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किसान कहानी, अनुभव, सफलता

निकरा परियोजना अंतर्गत पशु स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

रतलाम, कृषि विज्ञान केंद्र जावरा (रतलाम) द्वारा निकरा परियोजना अंतर्गत दिनांक 14.09.2021 को पशु स्वास्थ्य शिविर का आयोजन ग्राम सबलगढ़, तहसील पिपलौदा, जिला रतलाम ...

कृत्रिम गर्भाधान: आधुनिक तकनीक से अब होगा सिर्फ बछिया का जन्म

मध्य प्रदेश  मे दुग्ध उत्पादन बढाने के लिए सरकार कृत्रिम गर्भाधान की ऐसी तकनीक लाई है जिससे गाय तथा भैंसों में सिर्फ बछिया या पाडियों का जन्म होगा। इससे मादा पशुओं में वृद्धि के कारण दुग्ध में बढोत्तरी होगी। पशु पालकों की आमदनी दोगुना करने का जो लक्ष्य सरकार लेकर चल रही है वह पशुपालन के जरिए ही पूरा हो सकता है। फिलहाल कृत्रिम गर्भाधान एवं प्राकृतिक गर्भाधान से कई बार बछडे पैदा हो जाते हैं।

सोयाबीन की मिलेगी अच्छी कीमत, इंदौर मंडी में 11 हजार रु. क्विंटल से श्रीगणेश

इंदौर मंडी में सोयाबीन का 11 हजार रु. क्विंटल से श्रीगणेश – इंदौर की छावनी मंडी में इस वर्ष के खरीफ सीजन की सोयाबीन का 31 अगस्त को श्रीगणेश हो गया। तिल्लौर के किसान श्री संतोष ठाकुर की साढ़े तीन क्विंटल सोयाबीन 11 हज़ार रुपए प्रति क्विंटल की दर से बिकी। 11 thousand rupees of soybean in Indore mandi. Beginning from Quintal – Soyabean of this year's Kharif season was started on 31st August in Cantonment Mandi of Indore. Three and a half quintals of soybean of Tillaur farmer Shri Santosh Thakur was sold at the rate of Rs.11 thousand per quintal.

मप्र सरकार ने बढ़ाई मत्स्य पालकों की आर्थिक सहायता

मध्यप्रदेश सरकार ने मछली पालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मछली पालकों के लिए चल रही योजनाओं में दी जाने वाली आर्थिक सहायता में वृद्धि करने के निर्देश दिए हैं |

मध्य प्रदेश के बासमती को मिलेगा जीआई टैग!

एक दशक से अधिक समय से मध्य प्रदेश के 13 जिलों में उगाए जाने वाली बासमती के लिए जीआई टैग प्राप्त करने की कोशिश में लगा है और कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया फैसले से मध्य प्रदेश के बासमती को जीआई टैग मिलने का रास्ता एक बार फिर खुल गया है।For more than a decade, basmati grown in 13 districts of Madhya Pradesh has been trying to get the GI tag and fighting a legal battle. A recent decision of the Supreme Court has once again opened the way for Basmati of Madhya Pradesh to get the GI tag

काटवल (ककोरा,खैंची) की खेती से बैगा परिवारों की आय में हो रहा है ईजाफा

rafi ahmad ansariबालाघाट। काटवल एक जंगली फसल है, जो वर्षा ऋतु में निकलती है। इसका पौधा खेतों में मेढ़ों में एवं जंगली क्षेत्र में ...

करेले की खेती से आदिवासी किसानों ने कमाया पांच गुना मुनाफा

बालाघाट जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र विकासखंड बिरसा में कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के कोर जंगल से लगे बफर जोन क्षेत्र के लगभग 10 ग्रामों के 300 किसानों ने उच्च तकनीकी का उपयोग कर माइक्रो इरीगेशन सिस्टम से जायद ऋतु में हाईब्रीड करेला की खेती कर अन्य किसानों को नई राह दिखाई है। इन किसानों ने कोरोना काल में करेला की खेती कर अन्य परंपरागत फसलों की तुलना में पांच गुना अधिक आय अर्जित की है।

खेतों में पहुंची कृषि वैज्ञानिकों की टीम, किसानों को दी सलाह

सागर, कृषि विज्ञान केन्द्र, सागर के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डा के.एस. यादव के मार्गदर्शन में वैज्ञानिको की टीम ने खुरई एवं मालथोन ब्लाक ...

अमृत महोत्सव कार्यक्रम में सागर KVK में किसानों को दिया गया प्रशिक्षण

सागर, आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत किसानों के लिए खाद्य एवं पोषण विषय पर कृषि विज्ञान केंद्र, सागर में कार्यक्रम का आयोजन किया ...

घर की शोभा बढाने के साथ मच्छरों से निजात दिलाते हैं ये पौधे

मच्छरों को भगाने के लिए केमिकल्स भी इस्तेमाल करते हैं लेकिन वह भी स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए नुकसानकारी है| यदि आप प्राकृतिक रूप से मच्छरों से छुटकारा चाहते हैं तो मॉस्किटो रिप्लीयन्ट प्लांट्स अपने बगीचे में लगाएं। Chemicals are also used to drive away mosquitoes, but that too is harmful to health and the environment. If you want to get rid of mosquitoes naturally, then plant mosquito repellent plants in your garden