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कृषि योजनाएं

वैज्ञानिकों का एक और सफल प्रयोग, अब एक ही पौधे में होगा आलू, टमाटर और बैगन

एक ही पौधे में होगा आलू, टमाटर और बैगन: चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के वैज्ञानिकों ने ऐसे पौधे तैयार किए हैं, जिनमें आलू टमाटर और बैगन एक साथ होंगे। इसके लिए किसी खेत या खलिहान की जरूरत नहीं है। ये घरों की छत पर लगे एक गमले पर ही उग जाएंगे। पौधे की जड़ में आलू होगा तो तने में बैगन व टमाटर लटके होंगे।

ड्रोन को बढावा देने के लिए 127 करोड़ रुपये जारी: केंद्रीय कृषि मंत्री 

किसान ड्रोन प्रोत्साहन: राज्य सभा में प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अब तक प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर किसान ड्रोन प्रोत्साहन के लिए 126.99 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में तोमर ने कहा कि 300 किसान ड्रोन की खरीद और 100 केवीके, 75 आईसीएआर संस्थानों और 25 एसएयू के माध्यम से 75000 हेक्टेयर में किसानों के खेतों पर उनके प्रदर्शन के आयोजन के लिए आईसीएआर को 52.50 करोड़ रुपये जारी किए गए।

नाबार्ड के सहयोग से शुरू करें डेयरी उद्योग, मिलेगी अच्छी सब्सिडी, जानिए पूरी प्रक्रिया 

डेयरी उद्योग अच्छी सब्सिडी: किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रहीं हैं। देश की ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन की अहमियत काफी बढ़ी है। खेती के साथ-साथ इस समय सरकार पशुपालन भी जोर दे रही है, पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं का फायदा उठाकर डेयरी का काम शुरू कर सकते हैं। 

G-20 सम्मेलन: बेहतर भविष्य के लिए टिकाऊ कृषि पद्धति जरूरी: सिंधिया

G-20 conference: केंद्रीय नागरिक उड्डयन और इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जी 20 प्रतिनिधियों को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव में भारत द्वारा जी 20 की अध्यक्षता ग्रहण करना देश के लिए गर्व का स्रोत है।

मप्र सरकार गाय भैंस खरीदने पर देगी 90% राशि, जानिए किसे और कैसे मिलेगा लाभ

मप्र सरकार गाय भैंस खरीदने पर देगी 90% राशि

नैनो यूरिया दिला सकती है 2,500 से 20,000 का नगद ईनाम, जानिए कैसे मिलेगा ईनाम, कहां करें आवेदन

कम इस्तेमाल में नैनो यूरिया लिक्विड फर्टिलाइजर से अधिक उपज हासिल करने में मदद मिल रही है। नैनो यूरिया को उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) 1985 में शामिल किया गया है। करीब 45 किलोग्राम यूरिया की बोरी को नैनो यूरिया की 500 मिली की बोतल के बराबर बताया जाता है, जिसे पानी में मिलाकर फसल पर छिड़का जाता है। इसकी थोड़ी मात्रा ही फसल की उत्पादकता को बढ़ाने और जड़ से लेकर पत्तियों के विकास में अहम रोल अदा कर रही है।

कम पानी में भी हो सकता है धान और गन्ना की फसल, जानिए कैसे!

कम पानी में भी हो सकता है धान और गन्ना: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान बताया कि किसानों को कम पानी में फसलों से बेहतर उपज पाने में केंद्र सरकार पूरा सहयोग दे रही है। इस दिशा में स्मार्ट और माइक्रो सिंचाई को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि आज गन्ना और धान जैसी अधिक पानी की खपत वाली फसलें भी कम पानी में उगाने में खास सफलता मिली है। इस दिशा में हरियाणा ने काफी उल्लेखनीय काम किया है। महाराष्ट्र में भी सूक्ष्म सिंचाई पद्धति खेती में मददगार साबित हो रही है। 

मिलेट्स के उत्पादन एवं प्र-संस्करण से महिला सशक्तिकरण पर कार्यशाला

अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज (मिलेट्स) वर्ष में जी-20 समूह देशों के सम्मेलन की अध्यक्षता भारत द्वारा की जा रही है। इसी परिप्रेक्ष्य में मिलेट्स के उत्पादन एवं प्र-संस्करण से महिला सशक्तिकरण पर दो दिवसीय कार्यशाला का आज केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान भोपाल में शुभारंभ हुआ। केन्द्रीय कृषि महिला संस्थान भुवनेश्वर कार्यशाला के आयोजन में सहभागी हैं।

कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिये जबलपुर में कार्यशाला 

किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने कहा है कि कृषि अधो-संरचना मद (एआईएफ) के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर है। मंत्री श्री पटेल कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिये एमपी फार्म गेट एप तथा आईएएफ अंतर्गत कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर में कार्यशाला में संबोधित कर रहे थे।