खेती किसानी
जानिए प्याज और लहसुन में लगने वाले रोग और कीट और उनके रोकथाम के उपाय
डॉ. एन आर रंगारे दिनेश कुमार कुलदीप डॉ. मनमोहन सिंह भूरिया जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर प्याज एवं लहसुन भारत में उगाई जाने ...
रबी फसलों की बुवाई हेतु किसानों के लिए कृषि वैज्ञानिकों की सलाह
टीकमगढ़। कृषि विज्ञान केंद्र, टीकमगढ़ के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, डॉ. बीएस किरार साथ ही केंद्र के वैज्ञानिकों डॉ. आर.के. प्रजापति, डॉ. एस.के सिंह, ...
गेहूं की खेती: अच्छी उपज के लिए उन्नतशील प्रजातियों का चयन और उर्वरक का सही प्रयोग जरूरी
भारत ने पिछले चार दशकों में गेहूं उत्पादन में उपलब्धि हासिल की है। गेहूं का उत्पादन साल 1964-65 में जहां सिर्फ 12.26 मिलियन टन था, जो बढ़कर साल 2019-20 में 107.18 मिलियन टन के एक ऐतिहासिक उत्पादन शिखर पर पहुंच गया है। भारत की जनसंख्या को खाद्य एवं पोषण सुरक्षा प्रदान करने के लिए गेहूँ के उत्पादन व उत्पादकता में निरन्तर वृद्धि की आवश्यकता है।
चने की उन्नत खेती: जानिए उन्नतिशील प्रजातियां और आवश्यक उर्वरकों की मात्रा
कृषि विज्ञान केन्द्र के ग्वालियर प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ राज सिंह कुशवाह के अनुसार चने की उन्नतिशील प्रजातियां:- RVG-202, RVG-203, RVG -204, पूसा मानव, पूसा पारवती एवं पूसा चिकपी -10216। बुवाई के पूर्व बीज को किसी भी फफूंद नाशक से उपचारित अवश्य करें।
जानिए सरसो की उन्नतशील किस्मों के बारे में, जो अच्छी पैदावार के साथ दिलाएंगी आच्छा मुनाफा
कृषि विज्ञान केन्द्र के ग्वालियर प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ राज सिंह कुशवाह के अनुसार RH -725, RH - 749 एवं गिर्राज ये तीनों किस्में उपयुक्त है। लगभग 20 से 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन क्षमता है। रोगों के प्रति सहनशील हैं। बुवाई के पूर्व बीज को उपचारित अवश्य करें।
फूलगोभी की खेती किसानों को कर सकती है मालामाल, जानिए उन्नत किस्में और खेती की विधि
फूलगोभी की खेती किसान हर एक सीजन में कर सकते हैं। वहीं लोगों के द्वारा फूल गोभी का इस्तेमाल सब्जी, सूप और आचार आदि बनाने के लिए किया जाता है। क्योंकि इस सब्जी में विटामिन-बी की मात्रा के साथ प्रोटीन भी अन्य सब्जियों से कहीं अधिक पाया जाता है। यही वजह है कि बाजार में मांग हमेशा बनी रहती है। वहीं फूलगोभी की खेती के लिए ठंडी और आद्र्र जलवायु आवश्यक होती है। ध्यान रहे कि फूलगोभी की फसल में रोग लगने की संभावना सबसे अधिक होती है।
मोटे अनाज की उन्नत किस्में, जो किसानों का दिल सकती हैं मोटा फायदा
भारत में इन दिनों मिलेट्स के उत्पादन और इसकी खपत को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत देश की अलग-अलग संस्थानों के द्वारा मिलेट्स को लेकर कई तरह के कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। इन कायक्रम का मुख्य उद्देश्य यह है कि मोटे अनाजों की खपत में बढ़ोतरी हो सके और इसकी पोषण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वहीं खरीफ फसलों में श्री अन्न एक महत्वपूर्ण फसल है। इसमें पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा तो होती ही है और साथ ही देश के किसान कम वर्षा वाले स्थान से भी इसकी अच्छी उपज प्राप्त कर सकते हैं।
रंग लाई वैज्ञानिकों की मेहनत, अब एक ही पौधे से बैगन, टमाटर और मिर्च की फसल होगी प्राप्त
भोपाल। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान ने एक ऐसी फसल तैयार किया है जिसमें एक ही पौधे में से बैंगन, टमाटर और मिर्च की फसल ...
राजमा की खेती किसानों को कर सकती है मालामाल, जानिए कैसे करें खेती और उन्नत बीज
भारत में राजमा की डिमांड काफी ज्यादा है, जो कई व्यंजनों में इस्तेमाल होता है। भारत में सबसे ज्यादा मशहूर हिमालयन रीजन में उगने वाला राजमा है, जिसके निर्यात देशभर में किया जाता है। ऐसे में यह किसानों के लिए काफी बढ़िया खेती का विकल्प हो सकता है। राजमा एक प्रकार की दाल है, जिसमें कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं। राजमा में एंटी-ऑक्सिडेंट्स, फाइबर, आयरन, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, सोडियम और कई प्रकार के पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।
आलू की सहफसली खेती से बंपर कमाई कर सकते हैं किसान, जानिए कैसे
आलू एक सदाबहार सब्जी होती है। किसान इसकी खेती काफी बड़े मात्रा में कर अच्छा मुनाफा कमाते हैं। किसान आलू के बेहतर उत्पादन के लिए सहफसली तरीके से खेती करते हैं, इससे आलू के पौधों को दूसरी फसल से सुरक्षा मिल जाती है और उनका उत्पादन भी बढ़िया हो जाता है।




