैयार किया है। इस बीज की उपज कर किसान ढाई गुना तक पैदावार पा सकते हैं।
गर्मी में भिंडी की खेती, जानिए ज्यादा उत्पादन देने वाले बीज और खेती की विधि
भोपाल, ग्रीष्मकालीन भिंडी की खेती का समय चरम पर है। अक्सर किसान खेती तो करते हैं, मगर वह उत्पादन से संतुष्ट नहीं हो पाते ...
गर्मी में मूंग की खेती किसानों के लिए बरदान, जानिए कब और कैसे करें
कम समय में अधिक फायदा देने वाली फसल की बात की जाए, तो सबसे पहले गर्मी में बोई जाने वाली मूंग का ख्याल आता है। उत्तर भारत के सिचिंत क्षेत्र में चावल- गेहूं फसल प्रणाली में ग्रीष्मकालीन मूंग का रकबा बढाऩे की अपार सभावनाएं है
काले टमाटर की खेती किसानों को कर सकती है मालामाल, जानिए कैसे करें खेती
काला टमाटर में लाल टमाटर के मुकाबले अधिक औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसे लंबे समय तक ताजा रखा जा सकता है। अलग रंग और गुण होने के कारण इसकी कीमत बाजार में लाल टमाटर के मुक़ाबले अधिक है
तकनीकी से रूबरू हों किसान – डॉ. शुक्ला
नवीनतम तकनीकी का लाभ उठाने के लिए आगे आए लहार. खेती बाड़ी में आज नित रोज नई तकनीकी आ रही हैं. कृषि विश्वविद्यालयों तथा ...
हरा सोना की खेती में बालाघाट के आदिवासी किसानों को दिख रहा लाभ
मुख्य फसल धान के नुकसान को दूर करने बांस की खेती बेहतर अपनाई जा रही है।बैहर तहसील क्षेत्र में ऐसे कई किसान बांस की खेती से जीवन स्तर सुधारने का प्रयास कर रहे है। जिससे उनकी हालत में सुधार आएगा।
कपास उत्पादन में खरगोन के किसानों ने किये क्रांतिकारी प्रयोग, लिया दोगुना उत्पादन
खरगोन जिला मुख्यालय से मात्र 20 किमी. दूर बैजापुरा के किसानों ने ऐसे दो अनुपम और नायाब प्रयोग किये जो किसानों की माली हालत को बदलने में क्रांतिकारी प्रयोग हो सकते हैं। पहला एक ऐसी विधि जो अब तक गेंहू, सोयाबीन, सरसों आदि में बुवाई उपयोगी मानी जाती थी। लेकिन अब सघन बुवाई (एचडीपीएस उच्च घनत्व रोपण प्रणाली) का कपास बुवाई में उपयोग कर दोगुना उत्पादन लिया
खेती में लागत कम करने और बीमारियों से बचने के लिए प्राकृतिक खेती करें किसान: डॉ सिंह
लहार। कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा प्राकृतिक खेती परियोजना अंतर्गत रौन ब्लॉक के मानगढ़ गांव में किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें केंद्र के ...
कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कैसे करें प्राकृतिक खेती
बैतूल, कृषि विज्ञान केन्द्र, बैतूल में आज दिनांक 12/01/2023 को प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने हेतु जिले के सभी 10 विकासखंडों के 280 कृषकों, ...




