खेती किसानी
खेतों का भ्रमण कर वैज्ञानिकों ने देखा जीरो टिलेज गेंहू प्रदर्शन, बताए फायदे
neeraj jain टीकमगढ़। प्राकृतिक खेती अन्तर्गत जीरो टिलेज मशीन से गेंहू का प्रदर्शन किसानो के खेतों पर रानी लक्ष्मीबाई केन्द्रीय कृषि विष्वविद्यालय झांसी एवं ...
कम समय में अच्छे मुनाफे के लिए करें ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती
भोपाल, मूंग एक बहुप्रचलित एवं लोकप्रिय दाल है, जो कि कम समय में पकने वाली एक मुख्य दलहनी फसल है। ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती ...
एक एकड़ में 100 टन गन्ना पैदा कर रहा किसान, जानिए कैसे
नागपुर, महाराष्ट्र के सांगली जिले की तहसील वालवा के कारंदवाडी गांव एक किसान अपने अनुभव और प्रयोग से पारंपरिक खेती को बदल रहा है, ...
खेती में चारा फसलों को भी स्थान दे: डॉ.अमरेश चंद्रा
khemraj moryaशिवपुरी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान झांसी के निदेशक अमरेश चंद्रा, प्रोजेक्ट समन्वयक डॉ.ए.के.रॉय एवं बीज तकनीकी संभाग ...
देश में बढा तिलहनी फसलों का रकबा, गेहूं के रकबे में 6 लाख हेक्टेयर की कमी
नई दिल्ली। देश की प्रमुख रबी फसल गेहूं के रकबे में लगभग 6 लाख हेक्टेयर की कमी बनी हुई है। अब तक 333 लाख ...
प्रदेश में रबी बोनी का लक्ष्य पूरा, अब तक 138.77 लाख हेक्टेयर में बोनी
भोपाल । प्रदेश में अब तक 138.77 लाख हेक्टेयर में बोनी हो गई है जो लक्ष्य की तुलना में 99.9 फीसदी है। गत वर्ष ...
पन्ना के कृषि वैज्ञानिकों ने उगाई पोषक तत्वों से भरपूर पीले रंग की गोभी
पन्ना कृषि विज्ञान केंद्र पन्ना के वैज्ञानिकों ने केंद्र के पोषण वाटिका में पोषक तत्वों से भरपूर रंगीन गोभी उगाई है। पीले रंग की यह गोभी कैरोटिना संकर प्रजाति की है। एक से दो किलो के औसत फूल वजन वाली गांभी यह फसल 60 से 65 दिन में तैयार हो जाती है।
बालाघाट में भी हो रही औषधीय फलदार सब्जी
रफी अहमद अंसारी बालाघाट, यूं तो सभी सब्जियां अपने स्वाद और गुणों को लेकर आज भी शोध का विषय बनी हुई हैं। इन्हें इनकी खूबियों ...
सरकार दे रही आलू के प्रमाणित बीज पर सब्सिडी, करें आवेदन
भोपाल। मप्र सरकार राज्य में आलू की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रमाणित बीज एवं अन्य सामग्री उपलब्ध करवा रही है। ...
श्योपुर में सेलम हल्दी से संवर रहा किसानों का भविष्य
मप्र स्थापना दिवस पर हल्दी प्रोसिंग यूनिट शुरू हो जाएगी श्योपुर। आदिवासी बहुल श्योपुर जिले की हल्दी जल्द ही अब दूर-दूर तक अपनी सुनहरी ...




