खेती किसानी
देसी आलू की खेती किसानों को दे सकती है डबल मुनाफा, जानिए कैसे करें और बीज के बारे में
भोपाल, आलू की खेती से किसान भाइयों को अच्छा मुनाफा प्राप्त होता है। अगर आप भी आलू की खेती से कम समय में डबल ...
अच्छे उत्पादन के लिए करें पूसा 28 सरसों की खेती
भोपाल, देश में रबी सीजन की फसलों की बुवाई का समय शुरू हो चुका है। ऐसे में किसान अपने खेत में रबी सीजन की ऐसी ...
वैज्ञानिक तरीके से करें चने की खेती, होगा अच्छा उत्पादन, जानिए उन्नत किस्में
भोपाल, चने की खेती पूरे भारत में होती है। अगर किसान चने की खेती वैज्ञानिक तरीके से करें तो वे अच्छी कमाई कर सकते ...
गेहूं का ऐसा बीज, जो कम खाद पानी में देगा अच्छा उत्पादन, भीषण गर्मी झेलने में भी सक्षम
कानपुर, आईआईटी कानपुर इंक्यूबेटेड कंपनी एलसीबी फर्टिलाइजर ने गेहूं का नैनो कोटेड पार्टिकल सीड तैयार किया है। इसे बोने के बाद 35 दिनों तक ...
धान की फसल पर ब्लास्ट रोग प्रबन्धन पर प्रक्षेत्र दिवस आयोजित
ग्वालियर, कृषि विज्ञान केन्द्र, ग्वालियर द्वारा दिनांक 13/10/2022 को ‘भितरवार ब्लॉक के ग्राम निकोड़ी में प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया। जिले मे खरीफ ...
विश्व खाद्य दिवस पर किसानों को बताया पोषण वाटिका से कैसे दूर करें कुपोषण
टीकमगढ़, कृषि विज्ञान केन्द्र टीकमगढ़ (म.प्र.) द्वारा ग्राम नारायणपुरा में विष्व खाद्य दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में केन्द्र के वरिष्ठ ...
जलवायु अनुकूलन कृषि कार्यशाला का आयोजन
पन्ना, दिनांक 14 अक्टूबर 2022 को कृषि विज्ञान केन्द्र पन्ना एवं रिलायंश फाण्डेशन द्वारा संयुक्त रूप से जलवायु अनूकूलन कृषि कार्यशाला का आयोजन किया ...
किसानों को मालामाल कर सकती है सरसों की खेती जानिए कैसे
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के वैज्ञानिकों ने सरसों की नई किस्मों आरएच-1424 और आरएच 1706 इजाद की है, जो बढिया क्वालिटी के तेल के साथ-साथ सेहत को बेमिसाल फायदे प्रदान करती हैं। यह प्रजातियाँ उत्पादन में दूसरी किस्मों से काफी ज्यादा है तथा इसमें तेल की मात्रा 40 प्रतिशत तक
मौसम आधारित गेहूँ की खेती, जानिए कैसे लें अच्छा उत्पादन
राजेश खवसेकृषि विज्ञान केंद्र, दमोह पिछले कुछ वर्षों में मौसम के उतार-चढ़ाव का असर खेती पर भी पड़ा है, ऐसे में गेहूँ की फसल ...
सरसो की खेती में कैसे हो ज्यादा उत्पादन, जानिए तरीका
सरसों की फसल तिलहन की फसल है और इसमें सीमित सिंचाई की जरुरत होती है इसलिए इसकी खेती करना दूसरी फसलों के मुकाबले आसान होता है




