bhavtarini.com
खेत को पानी-फसल को दाम, सरसों सत्याग्रह हेतु राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
शशिकान्त सिंहजयपुर, राजस्थान, “खेत को पानी-फसल को दाम” के अंतर्गत 6 अप्रैल को जंतर मंतर नई दिल्ली पर सरसों सत्याग्रह के क्रम में 101 ...
आदिवासी किसानों के साथ मोटे अनाज की खेती पर कार्यक्रम
शशिकान्त सिंहसाहबगंज/झारखण्ड, नमामि गंगे जागरुकता कार्यक्रम के तहत हैस्को संस्थान देहरादून के द्वारा आदिवासियों किसान के साथ मोटे अनाज की खेती जैसे कोदो मडुआ ...
समर्थन मूल्य पर चना, मसूर, राई एवं सरसों का उपार्जन 25 मार्च से
भोपाल, शासन द्वारा रबी वर्ष 2022-23 (विपणन वर्ष 2023-24) की उपज चना, मसूर, राई एवं सरसों का समर्थन मूल्य पर उपार्जन 25 मार्च से ...
बारिश-ओला वृष्टि: राहत राशि के साथ फसल बीमा योजना का का भी मिलेगा लाभ
मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री ने कहा है कि ओलावृष्टि से निर्मित संकट में राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है। किसानों को तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाएगी, मुख्य मंत्री ने कहा कि ओलावृष्टि से प्रभावित जिलों में सर्वे का कार्य आरंभ कर दिया गया है। एक सप्ताह में सर्वे कार्य पूर्ण कर किसानों को तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाएगी। सर्वे के लिए राजस्व, कृषि और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभागों के संयुक्त दल गठित किए गए हैं।
घर बैठे होगा पशुओं का उपचार, एक फोन पर पहुंचेगा अस्पताल
बीमार पशुओं तक चिकित्सा सुविधा पहुँचाने के लिए भोपाल में 406 पशु चिकित्सा इकाई (पशु एंबुलेंस) तैयार करने की कार्यवाही शुरू की जा चुकी है। इन पशु ऐंबुलेंस में पशुओं के उपचार के लिए सभी आवश्यक सामग्री उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि अप्रैल से यह व्यवस्था शुरू करने के प्रयास किये जा रहे है।
पालतू कुत्ते, बिल्ली, गाय, भैंस का कराना होगा रजिस्ट्रेशन, लगेगा सालाना शुल्क
नगरीय विकास और आवास विभाग ने यह व्यवस्था मध्यप्रदेश नगरपालिका (रजिस्ट्रीकरण तथा आवारा पशुओं का नियंत्रण) नियम 2023 में की है। नियमों में कहा गया है कि शहरी क्षेत्र में रहने वाले हर पशु को माइक्रो चिप, टैग अथवा किसी अन्य संसाधन से एक ब्रांडिंग कोड दिया जाएगा। इसमें पशुओं की श्रेणी में श्वान, बैल, घोड़ा, सुअर, ऊंट, खच्चर, बकरी, भेड़ या अन्य पशु शामिल हो सकते हैं। नियम के अनुसार एक साल बाद रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण कराना होगा। ऐसा नहीं करने पर प्रतिदिन रजिस्ट्रेशन शुल्क के 10 प्रतिशत की दर से पैनाल्टी लगेगी।
प्राचीन भारतीय साहित्य में मिलता है मोटे अनाज का वर्णन, जानिए किस किस ग्रंथ में है उल्लेख
प्राचीन भारतीय साहित्य में मोटा अनाज: मोटे अनाज को प्रचलन में लाने के लिए सरकार द्वारा प्रचार प्रसार किया जा रहा है। लोगों को इसके प्रति जागरूक किया रहा है। मोटा अनाज भारत में काल से चलता आ रहा है। लेकिन समय के साथ लोग मोटे आनाज को भूलते गए और हमारी थाली से गायब हो गया। जबकि मोटे अनाज का वर्णन हमारे प्रचीन साहित्यों में भी मिलता है। साल 2023 को अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष के तौर पर मनाया जा रहा है।
बहुउपयोगी बांस, किसानों के लिए खास, कर सकते हैं अच्छी कमाई, जानिए कैसे
बेहद उपयोगी फसल बांस: पूर्वोत्तर भारत में किसान भाई इस फसल का प्रयोग अपनी आजीविका चलाने के लिए करते हैं। हालांकि देश के अन्य हिस्से में भी बांस की बुवाई होती है। बांस सीढ़ी बनाने के अलावा कई अन्य कामो में प्रयोग में आता है। लेकिन बांस के अन्य लाभ भी हैं। इसकी खासियत एक यह भी है कि ये लंबे समय तक पानी को ठंडा रखता है।
बंजर भूमि में करें लाल चंदन की खेती तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय ने तैयार की नई किस्म
लाल चंदन की खेती: तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय ने फॉरेस्ट कॉलेज एंड रिसर्च में अत्यधिक लाभकारी लाल सैंडर्स के पौधे तैयार किए हैं। यह राज्य के विशेष कृषि बजट में परिकल्पित बंजर और शुष्क भूमि में खेती को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
किसानों के लिए मार्च का महीना महत्वपूर्ण, जानें अच्छे लाभ के लिए इस महीने में कौन सी फसल लगाएं
मार्च महीने की खेती: मार्च माह सब्जी की खेती करने वाले किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। मार्च माह के मौसम को कई मुख्य सब्जी लगाने के लिए यह समय उपयुक्त माना जाता है। बाजार में अच्छे दाम मिल सके, इसलिए मार्च में कई सब्जियों की बुवाई की जाती है। इस समय का मौसम जायद की फसल बुवाई के लिए अनुकूल माना जाता है। यदि किसान मार्च माह में बोई जाने वाली खेती करें तो अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।




