गोजी बेरी एक छोटा सा नारंगी रंग का फल है जो दिखने में भले ही छोटा हो, पर इसके फायदे बहुत बड़े हैं। इसे सुपरफूड माना जाता है क्योंकि इसमें आयरन, विटामिन्स, फाइबर, प्रोटीन, अमीनो एसिड और कॉपर जैसे ज़रूरी तत्व होते हैं। ये हमारी आंखों, हड्डियों और त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद है।
इसमें बीटा कैरोटीन और ऐंटीऑक्सिडेंट्स भी अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे इम्युनिटी बढ़ती है और बीमारियाँ जल्दी शरीर पर हावी नहीं होतीं। गोजी बेरी के नियमित सेवन से चेहरे पर निखार आता है और इंसान ज्यादा समय तक जवान बना रहता है, क्योंकि ये कोलेजन को भी बढ़ावा देता है।
40 हजार में मिलती है एक किलो सब्जी, इसकी खेती बदल सकती जिंदगी, जानिए इसके बारे में
डायबिटीज और तनाव में भी असरदार
अगर किसी को डायबिटीज है तो गोजी बेरी उनके लिए भी फायदेमंद है। ये ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करता है और टाइप 2 डायबिटीज का रिस्क भी कम करता है। साथ ही, इसे खाने से तनाव और नींद ना आने जैसी समस्याओं में भी राहत मिलती है।
गोजी बेरी की खेती कैसे करें?
गोजी बेरी की खेती बीज और पौधे दोनों से की जा सकती है। पहले बीज की नर्सरी तैयार करें और फिर अच्छी तरह से खाद मिलाकर खेत तैयार करें। खेत ऐसी जगह होना चाहिए जहां सूरज की रोशनी अच्छी मिलती हो। मिट्टी का pH 6.5 से 8 के बीच हो तो और भी अच्छा रहेगा।
पौधों को सहारा देने के लिए लकड़ी की खूंटी या जाल का इस्तेमाल करें ताकि वे सीधे खड़े रहें क्योंकि उन पर फल लगते हैं। साथ ही सिंचाई समय-समय पर करनी होती है।
कहां होती है खेती?
गोजी बेरी की खेती चीन के निंग्शिया क्षेत्र में पीली नदी के किनारे होती है। भारत में भी इसे लद्दाख में उगाया गया है। वहां के लोग इसे कच्चा भी खाते हैं और इसकी हर्बल चाय भी बनाते हैं।
कमाई कितनी होती है?
इसकी मांग मार्केट में अच्छी रहती है, इसलिए इसका भाव ₹900 से ₹1300 प्रति किलो तक जाता है। एक किसान हर महीने 40 से ₹50,000 तक कमा सकता है, अगर बड़े स्तर पर खेती की जाए तो लाखों की कमाई भी हो सकती है। हाँ, पौधों को तैयार होने में 4–5 साल लगते हैं, इसलिए थोड़ा सब्र ज़रूरी है।




