bhavtarini.com
जलीय जीवों की गणना के लिए चंबल में उतरी सर्वे टीम, 21 फरवरी तक चलेगा सर्वे
जलीय जीवों की गणना: चंबल नदी में पल रहे घडियालों का कुनबा इस साल घटा है या बढ़ा। मगरमच्छ सहित अन्य जलीय जीवों की संख्या में कितनी बढोत्तरी हुई है। अब इसका पता जल्द चल जाएगा। कारण यह है कि चंबल नदी में जलीय जीवों की गणना शुरू हो गई है। इसकी शुरूआत 9 फरवरी चंबल नदी के पाली घाट से हुई थी। जलीय जीवों की गणना चंबल नदी के चकरनगर घाट तक होगी
18 को कूनों में आएंगे 12 चीते, चार सदस्यीय दल अफ्रीका रवाना
12 चीता 18 फरवरी को भारत आ जाएंगे: दक्षिण अफ्रीका से 12 चीता 18 फरवरी को भारत आ जाएंगे। इन्हें लेने के लिए आइजी एनटीसीए अमित मलिक के नेतृत्व में एक चार सदस्यीय दल दिल्ली से दक्षिण अफ्रीका के लिए रवाना हो गया है। दक्षिण अफ्रीका पहुंचने के बाद दल सदस्य फिंडा और रुइबर्ग क्षेत्र में क्वारंटीन कर रखे गए चीतों को देखेगा और जरूरी परीक्षण कराएगा। इसके बाद इनको लाने की तैयारियों को अंतिम रूप प्रदान करेगा। जिसमें इनको क्वारंटीन बाड़ों से कैज आदि में बंद कर एयरपोर्ट तक पहुंचाना शामिल है।
नैनो यूरिया दिला सकती है 2,500 से 20,000 का नगद ईनाम, जानिए कैसे मिलेगा ईनाम, कहां करें आवेदन
कम इस्तेमाल में नैनो यूरिया लिक्विड फर्टिलाइजर से अधिक उपज हासिल करने में मदद मिल रही है। नैनो यूरिया को उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) 1985 में शामिल किया गया है। करीब 45 किलोग्राम यूरिया की बोरी को नैनो यूरिया की 500 मिली की बोतल के बराबर बताया जाता है, जिसे पानी में मिलाकर फसल पर छिड़का जाता है। इसकी थोड़ी मात्रा ही फसल की उत्पादकता को बढ़ाने और जड़ से लेकर पत्तियों के विकास में अहम रोल अदा कर रही है।
कम पानी में भी हो सकता है धान और गन्ना की फसल, जानिए कैसे!
कम पानी में भी हो सकता है धान और गन्ना: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान बताया कि किसानों को कम पानी में फसलों से बेहतर उपज पाने में केंद्र सरकार पूरा सहयोग दे रही है। इस दिशा में स्मार्ट और माइक्रो सिंचाई को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि आज गन्ना और धान जैसी अधिक पानी की खपत वाली फसलें भी कम पानी में उगाने में खास सफलता मिली है। इस दिशा में हरियाणा ने काफी उल्लेखनीय काम किया है। महाराष्ट्र में भी सूक्ष्म सिंचाई पद्धति खेती में मददगार साबित हो रही है।
घर में लगाएं ये पौधे, सकारात्मक ऊर्जा के साथ आयेगी आर्थिक सम्पन्नता, जानिए इन पौधों के बारे में
वास्तु शास्त्र में पौधों और फूल से जुड़े भी कुछ नियम बनाए हैं। वास्तु में कुछ ऐसे पेड़-पौधे बताए गए हैं जिन्हें लगाने से घर में सुख-समृद्धि आती है। इनके सकारात्मक प्रभाव से घर के सदस्य तरक्की करते हैं।
लहरी बाई, मोटे अनाज के अनमोल खजाने की मालकिन, जिनके पीएम मोदी भी हुए मुरीद
लहरी बाई, मोटे अनाज के अनमोल खजाने की मालकिन: मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा मिलेट्स उत्पादक जिला डिंडौरी है। जिले के सिलपीड़ी गांव में रहतीं हैं लहरी बाई, जो आज पूरे देश में चर्चा का विषय बनीं हैं। ये गांव जिला मुख्यालय से करीब 60 किमी दूर है। लहरी बाई की उम्र 27 साल हैं। लहरी बाई के पास मोटे अनाज की उन किस्मों के बीज हैं, जो विलुप्तप्राय हो चुके हैं।
भारतीय पशु कल्याण बोर्ड की अपील, वैलेंटाइन्स डे पर गाय को गले लगाएं, मनाएं ‘Cow Hug Day’
वैलेंटाइन्स डे पर गाय को गले लगाएं, मनाएं 'Cow Hug Day': वैलेंटाइन्स डे का खुमार रहता है। इस दिन प्रेमी जोड़े एक दूसरे से प्रेम का इजहार करते हैं। पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत में भी लोग इसे लेकर उत्साहित रहते हैं। लेकिन भारत में अब इस दिन को खास तरीके से मनाया जाएगा।
मिलेट्स के उत्पादन एवं प्र-संस्करण से महिला सशक्तिकरण पर कार्यशाला
अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज (मिलेट्स) वर्ष में जी-20 समूह देशों के सम्मेलन की अध्यक्षता भारत द्वारा की जा रही है। इसी परिप्रेक्ष्य में मिलेट्स के उत्पादन एवं प्र-संस्करण से महिला सशक्तिकरण पर दो दिवसीय कार्यशाला का आज केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान भोपाल में शुभारंभ हुआ। केन्द्रीय कृषि महिला संस्थान भुवनेश्वर कार्यशाला के आयोजन में सहभागी हैं।
कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिये जबलपुर में कार्यशाला
किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने कहा है कि कृषि अधो-संरचना मद (एआईएफ) के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर है। मंत्री श्री पटेल कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिये एमपी फार्म गेट एप तथा आईएएफ अंतर्गत कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर में कार्यशाला में संबोधित कर रहे थे।




