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किसानों के अनुभव

दिल्ली के मुगल गार्डन का बदला नाम, अब होगा अमृत उद्यान

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अब मुगल गार्डन का नाम बदलकर अमृत उद्यान कर दिया गया है। जिसका उद्घाटन देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 29 जनवरी को किया जाएगा।

हरी खाद: नष्ट होती मिट्टी की उपजाऊ क्षमता रोकने के लिए जरूरी, जानिए हरी खाद के लाभ

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कृषि क्षेत्र में मशीनीकरण, रासायनिक उर्वरकों और खरपतवार नाशकों, कीटनाशकों और फफूंदनाशकों का अंधाधुंध उपयोग किया जाने लगा। सघन कृषि पद्धति एवं असंतुलित रासायनिक खादों के प्रयोग के कारण मिट्टी की उपजाऊ क्षमता दिन-ब-दिन नष्ट होती जा रही है, जिसे गोबर खाद/कम्पोस्ट खाद/हरी खाद से ही रोका जा सकता है

पानी के पहरेदार, जखनी के जल योद्धा, उमाशंकर पांडेय को पद्मश्री सम्मान

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लखनउ, बुंदेलखंड के लिए गौरव, पानी के पहरेदार जखनी गांव के जल योद्धा उमाशंकर पांडेय को भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया है। ...

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित हुए देश के 4 किसान, जानिए इनके बारे में

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इस साल भी कृषि क्षेत्र में अपने विचारों से बदलाव लाने वाले किसानों को सरकार ने पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया है। इन किसानों में हिमाचल प्रदेश के नेकराम शर्मा, उड़ीसा के पटायत साहू, केरल के चेरुवयल रामन और सिक्कम के 98 वर्षीय किसान तुला राम उप्रेती शामिल हैं।

गणतंत्र दिवस परेड मेंअंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष 2023 परआधारित ICAR की झांकी ने मोहा लोगों का मन

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गणतंत्र दिवस परेड में मिलेट ईयर 2023 'पोषण का उत्सव' पर  ICAR द्वारा बनाई गई झांकी का प्रदर्शन, इस दौरान मिलेट्स की खेती व उसके सेवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण जानकारीयों के बारी में बताया गया। मिलेट्स की इस झांकी में इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट के लिए चिन्हित मोटे अनाज ज्वार, बाजरा, रागी, कुटकी, कंगनी और सावां की फसल को बेहद खूबसूरत तरीके से दिखाया गया है

Weather Forecast: मप्र सहित कई राज्यों में हो सकती है और बारिश ओला गिरने की भी संभावना

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पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने के चलते 24 जनवरी से 27 जनवरी तक उत्तर भारत में आंधी-बारिश का दौर रहने की संभावना है, इसको लेकर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग की माने तो 24 से 26 जनवरी के दौरान यह अपने चरम पर रहेगा

पद्मश्री बाबूलाल दहिया ने घर पर बनाया पुराने देसी कृषि यंत्रों का म्यूजियम, जानिए क्या है खास

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सतना में एक ऐसा म्यूजियम, जहां कई साल पुराने उपकरण मौजूद हैं। इसमें भारत के उस दौर के उपकरण मौजूद हैं, जो हमारे देश की संस्कृति को दर्शाते हैं। इसमें ऐसे उपकरण भी हैं जो पुराने जमाने में रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल हुआ करता थे

कृषि वैज्ञानिकों ने बताया रबी फसलों में कैसे लें अच्छा उत्पादन

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गेंहू मे यूरिया का उपयोग सिंचाई उपरान्त ही करे,

प्राकृतिक खेती पद्धति से ही सुधर सकता है मिटटी का स्वास्थ्य

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मृदा में कार्बनिक कार्बन, सूक्ष्म जीवों एवं देशी केंचुओं की संख्या मंे कमी होने से मृदा स्वास्थ्य खराब हो रही है। अतः प्राकृतिक खेती पद्धति अपनाकर मृदा स्वास्थ्य सुधारा जा सकता है

स्वस्थ भूमि और स्वस्थ शरीर के लिए प्राकृतिक खेती जरूरी

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टीकमगढ़, कृषि विज्ञान केंद्र टीकमगढ़ ने विगत दिवस को गाँव मुहारा, जतारा में किसानों / महिलाओं को प्राकृतिक खेती पर डॉ. बी.एस. किरार – ...