Search ई-पेपर ई-पेपर WhatsApp

खेती किसानी

गन्ने में खरपतवार प्रबंधन हेतु क्या करें किसान : डॉ के एम सिंह

डॉ शशिकान्त सिंहनानपारा। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या के कुलपति प्रो.बिजेंद्र सिंह एवं निदेशक प्रसार प्रो.ए पी राव के कुशल ...

ब्लॉक स्तरीय कृषक गोष्ठी में वैज्ञानिकों ने बताया धान की सीधी बुवाई के लाभ

डॉ शशिकान्त सिंहबहराइच। डॉ. रेड्डीज फाउंडेशन व कोर्टेवा एग्रीसाइंस के संयुक्त प्रयास से  ब्लॉक स्तरीय कृषक गोष्ठी का आयोजन  फखरपुर ब्लॉक में आयोजित किया ...

वैज्ञानिकों ने बताया कैसे करें पौधों में कीट का नियंत्रण

शशिकान्त सिंहबहराइच। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या माननीय कुलपति डॉ बिजेन्द्र सिंह एवं निदेशक प्रसार डॉ ए पी राव के ...

किसानों के लिए मार्च का महीना महत्वपूर्ण, जानें अच्छे लाभ के लिए इस महीने में कौन सी फसल लगाएं

मार्च महीने की खेती: मार्च माह सब्जी की खेती करने वाले किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। मार्च माह के मौसम को कई मुख्य सब्जी लगाने के लिए यह समय उपयुक्त माना जाता है। बाजार में अच्छे दाम मिल सके, इसलिए मार्च में कई सब्जियों की बुवाई की जाती है। इस समय का मौसम जायद की फसल बुवाई के लिए अनुकूल माना जाता है। यदि किसान मार्च माह में बोई जाने वाली खेती करें तो अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

वैज्ञानिकों ने विकसित की मक्के की दो नई किस्म, जानिए नई किस्मों के फायदे

मक्के की दो नई किस्म: भारतीय कृषि अनसंधान परिषद (आईसीएआर) ने देश का पहला प्रोविटामिन- ए समृध्द मक्का बायोफोर्टीफाइड (जैवसंवर्धित) किस्मों को रिलीज किया हैं। बायोफोर्टीफाइड मक्के की नई किस्मों का नाम ‘पूसा विवेक क्यूपीएम 9 उन्नत’ और ‘पूसा एचक्यूपीएम 5 उन्नत’ हैं। 

किसानों के लिए फायदेमंद हो सकती है शकरकंद की खेती, जानिए खेती की विधि

शकरकन्द एक बारामासी बेल है, जिसके लोंब या दिल के आकर वाले पत्ते होते है। शकरकन्द के स्वाद में मौजूद मिठास की वजह से आम धारणा है कि उसमें शर्करा भरपूर होती है जबकि वैज्ञानिक तथ्य इसके बिल्कुल विपरीत हैं। सच्चाई ये है कि शकरकन्द में स्टार्च की मात्रा बहुत ज़्यादा होती है। इसकी वजह से ही इसका स्वाद ख़ूब मीठा होता है। शकरकन्द को पोषक तत्वों का ख़ज़ाना माना जाता है, इसीलिए परम्परागत तौर पर उपवास के दिनों में इसका फलहार की तरह सेवन किया जाता है।

किसानों को मालामाल कर सकती है अश्वगंधा की खेती, जानिए कैसे करें

भोपाल, अश्वगंधा चने की खेती से बेहतर है। छह महीने में इसकी फसल तैयार हो जाती है। एक एकड़ में किसान अश्वगंधा की खेती ...

वैज्ञानिकों तैयार की शिमला मिर्च की नई प्रजाति, होगी ढाई गुना पैदावार

हाइब्रिड शिमला 562 बीज से होगी ढाई गुना पैदावार: किसानों की आय बढाने के प्रयास में लगातार हमारे देश के वैज्ञानिक जुटे हुए हैं। इसी कडी में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान शिमला ने पहाड़ी राज्यों के लिए शिमला फसल का ऐसा ही बीज तैयार किया है। इस बीज की उपज कर किसान ढाई गुना तक पैदावार पा सकते हैं।