Search ई-पेपर ई-पेपर WhatsApp

खेती किसानी

वैज्ञानिकों का सफल प्रयास, अब एक ही पौधे में लगेंगे टमाटर-बैगन के फल

वाराणसी के वैज्ञानिकों ने तैयार किया ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन का पौधा ब्रिमेटो भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान ने किया कारनामा भोपाल। वाराणसी के भारतीय ...

देखें खेती-किसानी का ताजा समाचार, क्लिक करें लिंक

पूरा पेपर पढने के लिए नीचे दिए गए पेज पर क्लिक करें ई-पेपर ‘जागत गांव हमार’ अंक 11.10.2021

किसानों के लिए उपयोगी कृषि यंत्र, खेती बनेगी लाभ का धंधा

भोपाल, कृषि क्षेत्र में केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाएं भी आगे बढ़ रही हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए कई कृषि ...

लक्ष्य से ज्यादा हुई बोवनी और खेत में ही सड़ गईं उड़द, मूंग और तिल

atul kanchaniसतना। कुछ दिन पहले तक जिस खेत में उड़द मूंग की फसल लहलहा रही थी, उसी खेत में भैंसों का झुंड चरने के ...

टमाटर की यह किस्में, जिनकी खेती में फायदा ही फायदा

भोपाल, टमाटर एक ऐसी ही फसल है जो भारतीय लोगों द्वारा रोजाना खाई जाती है, जिससे इसकी मांग हमेशा बनी रहती है। ऐसे में ...

जानिए गेहूं की नई किस्मों के बारे में, जिनसे होगी बंपर पैदावार

अक्टूबर महीने में किसान रबी फसलों की बुआई के लिए तैयारी शुरू कर देंगे। रबी में सबसे महत्वपूर्ण फसल गेहूं है जो देश के अधिकांश क्षेत्रों में लगाई जाती है। बुआई के लिए किसानों को गेहूं की किस्मों चयन पहले करना होगा ताकि किस्म के अनुसार गेहूं की खेती की तैयारी कर सकें। अच्छी आमदनी के लिए जरुरी है की किसान गेहूं की ऐसी किस्में लगाएं जिसकी रोगों के प्रति रोधक क्षमता अच्छी हो और साथ ही पैदावार अधिक प्राप्त की जा सके। 

मटर की उन्नत किस्में जो किसानों को कर देंगी मालामाल, जानिए कौन सी किस्म की करें खेती

भोपाल, मटर विश्व में उगाई जाने वाली तीसरी प्रमुख दलहनी फसल है। भारत में चना एवं मसूर के बाद यह रबी सीजन में उगाई ...

वैज्ञानिकों की नई खोज आलू की फसल को झुलसा रोग से बचाएगी 

आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या के वैज्ञानिकों ने जीवाणु की मदद से कल्चर तैयार किया है, जो झुलसा रोग से आलू की फसल को बचाएगा। आलू की खेती करने वाले किसानों को अब झुलसा रोग को लेकर चि‍ंतित होने की जरूरत नहीं है।

चंदन की खेती आपकी आमदनी में लगा सकती है चार चांद, जानिए कैसे

चंदन की खेती से जुडक़र किसान करोड़पति बन सकते हैं। बशर्तें उन्हें धैर्य के साथ चंदन की खेती करनी होगी। अगर किसान आज चंदन के पौधे लगाते हैं तो 15 साल बाद किसान अपने उत्पादन को बाजार में बेचकर करोड़ों रुपए कमा सकते हैं। देश में लद्दाख और राजस्थान के जैसलमेर को छोडक़र सभी भू-भाग में चंदन की खेती की जा सकती है। Farmers can become millionaires by joining sandalwood cultivation. Provided they have to cultivate sandalwood with patience. If farmers plant sandalwood saplings today, then after 15 years farmers can earn crores of rupees by selling their produce in the market. Sandalwood can be cultivated in all parts of the country except Ladakh and Jaisalmer in Rajasthan

कृषि विज्ञान केन्द्र टीकमगढ के वैज्ञानिकों ने देखी उडद की फसल, किसानों को दी सलाह

टीकमगढ, कृषि विज्ञान केन्द्र टीकमगढ के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डा. बी. एस. किरार, डा. एस. के. सिंह, डा. आर. के. प्रजापति, डा. एस.के. ...