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नीमास्त्र: फसल का रक्षक, जानिए कैसे बनाएं और प्रयोग का तरीका

भोपाल, जैसा कि हम लोग जानते हैं कि नीम हमारे जीवन मे महत्वपूर्ण स्थान रखती है। नीम का कई तरह  से प्रयोग किया जाता। ...

मोटे अनाज को बढ़ावा देने सड़क पर उतरे कलेक्टर-विधायक, निकाली जागरूकता रैली 

रैली को विधायक नीना वर्मा , कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया । इस मौके पर विधायक वर्मा ने कहा कि मिलेट फसलों को बढ़ावा देने तथा जिले में ज्वार फसल को लगाने के लिए कृषक भाईयो को प्रेरित करें एवं श्री अन्न अंतर्गत आने वाली फसलों के महत्व को आम जन को बताएं । कलेक्टर श्री मिश्रा ने जिले के कृषकों को पोषक तत्वों के भण्डार माने जाने वाले पोषक अनाज को खरीफ सीजन में अधिक से अधिक उगाये जाने की अपील की।

‘ब्रम्हास्त्र’ फसलों को रोगों से बचाए और फायदा दिलाए, जानिए कैसे घर पर ही बनाएं 

केमिकल वाली खेती में उत्पादन तो बढ जाता है, लेकिन उत्पादित फसल सेहत को कितना नुकसान पहुंचा रही है इसका आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं। सरकार द्वारा प्राकृतिक और जैविक खेती को बढावा देने के लिए चालाए जा रहे अभियान से लोगों किसानों में जागरूकता आ रही है और वो प्राकृतिक और जैविक खेती की तरफ बढ रहे हैं।

मधुमक्खी पालन से किसानों को होगा डबल फायदा, जानिए कैसे ?

हमारे जीवन में मधु अर्थात शहद का बडा महत्व है। शहद मधुमक्खियों से प्राप्त होता है। कुछ कीट ऐसे होते हैं जो फसलों को हानि पहुंचाते हैं और उनसे फसलों का बचाव ज़रूरी है, मगर कुछ कीट ऐसे हैं जो फसलों की वृद्धि और अच्छी गुणवत्ता के लिए ज़रूरी है। ऐसे कीटों में तितली और मधुमक्खी आदि शामिल है। ये परागण का निर्माण करते हैं।

बकरी पालन किसानों के लिए फायदेमंद, सरकार दे रही 40 से 60% तक अनुदान

मध्य प्रदेश शासन द्वारा बैंक ऋण एवं अनुदान पर बकरी इकाई योजना संचालित है। इसमें हितग्राही को 10 बकरी और एक बकरा दिया जाता है। इकाई की लागत 77 हजार 456 रूपये है। सामान्य वर्ग के हितग्राही को इकाई लागत का 40 प्रतिशत और अनुसूचित जाति-जनजाति को इकाई लागत का 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।

किसानों को कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापित करने हेतु ऑन लाइन आवेदन आमंत्रित, जानें पूरी प्रक्रिया

कृषकों को कृषि फसलों हेतु किराए पर ट्रैक्टर और यंत्र उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से बैंक ऋण आधार पर कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापित करने के इच्छुक व्यक्तियों से ऑन लाइन आवेदन पत्र संचालनालय, कृषि अभियांत्रिकी  के पोर्टल www.chc.mpdage.org के माध्यम से आमंत्रित किए गए हैं।

देश में बढी रीवा-सतना के गेहूं की मांग

पिछले सीजन में रीवा से कर्नाटक राज्य को 26सौ क्विंटल गेहूं भेजा गया था। जबकि हाल ही में तेलंगाना, कर्नाटक, बिहार एवं उड़ीसा से डिमांड आई है। जिसके बाद रीवा एवं सतना जिले से प्रतिदिन साढ़े 12 हजार एमटी गेहूं भेजा जा रहा है। इसके अलावा उत्तरप्रदेश के बनारस से भी रीवा के गेहूं की डिमांड आई है जिसे भेजा जा रहा है।

पशुओं में मुँहपका और खुरपका टीकाकरण के द्वितीय चरण में भी मप्र देश में आगे

पशुओं में मुँहपका और खुरपका (फूट माउथ डिसीज़) टीकाकरण के द्वितीय चरण में भी मध्यप्रदेश देश में सर्वप्रथम है। प्रदेश ने निर्धारित अवधि से पूर्व 15 फरवरी 2023 को 2 करोड़ 7 लाख 68 हजार गौ-भैंस वंशीय पशुओं का टीकाकरण पूर्ण कर लिया, जो देश में सर्वाधिक है।

उद्यानिकी कमिश्नर ने देखी बालाघाट में बैगा आदिवासियों की हाइटेक करेला की खेती

जनजातीय बाहुल बिरसा विकासखंड के ग्राम बासिनखार बैगा टोला पहुँच कर करेला खेती को देखा। वे खेती से प्रभावित हुए। उन्होंने ग्रामीणों को अन्य सब्जियों की पैदावार लेने की सलाह दी। कमिश्नर ने बताया कि बालाघाट जिले में काजू उत्पादन की काफी अच्छी संभावनाएँ हैं। इसका लाभ जनजातीय किसानों को लेना चाहिए। उन्होंने खाली पड़ी जमीन पर काजू के पौधे लगाने की सलाह दी। 

डेयरी सेक्टर में 70% से अधिक  महिलाओं की भागीदारी, खुशी की बात: राष्ट्रपति मुर्मु  

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत में डेयरी उद्योग के प्रबंधन में नारी-शक्ति अहम भूमिका निभा रही हैं। डेयरी सेक्टर में 70 प्रतिशत से अधिक भागीदारी महिलाओं की है। बहुत खुशी की बात है कि आज डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में एक-तिहाई से अधिक लड़कियां हैं